22 फरवरी 2026, Gautam Adani ने बिहार-झारखंड के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को झारखंड और बिहार में अपने प्रमुख प्रोजेक्ट्स का दौरा किया और 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले पावर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। यह दौरा पूर्वी भारत में अडानी ग्रुप की बढ़ती मौजूदगी और क्षेत्रीय विकास में उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जहां खनिज संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश सीमित रहा है। गौतम अडानी ने प्रोजेक्ट साइट्स पर इंजीनियर्स, टेक्निशियंस और स्थानीय समुदायों से बातचीत की, साथ ही “पीपल फर्स्ट” कमिटमेंट को दोहराया।
झारखंड में गोड्डा पावर प्लांट का ऑपरेशन रिव्यू
दिन की शुरुआत झारखंड के आदिवासी बहुल गोड्डा जिले से हुई, जहां अडानी ग्रुप ने 1,600 मेगावाट (MW) अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया है। यह प्रोजेक्ट 16,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बनाया गया है और पूरी तरह से बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करता है। गौतम अडानी ने प्लांट के ऑपरेशंस की जांच की, इंजीनियर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स से मुलाकात की, और आसपास के आदिवासी महिलाओं से बातचीत की।
यह प्लांट क्षेत्र में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा कर रहा है, साथ ही रेल कनेक्टिविटी में सुधार लाया है। गौतम अडानी ने गोड्डा में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के निवास पर भी मुलाकात की और कहा कि दुबे के प्रोत्साहन से ही गोड्डा में सीमेंट फैक्ट्री स्थापित हो रही है, जो राज्य की आर्थिक वृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
दिन की शुरुआत में गौतम अडानी ने देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में दर्शन किए। विशेष फ्लाइट से देवघर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की, जलाभिषेक किया और ध्यान लगाया। उन्होंने कहा, “मैं बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद के लिए आया हूं और झारखंड तथा देश की प्रगति के लिए प्रार्थना की।”
बिहार में पिरपैंती प्रोजेक्ट की प्रगति पर फोकस
झारखंड के बाद गौतम अडानी ने पड़ोसी बिहार का दौरा किया, जहां भगलपुर जिले के पिरपैंती (सिरमातपुर गांव, कहलगांव उपखंड) में प्रस्तावित 2,400 MW अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। यह प्रोजेक्ट 27,000 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 30,000 करोड़ तक) के निवेश से विकसित हो रहा है और अगले 4-5 वर्षों में कमीशन होने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट 3×800 MW यूनिट्स वाला ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल प्लांट है, जो डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट (DBFOO) मॉडल पर आधारित है। बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने अगस्त 2025 में अडानी पावर को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी किया था, जिसमें 2,274 MW बिजली नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL) को सप्लाई करने का प्रावधान है। टैरिफ 6.075 रुपये प्रति यूनिट पर सबसे कम बोली लगाई गई थी।
यह प्लांट बिहार की बढ़ती औद्योगिक और शहरी बिजली मांग को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। निर्माण चरण में 10,000-12,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जबकि ऑपरेशनल होने पर 3,000 नौकरियां मिलेंगी। प्रोजेक्ट जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम और उन्नत कम उत्सर्जन तकनीक का उपयोग करेगा।
पूर्वी भारत में अडानी ग्रुप की बड़ी भूमिका
ये दोनों प्रोजेक्ट्स मिलाकर 43,000 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 40,000+ करोड़) के निवेश को दर्शाते हैं, जो अडानी ग्रुप को झारखंड और बिहार में सबसे बड़े निजी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों में से एक बनाता है। गौतम अडानी ने कहा कि ग्रुप “पीपल फर्स्ट” अप्रोच पर काम कर रहा है, जहां स्थानीय समुदायों का विकास प्राथमिकता है।
यह दौरा अडानी ग्रुप की भारत में बड़े निवेश की रणनीति का हिस्सा है, जहां वे इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रहे हैं। WEF 2026 में अडानी ग्रुप ने 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश ब्लूप्रिंट की घोषणा की थी, जिसमें महाराष्ट्र, असम और झारखंड जैसे राज्यों में प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
ये प्रोजेक्ट्स पूर्वी भारत के औद्योगीकरण में क्रांति ला सकते हैं। गोड्डा प्लांट पहले से बांग्लादेश को बिजली सप्लाई कर रहा है, जबकि पिरपैंती प्रोजेक्ट बिहार की बिजली कमी को दूर करेगा। दोनों राज्यों में रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
गौतम अडानी का यह दौरा न केवल प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग है, बल्कि क्षेत्रीय विकास में निजी क्षेत्र की भूमिका को मजबूत करने का संदेश भी है। बिहार और झारखंड जैसे राज्यों में ऐसे बड़े निवेश भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Sources: एनडीटीवी