3 मार्च 2026, Indians की राहत उड़ानें जारी: ईरान-इज़राइल-अमेरिका युद्ध के चौथे दिन (3 मार्च 2026) में मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्रों में लगातार बंदी और उड़ानों की रद्दी के कारण लाखों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। अनुमान के मुताबिक, गल्फ देशों में काम करने वाले और यात्रा पर गए करीब 90 लाख भारतीयों में से हजारों अभी भी प्रभावित हैं। कतर में अकेले 8,000 से अधिक यात्री फंसे बताए जा रहे हैं, जबकि UAE, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और ओमान में भी बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित हैं। इस संकट में भारतीय सरकार, विदेश मंत्रालय (MEA), नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और एयरलाइंस ने मिलकर राहत उड़ानों (repatriation और special relief flights) का संचालन शुरू किया है, जिससे फंसे हुए भारतीयों को घर लौटने में मदद मिल रही है।
संकट की शुरुआत और प्रभाव
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद पर्सियन गल्फ के प्रमुख एयरस्पेस (UAE, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत आदि) बंद हो गए। इससे 11,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिसमें भारतीय एयरलाइंस की सैकड़ों उड़ानें शामिल हैं। पिछले दो दिनों में भारत से 350-760+ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं, खासकर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई एयरपोर्ट पर। दिल्ली एयरपोर्ट पर आज (3 मार्च) 80+ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द रहीं। कई उड़ानें मिड-एयर में वापस लौटानी पड़ीं, जैसे दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु से दुबई जाने वाली तीन एमिरेट्स फ्लाइट्स।
इससे यात्रियों को होटलों, एयरपोर्ट्स पर फंसना पड़ा। कई भारतीयों ने मिसाइल अलर्ट, विस्फोटों की आवाजें और अचानक कैंसिलेशन की “हॉरर” कहानियां साझा कीं। MEA ने 14 मिडिल ईस्ट देशों से अमेरिकियों की तरह भारतीयों को “तुरंत निकलने” की सलाह दी, लेकिन कमर्शियल फ्लाइट्स की कमी ने स्थिति जटिल बना दी।
राहत उड़ानों का संचालन
3 मार्च से राहत उड़ानों की शुरुआत हुई, जो धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। प्रमुख अपडेट्स:
- एयर इंडिया: दुबई/अबू धाबी से पहली फ्लाइट दिल्ली पहुंची, जिसमें 149 पैसेंजर्स और क्रू मेंबर्स थे। एक अन्य फ्लाइट में 143 एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के क्रू मेंबर्स लौटे। एयर इंडिया ने UAE, सऊदी अरब, इज़राइल और कतर के लिए उड़ानें 3 मार्च रात 11:59 बजे तक सस्पेंड रखीं, लेकिन कुछ repatriation फ्लाइट्स चला रहा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट (ओमान) से दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, मुंबई और तिरुचिरापल्ली के लिए सेवाएं फिर शुरू कीं।
- इंडिगो: जेद्दा (सऊदी अरब) से 10 स्पेशल रिलीफ फ्लाइट्स की योजना। इनमें से 4 को क्लियरेंस मिला—हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए। बाकी फ्लाइट्स एयरस्पेस की स्थिति पर निर्भर। इंडिगो ने “प्रोग्रेसिव नॉर्मलाइजेशन” की बात कही।
- स्पाइसजेट: फुजैराह (UAE) से 4 स्पेशल फ्लाइट्स—एक दिल्ली और कोच्चि के लिए, दो मुंबई के लिए। ये फ्लाइट्स 3 मार्च से शुरू, फंसे भारतीयों को प्राथमिकता।
- अन्य: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ओमान के मस्कट से सेवाएं फिर शुरू कीं। महाराष्ट्र सरकार ने ई. श्रीनाथ शिंदे के निर्देश पर UAE से 164 महाराष्ट्रियों के लिए दो स्पेशल फ्लाइट्स की व्यवस्था की।
चुनौतियां और आगे की योजना
हालांकि राहत उड़ानें शुरू हुईं, लेकिन ज्यादातर गल्फ एयरस्पेस अभी बंद या रिस्ट्रिक्टेड हैं। एतिहाद, एमिरेट्स और फ्लाईदुबई ने लिमिटेड फ्लाइट्स शुरू किए, लेकिन कमर्शियल सेवाएं बुधवार तक सस्पेंड रह सकती हैं। कई फ्लाइट्स को मिड-एयर में वापस लौटना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय एयरफेयर में उछाल आया, और इंश्योरेंस कंपनियों ने रिस्क कवर हटा लिया।
MEA और MoCA ने एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और भारतीय दूतावासों से समन्वय बढ़ाया है। हेल्पलाइन्स सक्रिय हैं—फंसे हुए लोग भारतीय दूतावासों से संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए, खासकर प्रदर्शनों और सुरक्षा के लिए।
यह संकट वैश्विक एविएशन के लिए COVID के बाद सबसे बड़ा झटका है। भारतीय सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया से हजारों नागरिक सुरक्षित घर लौट रहे हैं, लेकिन स्थिति अस्थिर है। अगले दिनों में और उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है, बशर्ते एयरस्पेस खुलें। फंसे हुए भारतीयों को सलाह—MEA हेल्पलाइन से संपर्क करें, धैर्य रखें और अपडेट्स फॉलो करें।
Sources: टाइम्स ऑफ़ इंडिया