10 मार्च 2026, भारतीय Stock Market में जोरदार रिकवरी: भारतीय शेयर बाजार ने पिछले दो दिनों की भारी गिरावट (लगभग 3%) के बाद आज (10 मार्च 2026) जोरदार रिकवरी दिखाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई, जिसने निवेशकों में राहत की लहर दौड़ाई। BSE Sensex 639.82 अंक (0.82%) बढ़कर 78,205.98 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 233.55 अंक (0.97%) उछलकर 24,261.60 पर पहुंचा। इंट्राडे में Sensex 960 अंक तक चढ़ा था। बाजार में यह राहत मुख्य रूप से Brent क्रूड में 9.03% की गिरावट ( $90.26 प्रति बैरल पर) से आई, जो युद्ध के कारण पहले $100+ पर पहुंच गया था। यह रिकवरी वैश्विक बाजारों की सकारात्मकता और भू-राजनीतिक तनाव में कमी की उम्मीद पर आधारित है।
बाजार की पिछली गिरावट और आज का उछाल पिछले दो सत्रों (8-9 मार्च) में बाजार में भारी बिकवाली हुई थी। सोमवार (9 मार्च) को Sensex 1,352.74 अंक (1.71%) गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 422.40 अंक (1.73%) टूटकर 24,028.05 पर आया। इंट्राडे में Sensex 2,494 अंक और Nifty 752 अंक तक गिरे थे। कारण था ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल—Brent $119.50 तक पहुंच गया था, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश में महंगाई और आर्थिक दबाव की आशंका बढ़ी। FII ने भी भारी बिकवाली की, और India VIX (फियर इंडेक्स) 21 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
आज बाजार ने उलटफेर किया। सुबह खुले ही Sensex 580+ अंक और Nifty 150+ अंक ऊपर थे। दिन भर में गेन बढ़ता गया और बंद पर Sensex 78,205.98 और Nifty 24,261.60 पर। यह रिकवरी वैश्विक स्तर पर हुई—एशियाई और यूरोपीय बाजार भी हरे निशान में रहे, जबकि अमेरिकी बाजारों में सोमवार को लेट रैली आई थी।
कच्चे तेल में गिरावट का मुख्य कारण बाजार की राहत का सबसे बड़ा ट्रिगर ट्रंप के बयान थे। ट्रंप ने CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ जंग “बहुत जल्दी” खत्म हो सकती है और “बहुत पूरी हो चुकी है”। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में तेल सप्लाई रोकने पर “20 गुना ज्यादा हमला” की धमकी भी दी, लेकिन कुल मिलाकर बाजार ने इसे डी-एस्केलेशन सिग्नल माना।
Brent क्रूड 9.03% गिरकर $90.26 पर आ गया (2022 के बाद सबसे बड़ी एकदिन गिरावट)। WTI क्रूड भी 10% तक नीचे आया। इससे पहले युद्ध के कारण सप्लाई डिसरप्शन की आशंका से तेल $100+ पर था। भारत, जो अपनी 80-85% तेल जरूरत आयात करता है, को इससे सीधा फायदा—महंगाई पर दबाव कम, रुपये में स्थिरता (रुपया 91.30 के आसपास) और FII की वापसी की उम्मीद।
सेक्टोरल और स्टॉक परफॉर्मेंस रिकवरी में बैंकिंग, फाइनेंशियल, ऑटो और एविएशन सेक्टर प्रमुख रहे:
- Nifty Bank 1.66% ऊपर (56,950 पर)
- Shriram Finance 7.67% उछला (टॉप गेनर)
- Interglobe Aviation (IndiGo) 4%+ ऊपर
- Mahindra & Mahindra, Larsen & Toubro, NTPC 2-3% चढ़े
ऑयल एंड गैस सेक्टर में गिरावट रही—RIL, ONGC 2-3% नीचे, क्योंकि तेल सस्ता होने से मार्जिन पर असर। IT और FMCG में मिश्रित प्रदर्शन। कुल मिलाकर, बाजार में ब्रॉड-बेस्ड खरीदारी दिखी, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप भी मजबूत रहे।
विश्लेषकों की राय और आगे का आउटलुक विश्लेषकों का कहना है कि यह “रिलीफ रैली” है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। Motilal Oswal के सिद्धार्थ खेमका ने कहा, “ट्रंप के बयान से तेल सप्लाई की चिंता कम हुई, लेकिन युद्ध की लंबाई पर नजर रखनी होगी।” Enrich Money के CEO Ponmudi R ने कहा कि ग्लोबल सेंटिमेंट सुधरा है, लेकिन वेस्ट एशिया में कोई नया विकास बाजार को फिर हिला सकता है।
Wood Mackenzie ने चेतावनी दी कि अगर गल्फ में सप्लाई 15 मिलियन बैरल/दिन कटती रही तो तेल $150 तक जा सकता है। इसलिए, बाजार में वोलेटिलिटी बनी रहेगी। निवेशकों को सलाह है कि लॉन्ग-टर्म होल्डिंग पर फोकस करें और शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से बचें।
आज का बाजार उछाल युद्ध से राहत की उम्मीद और तेल गिरावट का नतीजा है। Sensex-Nifty की रिकवरी निवेशकों के विश्वास को बहाल करती है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम अभी खत्म नहीं हुए। भारत जैसे देशों के लिए तेल कीमतें महत्वपूर्ण हैं—अगर जंग जल्द खत्म हुई तो महंगाई नियंत्रण में रहेगी, वरना फिर गिरावट आ सकती है। बाजार अब वेस्ट एशिया के अगले अपडेट्स पर नजर रख रहा है।
Sources: टाइम्स ऑफ़ इंडिया