4 मार्च 2026, Stock Market में हाहाकार: आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई, जहां BSE सेंसेक्स 1,122.66 अंक (1.40%) गिरकर 79,116.19 पर बंद हुआ, जबकि NSE निफ्टी 50 385.20 अंक (1.55%) लुढ़ककर 24,480.50 पर समाप्त हुआ। यह लगातार चौथा गिरावट वाला सत्र था, और बाजार होली छुट्टी (3 मार्च) के बाद खुला। दिन के दौरान सेंसेक्स 1,795 अंक तक गिरा (78,443.20 पर), लेकिन बाद में कुछ रिकवरी हुई। निवेशकों का कुल नुकसान ₹9-16 लाख करोड़ के बीच अनुमानित है, जिसमें मार्केट कैप में भारी कमी आई। मुख्य ट्रिगर: US-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट बंद होना, क्रूड ऑयल की तेजी और FII की भारी बिकवाली। बाजार में पैनिक सेलिंग देखी गई, खासकर ऑयल, बैंकिंग, ऑटो और मेटल सेक्टर में।
गिरावट के प्रमुख कारण
- ईरान-इज़राइल युद्ध का प्रभाव: युद्ध पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। ब्रेंट क्रूड $81-85 प्रति बैरल तक पहुंच गया (कुछ रिपोर्ट्स में $100+ की आशंका)। भारत 85% तेल आयात पर निर्भर है, इसलिए आयात बिल बढ़ने, मुद्रास्फीति और CAD (करंट अकाउंट डेफिसिट) बढ़ने का डर।
- क्रूड ऑयल की तेजी: तेल कीमतें 5%+ बढ़ीं, जिससे OMC (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां), ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग लागत बढ़ेगी। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से उपभोक्ता मांग प्रभावित होगी।
- FII सेलिंग: विदेशी निवेशकों ने भारी बिकवाली की। ग्लोबल रिस्क-ऑफ सेंटिमेंट से EM (इमर्जिंग मार्केट्स) में आउटफ्लो। एशियाई बाजार भी लाल: साउथ कोरिया का KOSPI 7%+ गिरा, जापान का निक्केई सुधरा।
- रुपए का रिकॉर्ड लो: रुपया 92.41 तक गिरा, डॉलर के मुकाबले कमजोर। बॉन्ड यील्ड बढ़ीं, जिससे निवेशकों में डर।
- सेक्टोरल ब्रेकडाउन: ऑयल एंड गैस, बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल्टी सबसे ज्यादा गिरे। L&T 6%+, टाटा स्टील 4%+, इंडिगो 4%+ गिरा। कुछ डिफेंसिव स्टॉक्स जैसे IT (Infosys), डिफेंस (Bharat Electronics) और FMCG में रिलेटिव मजबूती।
बाजार के प्रमुख आंकड़े
- सेंसेक्स: ओपन 78,528.82, हाई 79,527.41, लो 78,443.20, क्लोज 79,116.19 (-1,122.66)।
- निफ्टी 50: ओपन 24,388.80, क्लोज 24,480.50 (-385.20)।
- मिडकैप और स्मॉलकैप: निफ्टी मिडकैप 2.16% गिरा (56,925.15), स्मॉलकैप भी 2%+ गिरा।
- एडवांस-डिक्लाइन: NSE पर 2,211 स्टॉक्स गिरे vs 261 बढ़े।
- वॉल्यूम और वैल्यू: हाई ट्रेडिंग वॉल्यूम, लेकिन ब्रॉड-बेस्ड सेलिंग।
- इंडिया VIX: फियर इंडेक्स 25%+ बढ़ा, वोलेटिलिटी हाई।
सेक्टोरल प्रभाव
- ऑयल एंड गैस: सबसे ज्यादा प्रभावित – OMCs और रिफाइनरी स्टॉक्स गिरे।
- बैंकिंग और फाइनेंशियल: हाई इंटरेस्ट रेट और क्रेडिट ग्रोथ पर असर का डर।
- ऑटो: ईंधन महंगा होने से डिमांड गिरने की आशंका।
- मेटल: ग्लोबल डिमांड कमजोर।
- डिफेंस और IT: कुछ रिलेटिव सेफ्टी – HAL के साथ नए कॉन्ट्रैक्ट से मजबूती।
विश्लेषकों की राय विश्लेषकों का कहना है कि अगर क्रूड $100 पार हुआ तो निफ्टी 24,400 तक गिर सकता है। Geojit के VK Vijayakumar ने कहा, “युद्ध से अनिश्चितता बढ़ी है, बाजार में हाई वोलेटिलिटी रहेगी।” कुछ ने सलाह दी कि डिफेंसिव स्टॉक्स (FMCG, फार्मा) और गोल्ड में शिफ्ट करें। लंबे समय में भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत, लेकिन शॉर्ट-टर्म में दबाव। RBI की ब्याज दर नीति पर असर पड़ सकता है।
यह गिरावट युद्ध के कारण ग्लोबल रिस्क का सीधा असर है। बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है – क्रूड कीमतें, FII फ्लो, रुपया और युद्ध की डेवलपमेंट्स पर नजर रखें। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, लॉन्ग-टर्म में अवसर भी हो सकते हैं।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट