Deputy CM Vijay Kumar Sinha strict on CO's strikeDeputy CM Vijay Kumar Sinha strict on CO's strike

9 मार्च 2026, CO की हड़ताल पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा सख्त: आज बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ा संकट गहरा गया है। राज्य के सभी अंचलाधिकारी (Circle Officers – CO) और राजस्व अधिकारी (Revenue Officers – RO) अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल मुख्य रूप से सेवा शर्तों, प्रमोशन, नए कैडर सृजन और पुरानी मांगों से जुड़ी है। हड़ताल के कारण राज्य के 534 अंचलों में राजस्व कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं—जमीन विवाद, सर्वे, रजिस्ट्री, भूमि रिकॉर्ड अपडेट, खसरा-खतौनी सुधार और अन्य महत्वपूर्ण काम रुके हुए हैं। आम नागरिकों, किसानों और निवेशकों को भारी परेशानी हो रही है।

हड़ताल का कारण और पृष्ठभूमि बिहार राजस्व सेवा संघ (Bihar Revenue Service Association – BRSA) और अन्य संगठनों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है। प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • सब-डिविजनल रेवेन्यू ऑफिसर (SDRO) जैसे नए पदों के सृजन को रद्द करना, क्योंकि इससे बिहार राजस्व सेवा (BRS) अधिकारियों के प्रमोशन रास्ते बंद हो रहे हैं।
  • डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स (DCLR) पद को पुरानी तरह BRS कैडर में बहाल रखना।
  • पुरानी मांगों जैसे वेतन वृद्धि, प्रमोशन, ट्रांसफर पॉलिसी और कार्यस्थल सुविधाओं का समाधान।

हड़ताल सोमवार से शुरू हुई और अब तीसरे-चौथे दिन में प्रवेश कर चुकी है। इससे पहले फरवरी 2026 में भी इसी तरह की हड़ताल हुई थी, जिसे सरकार ने आश्वासन देकर समाप्त कराया था। लेकिन मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने से फिर से आंदोलन भड़क उठा। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सरकार की नीतियां उनकी सेवा शर्तों को कमजोर कर रही हैं और नए कैडर से उनकी भूमिका सीमित हो जाएगी।

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर कड़ा रुख अपनाया है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस और विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने चेतावनी दी:

  • “हमारी सहानुभूति को कमजोरी न समझें।”
  • यदि अधिकारी जल्द काम पर नहीं लौटे तो निलंबन, सेवा समाप्ति और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
  • हड़ताल “संयोग नहीं, साजिश” है, जो लोगों को परेशान करने की मानसिकता दिखाती है।
  • सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर ली है—अस्थाई बहाली (temporary appointments) की प्रक्रिया शुरू होगी।
  • हड़ताली अधिकारियों से सरकारी वाहन, इंटरनेट डोंगल, ऑफिस कुंजी और अन्य संसाधन वापस मांगे गए हैं।
  • “नो वर्क, नो पे” नीति लागू रहेगी—हड़ताल के दिनों का वेतन काटा जाएगा।

सिन्हा ने कहा कि विभाग सुधार अभियान जारी रहेगा। अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा, लेकिन लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्य सचिव सीके अनिल और अन्य अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों में स्थिति की निगरानी करने का निर्देश दिया।

प्रभाव और जनता की परेशानी हड़ताल से राजस्व कार्य ठप होने के कारण:

  • जमीन विवादों का निपटारा रुका—हजारों केस पेंडिंग।
  • भूमि सर्वे और डिजिटाइजेशन प्रक्रिया प्रभावित।
  • रजिस्ट्री, म्यूटेशन, खसरा-खतौनी सुधार और सर्टिफिकेट जारी नहीं हो रहे।
  • किसानों को फसल ऋण, सब्सिडी और अन्य योजनाओं में दिक्कत।
  • आम नागरिकों को जमीन से जुड़े दस्तावेज बनाने में मुश्किल।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबी चली तो राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, क्योंकि भूमि रिकॉर्ड सुधार और निवेश से जुड़े प्रोजेक्ट रुक सकते हैं।

सरकार और संघ की अगली रणनीति सरकार ने वार्ता का रास्ता खुला रखा है, लेकिन पहले काम पर लौटने की शर्त रखी है। BRSA ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। पिछले अनुभव से लगता है कि कुछ दिनों में समझौता हो सकता है, लेकिन फिलहाल तनाव चरम पर है।

यह घटना बिहार प्रशासन की चुनौतियों को उजागर करती है—जहां सेवा सुधार और कर्मचारी मांगों के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है। डिप्टी सीएम सिन्हा की चेतावनी से साफ है कि सरकार अब सख्ती बरतेगी। स्थिति पर सभी की नजर टिकी है कि क्या हड़ताल जल्द खत्म होगी या कार्रवाई का दौर शुरू होगा।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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