7 मार्च 2026, Araria जिले में फूड सिक्योरिटी स्कीम पर डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर की फेसबुक लाइव: बिहार के सीमांचल जिले अररिया में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत चल रही फूड सिक्योरिटी स्कीम को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी (District Supply Officer – DSO) श्री दिनेश पासवान ने फेसबुक लाइव सेशन का आयोजन किया। 5 मार्च 2026 को दोपहर 12:30 बजे से शुरू हुए इस लाइव में DSO ने राशन वितरण प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी, लाभार्थियों की शिकायतों का समाधान किया और PDS (Public Distribution System) दुकानों पर बढ़ाई गई मॉनिटरिंग के बारे में विस्तार से बताया। यह पहल जिला प्रशासन की पारदर्शिता और जन-भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, खासकर ऐसे समय में जब सोशल मीडिया पर राशन से जुड़ी अफवाहें और शिकायतें आम हैं।
लाइव सेशन का मुख्य उद्देश्य और कवरेज
लाइव सेशन अररिया जिला प्रशासन के आधिकारिक फेसबुक पेज (DM Araria) पर आयोजित किया गया। DSO दिनेश पासवान ने करीब 45-60 मिनट तक विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA): प्राथमिकता वाले घरों (Priority Household – PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत मुफ्त/सस्ता राशन वितरण।
- राशन कार्ड निर्माण और संशोधन की प्रक्रिया: नए राशन कार्ड बनवाने, परिवार विभाजन (split), मुखिया परिवर्तन और e-KYC की प्रक्रिया।
- विक्रेताओं द्वारा खाद्यान्न उठाव और वितरण: AePDS (Aadhaar Enabled PDS) पोर्टल के माध्यम से रीयल-टाइम ट्रैकिंग।
- शिकायत निवारण: BPGS (Bihar Public Grievance Redressal System) और हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग।
लाइव में सैकड़ों लाभार्थी जुड़े, जिन्होंने कमेंट्स के माध्यम से सवाल पूछे। DSO ने जवाब देते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हर लाभार्थी को समय पर पूरा राशन मिले, बिना किसी भेदभाव या कमी के। पारदर्शिता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
राशन वितरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी
DSO ने AePDS सिस्टम के माध्यम से राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया समझाई:
- खाद्यान्न उठाव: PDS दुकानदार (FPS Dealer) AePDS पोर्टल पर लॉगिन कर राज्य से आवंटित अनाज (चावल, गेहूं, दाल आदि) उठाते हैं। यह प्रक्रिया बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आइरिस) से प्रमाणित होती है।
- वितरण: लाभार्थी दुकान पर पहुंचकर Aadhaar आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से राशन प्राप्त करते हैं। प्रत्येक ट्रांजेक्शन रीयल-टाइम में पोर्टल पर अपडेट होता है।
- मासिक कैलेंडर: मार्च 2026 के लिए वितरण कैलेंडर जारी, जिसमें तारीखें और मात्रा स्पष्ट हैं। NFSA के तहत PHH को 5 किलो प्रति व्यक्ति मुफ्त अनाज और AAY को 35 किलो प्रति परिवार।
- पारदर्शिता उपाय: हर दुकान पर मूल्य सूची और वितरण रजिस्टर लगाना अनिवार्य। मोबाइल ऐप से लाभार्थी घर बैठे स्टॉक और वितरण चेक कर सकते हैं।
DSO ने जोर दिया कि e-KYC और Aadhaar लिंकिंग अनिवार्य है, ताकि फर्जी राशन कार्ड और डुप्लिकेट लाभार्थी खत्म हों। बिहार में AePDS से लाखों फर्जी कार्ड हटाए जा चुके हैं।
PDS दुकानों पर बढ़ाई गई मॉनिटरिंग
लाइव में DSO ने PDS दुकानों की सख्त मॉनिटरिंग का जिक्र किया:
- नियमित निरीक्षण: जिला और अनुमंडल स्तर पर टीमों द्वारा सरप्राइज चेकिंग।
- डिजिटल ट्रैकिंग: हर वितरण का रिकॉर्ड AePDS पर, जिसमें GPS और टाइमस्टैंप शामिल।
- शिकायत तंत्र: हेल्पलाइन 1967, BPGS पोर्टल और WhatsApp ग्रुप से शिकायतें दर्ज। जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा।
- सजा का प्रावधान: खराब गुणवत्ता, कम वजन या भ्रष्टाचार पर लाइसेंस रद्द और कानूनी कार्रवाई।
यह मॉनिटरिंग अररिया जैसे सीमावर्ती जिले में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां नेपाल बॉर्डर से तस्करी और कालाबाजारी की आशंका रहती है। DSO ने कहा, “हमारी टीम 24×7 सक्रिय है। कोई भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होती है।”
लाभार्थियों के लिए संदेश और प्रभाव
लाइव में DSO ने लाभार्थियों से अपील की कि वे राशन कार्ड की स्थिति epds.bihar.gov.in पर चेक करें, e-KYC पूरा करें और शिकायत होने पर तुरंत सूचित करें। अररिया में NFSA के तहत लाखों लाभार्थी हैं, और यह लाइव लाखों तक पहुंचा।
यह पहल बिहार सरकार की डिजिटल PDS नीति का हिस्सा है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्ति पर केंद्रित है। जिला प्रशासन ने इसे नियमित बनाने की योजना बनाई है।
DSO दिनेश पासवान की फेसबुक लाइव ने फूड सिक्योरिटी स्कीम को आमजन तक पहुंचाने और विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राशन वितरण में पारदर्शिता और PDS मॉनिटरिंग से अररिया के गरीब परिवारों को समय पर और पूरा राशन मिलना सुनिश्चित होगा। जिला प्रशासन की यह पहल अन्य जिलों के लिए भी मॉडल बन सकती है। लाभार्थी नियमित अपडेट के लिए DM Araria फेसबुक पेज फॉलो करें।
Sources: फेसबुक पेज