26 फरवरी 2026, Sensex और NIFTY फ्लैट बंद: आज भारतीय शेयर बाजार में एक अस्थिर (चॉपी) और वोलेटाइल कारोबार देखने को मिला। वीकली फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) एक्सपायरी के दिन बाजार शुरुआत में तेजी से खुला, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग, हैवीवेट फाइनेंशियल स्टॉक्स में बिकवाली और ग्लोबल अनिश्चितता (जैसे अमेरिका-ईरान न्यूक्लियर टॉक्स और US टैरिफ) के कारण दिन भर उतार-चढ़ाव रहा। अंत में दोनों प्रमुख इंडेक्स फ्लैट बंद हुए – बीएसई सेंसेक्स में मामूली गिरावट और एनएसई निफ्टी में हल्की बढ़त के साथ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेशन निवेशकों की सतर्कता और सेक्टर-विशेष रोटेशन का प्रतीक था। फार्मा, हेल्थकेयर, PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में मजबूती दिखी, जबकि FMCG, मीडिया, रियल्टी और कुछ फाइनेंशियल स्टॉक्स में दबाव रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, जो बाजार की ब्रॉड-बेस्ड रिकवरी की ओर इशारा करता है।
बाजार का क्लोजिंग प्रदर्शन
- बीएसई सेंसेक्स: 27.46 अंक (0.03%) की गिरावट के साथ 82,248.61 पर बंद हुआ। दिन का उच्च स्तर 82,579 के आसपास रहा, जबकि निचला स्तर 81,970 के करीब।
- एनएसई निफ्टी 50: 14.05 अंक (0.06%) की बढ़त के साथ 25,496.55 पर बंद हुआ। निफ्टी ने 25,400 के सपोर्ट को मजबूती से होल्ड किया, लेकिन 25,570-25,600 के रेजिस्टेंस को पार नहीं कर सका।
- बैंक निफ्टी: 61,187.70 पर बंद, मामूली उतार-चढ़ाव के साथ।
- भारत VIX: 3.15% की गिरावट, जो बाजार में कम वोलेटिलिटी का संकेत देता है, लेकिन एक्सपायरी के कारण इंट्राडे स्विंग्स रहे।
सेंसेक्स में 14 स्टॉक्स हरे निशान में और 16 लाल में बंद हुए। निफ्टी में 26 ग्रीन और 24 रेड स्टॉक्स रहे। कुल मिलाकर ब्रेड्थ न्यूट्रल रही, लेकिन सेक्टोरल रोटेशन स्पष्ट था।
सेक्टोरल परफॉर्मेंस और टॉप मूवर्स
- टॉप गेनर्स सेक्टर: फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में मजबूत खरीदारी रही, क्योंकि ग्लोबल अनिश्चितता में डिफेंसिव सेक्टर पसंद किए गए। PSU बैंक और ऑयल एंड गैस भी ऊपर रहे।
- टॉप लूजर्स सेक्टर: मीडिया, FMCG और फाइनेंशियल सर्विसेज में बिकवाली का दबाव।
- टॉप इंडिविजुअल गेनर्स (सेंसेक्स/निफ्टी पर): Bharat Electronics (BEL) ~2% ऊपर, Sun Pharma, Adani Ports, Maruti Suzuki, Bharti Airtel, Tata Motors प्रमुख रहे।
- टॉप लूजर्स: Trent (~2% गिरावट), Power Grid, Coal India, HDFC Bank (हैवीवेट ड्रैग), Bajaj Finserv। HDFC Bank ने सबसे ज्यादा ड्रैग किया, क्योंकि फाइनेंशियल सेक्टर में प्रॉफिट बुकिंग हुई।
मिडकैप इंडेक्स ने आउटपरफॉर्म किया, जो निवेशकों की रिस्क-ऑन मूड की ओर इशारा करता है।
कारण और ग्लोबल क्यूज
- वीकली एक्सपायरी का प्रभाव: महीने की सेंसेक्स F&O एक्सपायरी के कारण मिड-अफ्टरनून में वोलेटिलिटी बढ़ी। ऑप्शन राइटर्स ने पोजिशन स्क्वेयरिंग की।
- ग्लोबल फैक्टर्स: अमेरिका-ईरान टॉक्स, US टैरिफ (सोलर सेक्टर पर असर) और एशियाई बाजारों में मिक्स्ड परफॉर्मेंस। MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स 0.4% ऊपर रहा।
- डोमेस्टिक फैक्टर्स: IT और फार्मा में मजबूती, लेकिन FMCG और रियल्टी में दबाव। SEBI के नए नियम (सोशल मीडिया पर रजिस्ट्रेशन डिटेल्स अनिवार्य) ने ब्रोकरेज सेक्टर पर फोकस बढ़ाया।
- कमोडिटी: गोल्ड ₹1.61 लाख प्रति 10g के ऊपर स्थिर, क्रूड ऑयल में गिरावट।
विश्लेषकों की राय
- Ponmudi R (Enrich Money CEO): निफ्टी 25,400 के सपोर्ट पर मजबूत, लेकिन 25,570-25,600 रेजिस्टेंस। ब्रेकआउट के लिए वॉल्यूम और ग्लोबल संकेत जरूरी।
- अन्य एक्सपर्ट्स: फार्मा और PSU बैंक में आगे तेजी की उम्मीद, लेकिन फाइनेंशियल और FMCG में सतर्कता बरतें। अगले हफ्ते ग्लोबल इवेंट्स (US डेटा, ईरान टॉक्स) पर नजर रखें।
आज का सेशन बाजार की सतर्कता और सेक्टर रोटेशन का क्लासिक उदाहरण था। वीकली एक्सपायरी के बावजूद इंडेक्स फ्लैट बंद होना स्थिरता का संकेत है। निवेशकों को डिफेंसिव और ग्रोथ सेक्टर (फार्मा, IT, PSU) पर फोकस रखना चाहिए, जबकि ओवरबॉट स्टॉक्स में प्रॉफिट बुकिंग जारी रखें। बाजार में आगे की दिशा ग्लोबल संकेत और घरेलू बजट/कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर निर्भर करेगी। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक लग रहे हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी बनी रह सकती है।
Sources: NSE वेबसाइट, BSE वेबसाइट