8 फरवरी 2026, ALERT- ‘Open War’ में पाकिस्तान vs तालिबान: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध, जो कभी सहयोगी थे, अब खुली दुश्मनी में बदल चुके हैं। 27 फरवरी 2026 को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि दोनों देश अब “Open War” की स्थिति में हैं। यह बयान ऐसे समय आया जब दोनों तरफ से हवाई हमले, ग्राउंड क्लैश और ड्रोन अटैक तेज हो गए थे। 28 फरवरी 2026 तक संघर्ष तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें सबसे ड्रामेटिक घटना जालालाबाद में एक पाकिस्तानी फाइटर जेट का क्रैश होना और पायलट का तालिबान द्वारा कैद होना रहा है।
पृष्ठभूमि: पुराना विवाद और नया ट्रिगर
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच Durand Line (दुरंद लाइन) – 2,600 किमी लंबी विवादित सीमा – लंबे समय से तनाव का कारण रही है। अफगानिस्तान कभी इस लाइन को मान्य नहीं करता। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने शुरू में उन्हें समर्थन दिया, लेकिन अब पाकिस्तान तालिबान पर Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP) जैसे पाकिस्तानी आतंकी समूहों को शरण देने का आरोप लगाता है। TTP ने पाकिस्तान में कई बड़े हमले किए, जैसे फरवरी 2026 में इस्लामाबाद की एक शिया मस्जिद पर हमला।
तनाव की शुरुआत 21 फरवरी 2026 से हुई, जब पाकिस्तान एयर फोर्स ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पकतीका और ख़ोस्त प्रांतों में TTP और ISIS-K के कथित कैंपों पर एयरस्ट्राइक्स किए। पाकिस्तान का दावा था कि ये हमले हाल के आतंकी हमलों का जवाब थे। तालिबान ने इन्हें नागरिक लक्ष्यों पर हमला बताया, जिसमें एक धार्मिक स्कूल भी शामिल था।
26 फरवरी की रात को तालिबान ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट्स पर “large-scale offensive” शुरू की। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे पाकिस्तानी हमलों का बदला बताया।
27 फरवरी: ‘Open War’ की घोषणा और बड़े हमले
27 फरवरी की सुबह पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने X पर लिखा: “हमारा धैर्य खत्म हो चुका है। अब यह हमारे और आपके बीच Open War है।” इसके साथ ही पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन घज़ब लिल हक’ शुरू किया, जिसमें काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में 20+ लक्ष्यों पर एयरस्ट्राइक्स किए गए। पाकिस्तानी सेना के DG ISPR अहमद शरीफ चौधरी ने दावा किया कि 274-297 तालिबान लड़ाके मारे गए, 400+ घायल हुए, जबकि पाकिस्तान के 12 सैनिक शहीद और 27 घायल हुए।
तालिबान ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों में नागरिक मारे गए, और उन्होंने 13 सैनिकों की मौत बताई। काबुल और कंधार में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जहां तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा कंधार में रहते हैं।
28 फरवरी: फाइटर जेट क्रैश – नया ट्विस्ट
28 फरवरी की सुबह सबसे बड़ी घटना हुई – जालालाबाद (नंगरहार प्रांत) में एक पाकिस्तानी फाइटर जेट क्रैश हो गया। अफगानिस्तान के सैन्य और पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि जेट को तालिबान ने गिराया, और पायलट पैराशूट से उतरकर कैद हो गया। स्थानीय निवासियों ने AFP को बताया कि पायलट को तुरंत हिरासत में लिया गया। पाकिस्तान की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन यह घटना संघर्ष को और गंभीर बना रही है। जालालाबाद में दो बड़े विस्फोट भी रिपोर्ट हुए।
दोनों तरफ से ड्रोन और ग्राउंड अटैक जारी हैं, खासकर मीरांशाह और स्पिनवाम क्षेत्रों में। बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हैं, और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं।
नुकसान और मानवीय प्रभाव
सटीक आंकड़े विवादित हैं:
- पाकिस्तान: 274+ तालिबान मारे गए, 12 सैनिक शहीद।
- अफगानिस्तान: नागरिक मौतें, 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए का दावा। UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता जताई और तत्काल संघर्ष विराम की मांग की। क्षेत्र में मानवीय संकट बढ़ रहा है, जहां पहले से ही आर्थिक तंगी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- अमेरिका: पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
- ईरान और EU: दोनों से संयम और बातचीत की अपील।
- तालिबान: हमलों के बाद बातचीत के लिए तैयार होने का संकेत, लेकिन पाकिस्तान पर आरोप।
- चीन: क्षेत्रीय स्थिरता पर चिंता, लेकिन कोई बड़ा कदम नहीं। कई देश डिप्लोमैटिक प्रयास तेज कर रहे हैं, क्योंकि यह संघर्ष दक्षिण एशिया की स्थिरता को खतरे में डाल सकता है।
विश्लेषण: क्या होगा आगे?
यह संघर्ष अभी बॉर्डर और हवाई स्तर पर है, लेकिन फाइटर जेट क्रैश जैसे घटनाक्रम इसे और बढ़ा सकते हैं। पाकिस्तान की सेना न्यूक्लियर और मजबूत है, जबकि तालिबान के पास गुरिल्ला युद्ध का अनुभव है। CSIS जैसे थिंक टैंकों का मानना है कि यह जल्द डी-एस्केलेट हो सकता है, लेकिन अगर बातचीत नहीं हुई तो लंबा संकट बन सकता है।
Durand Line का पुराना विवाद और TTP जैसे ग्रुप्स ने स्थिति जटिल की है। दोनों पक्षों के लिए शांति जरूरी है – वरना और अधिक खून बह सकता है, और क्षेत्रीय अस्थिरता पूरे दक्षिण एशिया को प्रभावित कर सकती है।
Sources: अल-जज़ीरा, द गार्जियन