27 फरवरी 2026, Kishanganj पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 246 किलो गांजा बरामद: बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार रात से शुक्रवार तक चली कार्रवाई में पुलिस ने गलगलिया चेक पोस्ट पर एक ट्रक से 246 किलोग्राम गांजा (मैरिजुआना) जब्त किया। जब्त गांजे की अनुमानित बाजार कीमत ₹1.23 करोड़ बताई जा रही है। इस मामले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई होली से ठीक पहले हुई है, जब ड्रग तस्करी का खतरा बढ़ जाता है।
घटना का विवरण
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि असम से बिहार की ओर गांजा की बड़ी खेप ट्रांसपोर्ट हो रही है। गलगलिया चेक पोस्ट (नेपाल बॉर्डर के निकट) पर ठाकुरगंज SDPO-2 मंगलेश कुमार के नेतृत्व में टीम ने ट्रक को रोका। ट्रक असम रजिस्टर्ड था और उसमें सीमेंट लोड था। संदेह होने पर मैजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तलाशी ली गई।
ट्रक के सीमेंट लोड के नीचे विशेष रूप से बनाई गई कैविटी (गुप्त जगह) में 39 पैकेट में कुल 246 किलोग्राम गांजा छिपाया गया था। पैकेटों को अच्छी तरह से सील किया गया था ताकि बाहरी से पता न चले। पुलिस ने गांजा जब्त करने के साथ ट्रक भी सीज कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी
- मोहम्मद इम्तियाज (ट्रक चालक)
- विजय कुमार ठाकुर (सह-चालक, मधुबनी जिला निवासी)
दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गांजा असम से लाया जा रहा था और बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई होने वाला था। तस्करी का नेटवर्क अंतरराज्यीय है, जिसमें असम, बिहार और संभवतः नेपाल का लिंक शामिल हो सकता है। पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई और महत्व
यह जब्ती किशनगंज पुलिस की हाल की सबसे बड़ी ड्रग बस्ट में से एक है। SP संतोष कुमार ने कहा कि गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। होली के मौके पर ड्रग तस्करी बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने चेकिंग बढ़ाई है। गलगलिया चेक पोस्ट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि यह नेपाल बॉर्डर के निकट है और तस्करी का प्रमुख रूट माना जाता है।
पुलिस ने बताया कि गांजा की कीमत बाजार में ₹50,000 प्रति किलो के आसपास है, इसलिए कुल मूल्य ₹1.23 करोड़ आंका गया है। जब्त गांजा को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
ड्रग तस्करी का बढ़ता खतरा
बिहार में गांजा तस्करी का मामला बढ़ रहा है। असम, ओडिशा और नेपाल से गांजा बिहार के रास्ते उत्तर भारत में जाता है। किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिले तस्करी के हॉटस्पॉट बने हुए हैं। अमित शाह के हालिया सीमांचल दौरे में ड्रग तस्करी पर भी चर्चा हुई थी, जिसके बाद पुलिस की सतर्कता बढ़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होली, दिवाली जैसे त्योहारों पर ड्रग्स की डिमांड बढ़ती है, इसलिए पुलिस को सतर्क रहना पड़ता है। इस बरामदगी से तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
समाज पर प्रभाव और सुझाव
यह घटना युवाओं में ड्रग्स के खतरे को फिर से उजागर करती है। स्थानीय लोग और युवा संगठन ड्रग्स मुक्त समाज की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि देखने पर तुरंत सूचना दें।
किशनगंज पुलिस की इस सफलता से राज्य स्तर पर ड्रग्स के खिलाफ अभियान को बल मिला है। आगे की जांच से नेटवर्क के बड़े सदस्यों तक पहुंचने की उम्मीद है।
Sources: द प्रिंट