10 मार्च 2026, Nitish Kumar की ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण शुरू: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज (10 मार्च 2026) से ‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण शुरू किया। यह यात्रा 14 मार्च तक चलेगी, जिसमें वे सीमांचल और कोसी क्षेत्र के 10 जिलों का दौरा करेंगे। सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल से शुरुआत करते हुए उन्होंने 569.36 करोड़ रुपये की 213 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। यह यात्रा विकास कार्यों की समीक्षा, जनसंवाद और नई परियोजनाओं के लोकार्पण पर केंद्रित है। राजनीतिक विश्लेषकों इसे नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री पद से विदाई से पहले ‘आखिरी बड़ी जनयात्रा’ मान रहे हैं, क्योंकि वे राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर चुके हैं और जल्द दिल्ली कूच करेंगे। बेटे निशांत कुमार भी JDU में शामिल होने के बाद इस यात्रा में साथ हैं, जिससे राजनीतिक चर्चा और गर्म हो गई है।
यात्रा का कार्यक्रम और रूट समृद्धि यात्रा का तीसरा चरण 10 से 14 मार्च तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने सुपौल और मधेपुरा से शुरुआत की। पूरा रूट इस प्रकार है:
- 10 मार्च: सुपौल (निर्मली) और मधेपुरा
- 11 मार्च: अररिया और किशनगंज
- 12 मार्च: पूर्णिया और कटिहार
- 13 मार्च: सहरसा और खगड़िया
- 14 मार्च: बेगूसराय और शेखपुरा
यह यात्रा पिछली दो चरणों (जनवरी-फरवरी) की निरंतरता है, जहां मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में विकास योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया। इस चरण में फोकस सीमांचल-कोसी क्षेत्र पर है, जो बाढ़ प्रभावित और पिछड़ा माना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा में जुड़ रहे हैं।
सुपौल में प्रमुख घोषणाएं सुपौल पहुंचते ही नीतीश कुमार ने हेलीकॉप्टर से उतरकर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने 32 मिनट तक जनता से संवाद किया और अगले 5 वर्षों का विकास ब्लूप्रिंट पेश किया। मुख्य घोषणाएं:
- कुल 213 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन (84 शिलान्यास: 434.47 करोड़, 129 उद्घाटन: 134.90 करोड़)
- कुल लागत: 569.36 करोड़ रुपये (56936.77 लाख)
- प्रमुख परियोजनाएं: लोहिया मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, सड़कें, भवन, सिंचाई, शहरी विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी योजनाएं
- रोजगार पर फोकस: अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य, पहले 50 लाख युवा लाभान्वित हो चुके
- कानून व्यवस्था की तारीफ: बिहार में अपराध दर में कमी, शराबबंदी पर जोर
नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। हमने संकल्प से सिद्धि तक का सफर तय किया है।” जनसभा में हजारों लोग उपस्थित थे, जहां उत्साह और सम्मान दिखा।
राजनीतिक संदर्भ: ‘आखिरी यात्रा’ की चर्चा नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था, जिसमें अमित शाह सहित NDA नेता मौजूद थे। चुनाव 16 मार्च को है। उन्होंने कहा कि पिछले 20+ वर्षों से राज्यसभा जाना चाहते थे। यह यात्रा मुख्यमंत्री पद से विदाई से पहले जनता के बीच आखिरी बड़ी उपस्थिति मानी जा रही है।
- बेटे निशांत कुमार ने हाल ही में JDU जॉइन किया, उप-मुख्यमंत्री बनने की अटकलें
- BJP CM पद ले सकती है, JDU को डिप्टी CM मिल सकता है
- RJD नेता तेजस्वी यादव ने विधायकों की बैठक बुलाई, NDA में दरार की उम्मीद
विपक्ष (RJD) ने इसे ‘अलविदा यात्रा’ कहा। रोहिणी आचार्य (लालू की बेटी) ने कहा कि यह विदाई का दौर है।
विकास पर फोकस और जनसंवाद यात्रा में मुख्यमंत्री स्थानीय प्रशासन से समीक्षा बैठकें करेंगे। जनता से सीधा संवाद, शिकायतें सुनना और योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है। पिछली यात्राओं में लाखों लोगों से मिले, विकास कार्यों की गति बढ़ाई। इस चरण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई और बुनियादी ढांचे पर जोर।
‘समृद्धि यात्रा’ का तीसरा चरण नीतीश कुमार के विकास एजेंडे का प्रतीक है। 569 करोड़ की सौगात से सुपौल जैसे जिलों में नई उम्मीद जगी। लेकिन राजनीतिक बदलाव की छाया में यह उनकी मुख्यमंत्री के रूप में आखिरी बड़ी जनसंपर्क यात्रा लग रही है। राज्यसभा जाने के बाद नया CM कौन बनेगा—यह सवाल बिहार की सियासत में गूंज रहा है। यात्रा के दौरान जनता का उत्साह दिखा कि विकास कार्यों पर भरोसा बरकरार है। बिहार का विकास सफर जारी रहेगा, चाहे कोई भी CM हो।
Sources: नवभारत टाइम्स