Big fraud by teacherBig fraud by teacher

22 फरवरी 2026, Purnia में 14 साल बाद पकड़ा गया शिक्षक का बड़ा फर्जीवाड़ा: बिहार के पूर्णिया जिले में शिक्षा विभाग और निगरानी ब्यूरो की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बड़हरा कोठी प्रखंड के मध्य विद्यालय सुखासन कोठी में नियोजित शिक्षक रमण कुमार सिन्हा पर 14 साल बाद फर्जी अंकपत्र का आरोप सिद्ध हुआ है। उन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा में प्राप्त वास्तविक 407 अंकों की जगह फर्जी मार्कशीट में 507 अंक दिखाकर नियोजन प्राप्त किया था। इस फर्जीवाड़े से वे पिछले 11 साल से सरकारी वेतन उठा रहे थे, जिससे लाखों रुपये की हेराफेरी हुई है। निगरानी विभाग ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और विभागीय जांच शुरू हो गई है।

फर्जीवाड़े का खुलासा कैसे हुआ?

शिक्षा विभाग द्वारा नियोजित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह मामला सामने आया। बिहार में हाल के वर्षों में फर्जी प्रमाण-पत्रों और नियोजन घोटालों की जांच तेज हुई है, खासकर 2006-2015 के बीच हुए शिक्षक बहाली के मामलों में। पूर्णिया जिले में भी बड़े पैमाने पर दस्तावेजों की जांच चल रही है। रमण कुमार सिन्हा के इंटरमीडिएट (12वीं) के मूल अंकपत्र में कुल 407 अंक थे, लेकिन नियोजन के समय प्रस्तुत फर्जी अंकपत्र में 100 अंक बढ़ाकर 507 दिखाए गए थे।

यह फर्जीवाड़ा तब पकड़ा गया जब मूल प्रमाण-पत्र और बोर्ड से सत्यापन कराया गया। जांच में पाया गया कि फर्जी अंकपत्र में अंकों में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे वे नियोजन के योग्यता मानदंडों को पूरा कर सके। बिहार में शिक्षक नियोजन के लिए इंटरमीडिएट में न्यूनतम अंकों की आवश्यकता होती है, और 100 अंकों का अंतर उन्हें योग्य बनाता था।

आरोपी शिक्षक का प्रोफाइल और हेराफेरी का अनुमान

रमण कुमार सिन्हा बड़हरा कोठी प्रखंड के मध्य विद्यालय सुखासन कोठी में प्राथमिक स्तर पर शिक्षक के रूप में नियोजित थे। नियोजन 2013-14 के आसपास हुआ था, और तब से वे नियमित वेतन, भत्ते और अन्य लाभ उठा रहे थे। सरकारी शिक्षकों का औसत मासिक वेतन (DA, HRA आदि सहित) 40,000-50,000 रुपये के बीच होता है। 11 साल (132 महीने) में अनुमानित हेराफेरी 50-60 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।

निगरानी विभाग के अनुसार, यह मामला केवल एक नहीं है। जिले में अन्य शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच जारी है, और कई और मामले सामने आ सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा कि फर्जी दस्तावेजों से नियोजन पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें नौकरी से बर्खास्तगी, वसूली और आपराधिक मुकदमा शामिल है।

बिहार में फर्जी प्रमाण-पत्र घोटाले की बड़ी तस्वीर

यह मामला बिहार में शिक्षक बहाली घोटालों की एक श्रृंखला का हिस्सा है। हाल के वर्षों में:

  • 2024-25 में हजारों फर्जी प्रमाण-पत्र पकड़े गए, जिसमें जाति, विकलांगता और खेल कोटा के फर्जी सर्टिफिकेट शामिल थे।
  • विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (VIB) ने 2006-2015 के बीच नियोजित शिक्षकों के 6 लाख से अधिक प्रमाण-पत्रों की जांच की, जिसमें 2,900+ फर्जी पाए गए और 1,700+ के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
  • पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर कई पुराने मामलों की दोबारा जांच हो रही है।

पूर्णिया जैसे सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे फर्जीवाड़े से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि असली योग्य शिक्षकों को अवसर भी छिन जाते हैं। छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है, क्योंकि अयोग्य शिक्षक कक्षा में होते हैं।

विभागीय कार्रवाई और आगे क्या?

निगरानी विभाग ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी शिक्षक रमण कुमार सिन्हा को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। शिक्षा विभाग ने उनके वेतन को रोक दिया है और पिछले 11 साल के वेतन की वसूली की प्रक्रिया शुरू की है।

शिक्षा मंत्री और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि सभी नियोजित शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों की 100% सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी अधिकारी या मध्यस्थ के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

समाज पर प्रभाव और सबक

यह घटना बिहार की शिक्षा व्यवस्था में गहरी सड़ांध को उजागर करती है। फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाना न केवल अपराध है, बल्कि समाज के भविष्य से खिलवाड़ है। लाखों बच्चों की शिक्षा दांव पर लग जाती है।

सरकार को अब सख्त सत्यापन प्रक्रिया, डिजिटल रिकॉर्ड और नियमित ऑडिट लागू करने की जरूरत है। साथ ही, योग्य उम्मीदवारों को प्रोत्साहन देकर ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

पूर्णिया जिले के इस मामले ने एक बार फिर सवाल उठाया है – क्या शिक्षा विभाग फर्जीवाड़े पर पूरी तरह नियंत्रण पा पाएगा? जांच के नतीजे आने बाकी हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि अब कोई ढील नहीं बरती जाएगी।

Sources: दैनिक जागरण

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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