3 मार्च 2026, Iran की जवाबी कार्रवाई से मिडिल ईस्ट में आग भड़की: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान ने अब चौथे दिन में प्रवेश कर लिया है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस संघर्ष में ईरान ने तेज और व्यापक जवाबी कार्रवाई की है, जिससे पूरे क्षेत्र में हमलों का सिलसिला बढ़ गया है। ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों, दूतावासों और इज़राइल पर मिसाइल-ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि युद्ध 4-5 हफ्तों तक चल सकता है, लेकिन “बड़ी लहर” अभी बाकी है और जरूरत पड़ने पर ग्राउंड फोर्स भी भेजी जा सकती है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह युद्ध “सालों नहीं चलेगा” और योजना से तेज चल रहा है।
संघर्ष की शुरुआत और ईरान पर हमले
अमेरिका-इज़राइल ने ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों, आईआरजीसी कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्च साइट्स और न्यूक्लियर सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। CENTCOM के अनुसार, पहले दिनों में 1,250 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, जिसमें 11 ईरानी जहाज भी शामिल हैं। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई सहित कई शीर्ष नेता मारे गए। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, ईरान में मरने वालों की संख्या अब 787 तक पहुंच गई है, जिसमें सैकड़ों नागरिक और बच्चे शामिल हैं। UN ने ईरान के फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट को नुकसान की पुष्टि की है।
ईरान ने शुरुआत में इज़राइल पर 150-200 बैलिस्टिक मिसाइलें और दर्जनों ड्रोन दागे, लेकिन अमेरिका-इज़राइल के हमलों से उसके मिसाइल लॉन्चरों का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया। IDF का कहना है कि ईरान अब बड़े हमलों की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसकी कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम बुरी तरह प्रभावित है।
क्षेत्रीय हमलों में विस्तार: गल्फ पर फोकस
ईरान ने युद्ध को सिर्फ ईरान-इज़राइल तक सीमित नहीं रखा, बल्कि अमेरिकी सहयोगी गल्फ देशों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई को क्षेत्रीय स्तर पर फैलाया।
- सऊदी अरब: रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन हमले हुए, जिससे सीमित आग लगी और मामूली नुकसान हुआ। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री ने इसे “कायरतापूर्ण” बताया। प्रिंस सुल्तान एयरबेस भी प्रभावित हुआ। अमेरिकी दूतावास अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया।
- कुवैत: अमेरिकी बेस (अली अल सलेम एयरबेस और कैंप अरिफजन) पर मिसाइल-ड्रोन हमले हुए, जिसमें 6 अमेरिकी सैनिक मारे गए। कुवैत ने 178 मिसाइलों और 384 ड्रोनों का पता लगाया। एक “फ्रेंडली फायर” घटना में कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी F-15 जेट गिरा दिए, लेकिन पायलट सुरक्षित रहे। अमेरिकी दूतावास बंद।
- अन्य गल्फ देश: UAE, बहरीन और ओमान पर भी हमले रिपोर्ट हुए। कतर में LNG उत्पादन प्रभावित। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने 14 मिडिल ईस्ट देशों से अमेरिकियों को तुरंत निकलने की चेतावनी दी और सऊदी अरब-कुवैत में दूतावास बंद कर दिए।
होर्मुज स्ट्रेट पर संकट
ईरान की सबसे बड़ी धमकी होर्मुज जलडमरूमध्य पर है, जहां वैश्विक तेल का 20% और बड़ी मात्रा में गैस गुजरता है। IRGC ने घोषणा की कि स्ट्रेट “बंद” है और कोई जहाज गुजरने की कोशिश करेगा तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा। ईरानी बलों ने तेल टैंकरों पर ड्रोन और USV हमले किए, जिससे शिपिंग लगभग ठप हो गई। तेल की कीमतें 13% से अधिक बढ़ीं (ब्रेंट क्रूड $82+ प्रति बैरल), गैस 46% ऊपर। मरीन इंश्योरेंस कंपनियों ने पर्सियन गल्फ में वार रिस्क कवर हटा लिया, शिपिंग रेट्स रिकॉर्ड स्तर पर।
लेबनान में इज़राइल की जमीनी कार्रवाई
ईरान के सहयोगी हिजबुल्लाह ने इज़राइल पर रॉकेट-ड्रोन हमले किए। जवाब में इज़राइल ने बेरूत पर बड़े हवाई हमले किए और दक्षिणी लेबनान में नई जमीन कब्जाई। IDF ने इसे “फॉरवर्ड डिफेंस” बताया। बेरूत के दक्षिणी इलाकों में दर्जनों मौतें हुईं। इज़राइल ने तेहरान और बेरूत पर “सिमल्टेनियस स्ट्राइक्स” की पुष्टि की।
वैश्विक प्रभाव और आगे की आशंका
यह संघर्ष अब पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध में बदल चुका है। UN ने तत्काल संयम और डिप्लोमेसी की अपील की है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “एयर सुपीरियरिटी” हासिल कर चुका है और “हार्डर हिट्स” बाकी हैं। बाजार प्रभावित: तेल-गैस कीमतें ऊपर, शेयर गिरावट। ईरान की जवाबी रणनीति ने दिखाया कि वह अकेले नहीं लड़ेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अस्थिर करेगा। स्थिति तेजी से बदल रही है—अगले दिनों में और बड़े हमलों या ग्राउंड ऑपरेशन की आशंका बनी हुई है।
Sources: अल-जज़ीरा