4 मार्च 2026, Iran ने साबित किया, हम नहीं झुकेंगे: 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यूएस और इज़राइल का संयुक्त आक्रमण, जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी (अमेरिका) और ऑपरेशन रोअरिंग लायन (इज़राइल) कहा जा रहा है, अब पांचवें दिन में प्रवेश कर चुका है। यह हमला ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और क्षेत्रीय प्रभाव को कुचलने के उद्देश्य से शुरू हुआ था, लेकिन ईरान ने अपेक्षा से कहीं अधिक मजबूती से जवाब दिया है। ईरानी राज्य मीडिया और IRGC के अनुसार, ईरान न केवल बचाव कर रहा है बल्कि पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इज़राइली हितों पर प्रभावी हमले कर रहा है। मौतों की संख्या 1,045 से अधिक बताई जा रही है, ज्यादातर नागरिक और स्कूल जैसी जगहों पर हमलों से। ईरान की प्रतिरोध क्षमता ने ट्रंप प्रशासन की “कुछ हफ्तों में खत्म” वाली भविष्यवाणी को चुनौती दी है।
युद्ध की शुरुआत और ईरान का शुरुआती जवाब युद्ध की शुरुआत में यूएस-इज़राइल ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया। ईरान ने इसे “क्रूर आक्रमण” कहा और तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की। पहले दिनों में ईरान ने 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल और 2,000 ड्रोन लॉन्च किए, जो इज़राइल, गल्फ देशों (UAE, सऊदी अरब, कुवैत) और अमेरिकी ठिकानों पर गिरे। ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां (जैसे S-300 और घरेलू Bavar-373) ने कई हमलों को रोका, जबकि ईरान ने अपनी मिसाइल लॉन्चरों की रक्षा में सफलता दिखाई। IRGC कमांडरों ने कहा कि “ईरान की मिसाइल क्षमता अभी भी मजबूत है और हमारी जवाबी कार्रवाई बढ़ेगी”।
पांचवें दिन की प्रमुख घटनाएं – ईरान की मजबूत प्रतिरोध 4 मार्च 2026 को ईरान ने जवाबी हमलों को और तेज किया:
- तेहरान और अन्य शहरों पर हमलों का जवाब: इज़राइल ने तेहरान पर 10वीं लहर के हमले किए, जिसमें सरकारी भवनों और कमांड सेंटरों को निशाना बनाया गया। लेकिन ईरान ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को रोका गया और उसके लड़ाकू विमानों ने इज़राइली F-35 को चुनौती दी।
- अमेरिकी दूतावास और ठिकानों पर हमले: दुबई में यूएस कांसुलेट पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें आग लगी। सऊदी अरब में यूएस दूतावास पर ड्रोन हमला, इराक और बहरीन में सायरन बजे। ईरान ने कहा कि “अमेरिकी आक्रमणकारियों को क्षेत्र से बाहर किया जाएगा”।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नियंत्रण: IRGC ने जलडमरूमध्य को “बंद” घोषित किया और किसी भी जहाज पर हमले की चेतावनी दी। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और कीमतें बढ़ीं। ईरान ने कहा कि “यह हमारी संप्रभुता की रक्षा है”।
- लेबनान और हिजबुल्लाह का समर्थन: हिजबुल्लाह ने इज़राइल पर रॉकेट दागे, जबकि इज़राइल ने बेरूत पर हमले किए। ईरान ने इसे “प्रतिरोध अक्ष” की एकजुटता बताया।
- तुर्की की ओर मिसाइल: ईरान से दागी गई एक मिसाइल को NATO ने रोका, लेकिन ईरान ने कहा कि यह “गलती से” हुआ और NATO के हस्तक्षेप को “आक्रमण” माना। ईरानी मीडिया ने 165 लड़कियों और स्कूल स्टाफ की मौत की खबर दी, जो मिनाब स्कूल पर हमले से हुई। इसे “युद्ध अपराध” कहा गया।
ईरान की सैन्य और आर्थिक प्रतिरोध क्षमता ईरान ने दावा किया कि उसकी बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों में से केवल कुछ ही नष्ट हुए हैं, जबकि IDF का दावा 300 लॉन्चर नष्ट करने का है। ईरान की नौसेना और ड्रोन क्षमता अभी भी सक्रिय है। वैश्विक स्तर पर ईरान को रूस और चीन से समर्थन मिल रहा है, जिन्होंने हमलों की निंदा की। तेल की कीमतें बढ़ने से ईरान को आर्थिक लाभ भी हो सकता है। ईरानी अधिकारी कहते हैं कि “यह युद्ध हमें मजबूत बनाएगा और अमेरिका-इज़राइल को क्षेत्र से बाहर करेगा”।
वैश्विक प्रभाव और ईरान की स्थिति युद्ध ने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। हवाई क्षेत्र बंद, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिकी सीनेटर “बूट्स ऑन द ग्राउंड” की आशंका जता रहे हैं। ट्रंप ने “ओवरव्हेल्मिंग फोर्स” की बात की, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई से युद्ध लंबा खिंच सकता है। ईरान ने कहा कि “हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन केवल बराबरी पर, न कि आत्मसमर्पण पर”। IAEA ने परमाणु साइटों पर कोई बड़ा नुकसान नहीं बताया, जो ईरान की रक्षा क्षमता दिखाता है।
पांचवें दिन ईरान ने साबित किया कि वह आसानी से नहीं झुकेगा। यूएस-इज़राइल के हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइलें, ड्रोन और प्रॉक्सी फोर्सेज सक्रिय हैं। यह युद्ध क्षेत्रीय संतुलन बदल सकता है, लेकिन ईरान की दृढ़ता से लगता है कि “प्रतिरोध” जीतेगा। स्थिति तेजी से बदल रही है—विश्वसनीय स्रोतों से अपडेट लें। ईरान की एकजुटता और जवाबी ताकत इस युद्ध को लंबा खींच सकती है।
Sources: CNN