Nitish Kumar is going to Rajya SabhaNitish Kumar is going to Rajya Sabha

6 मार्च 2026, Nitish Kumar राज्यसभा जा रहे, CM पद से इस्तीफा जल्द: बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और भावुक मोड़ आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है, जो उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे का स्पष्ट संकेत है। 5 मार्च को पटना में विधानसभा परिसर में नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश दिया कि दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की जनता ने उनका भरोसा किया, और अब उनकी इच्छा है कि वे राज्यसभा में जाकर बिहार का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा, “मेरे दिल में यह इच्छा लंबे समय से थी कि मैं बिहार विधानमंडल और संसद दोनों सदनों का सदस्य बनूं।” नीतीश कुमार पहले MLA, MLC और लोकसभा सांसद रह चुके हैं, लेकिन राज्यसभा में उनका यह पहला प्रवेश होगा।

नामांकन और इस्तीफे की तैयारी

राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने हैं, जिसमें बिहार से 5 सीटें हैं। NDA के उम्मीदवारों में नीतीश कुमार के अलावा नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, शिवेश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। नामांकन के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे—संभवतः आज या कल JDU विधायक दल की बैठक में। बैठक शाम को CM हाउस में हुई, जहां नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं को राज्यसभा जाने का फैसला बताया और नए नेतृत्व की चर्चा की। कुछ रिपोर्ट्स में उनके बेटे निशांत कुमार को विधायक दल का नेता या उपमुख्यमंत्री बनाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि JDU का प्रतिनिधित्व सरकार में बना रहे।

BJP का पहला CM बनने का मौका

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में पहली बार BJP का मुख्यमंत्री बन सकता है। 2025 विधानसभा चुनाव में NDA की बड़ी जीत के बाद भी नीतीश कुमार CM बने थे, लेकिन अब NDA समझौते के तहत BJP कमान संभाल सकती है। संभावित नामों में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा या कोई OBC चेहरा शामिल हैं। कुछ सूत्रों में गिरिराज सिंह की पत्नी या अन्य महिला नेता का नाम भी चल रहा है। यह BJP के लिए बड़ा राजनीतिक लाभ होगा, क्योंकि बिहार में अब तक BJP कभी CM नहीं बना पाई। अमित शाह की मौजूदगी से यह साफ है कि BJP इस बदलाव को मजबूती से सपोर्ट कर रही है।

JDU कार्यकर्ताओं में भारी रोष और विरोध

नीतीश कुमार के फैसले से JDU कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है। पटना में CM आवास के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता जमा हो गए, जहां कई लोग फूट-फूटकर रो पड़े। वे नीतीश को “सुशासन बाबू” कहकर याद कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्होंने 2025 चुनाव का जनादेश ठुकरा दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे “धोखा” बताया और कहा, “नीतीश जी बिहार के हैं, दिल्ली नहीं जाना चाहिए।” विरोध इतना तेज था कि कई MLC और विधायकों को CM हाउस में प्रवेश नहीं मिला। कुछ ने पार्टी के कुछ नेताओं को “जयचंद” कहा। कार्यकर्ता चाहते हैं कि नीतीश CM बने रहें, क्योंकि वे बिहार के विकास के प्रतीक हैं। विरोध प्रदर्शन में नारे लगे—”नीतीश जी दिल्ली मत जाओ, बिहार तुम्हारा इंतजार कर रहा है।”

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य

नीतीश कुमार का यह फैसला बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव लाएगा। 10 बार CM रहने वाले नीतीश ने बिहार को सड़क, बिजली, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में सुधार दिया। लेकिन अब राज्यसभा में जाकर वे केंद्र में बिहार के मुद्दों को मजबूती से उठा सकेंगे। JDU कार्यकर्ताओं का रोष दिखाता है कि पार्टी में भावनात्मक लगाव कितना गहरा है। अगर निशांत कुमार राजनीति में एंट्री करते हैं, तो यह परिवारवाद का नया अध्याय होगा। RJD और विपक्ष ने इसे “जनादेश का अपमान” बताया है।

नीतीश कुमार ने कहा है कि उनका बिहार से रिश्ता कभी कमजोर नहीं होगा। लेकिन कार्यकर्ताओं का दर्द साफ है—वे अपने नेता को खोने से डर रहे हैं। अगले कुछ घंटों में इस्तीफा और नया CM कौन बनेगा, यह देखना होगा। बिहार की राजनीति में यह “सुशासन” का नया दौर शुरू कर सकता है या फिर नई चुनौतियां ला सकता है।

Sources: न्यूज़18

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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