20 फरवरी 2026, चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) फैसला: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने देश के 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की घोषणा की है। यह तीसरा चरण है, जिसमें दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। ECI ने 19 फरवरी 2026 को इन क्षेत्रों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (Chief Electoral Officers) को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया के लिए सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी की जाएं।
SIR क्या है? स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक व्यापक और गहन अभ्यास है, जिसमें मतदाता सूची को शून्य से तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल हों और कोई अयोग्य व्यक्ति (जैसे मृतक, दोहरी पंजीकरण वाले या गैर-नागरिक) इसमें न रहे। यह प्रक्रिया घर-घर जाकर गणना (house-to-house enumeration), दस्तावेज सत्यापन, दावे-आपत्तियां और अंतिम प्रकाशन के चरणों में पूरी होती है। ECI इसे लोकतंत्र की शुद्धता बनाए रखने के लिए आवश्यक मानता है, खासकर जब प्रवासन, मृत्यु और अन्य बदलावों के कारण सूची में त्रुटियां बढ़ जाती हैं।
किन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में SIR अप्रैल से? ECI के पत्र के अनुसार, ये 22 क्षेत्र हैं:
- आंध्र प्रदेश
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
- हरियाणा
- हिमाचल प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर
- झारखंड
- कर्नाटक
- लद्दाख
- महाराष्ट्र
- मणिपुर
- मेघालय
- मिजोरम
- नागालैंड
- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (NCT of Delhi)
- ओडिशा
- पंजाब
- सिक्किम
- त्रिपुरा
- तेलंगाना
- उत्तराखंड
ये वे राज्य/केंद्रशासित प्रदेश हैं जहां SIR अभी तक नहीं हुआ है। पहले चरण में बिहार में यह पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में प्रक्रिया चल रही है या पूरी हो चुकी है। असम में अलग से विशेष संशोधन हो रहा है।
प्रक्रिया और समयसीमा ECI ने स्पष्ट किया है कि SIR अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ब्लॉक-लेवल ऑफिसर (BLO) की ट्रेनिंग, मतदाता सूची का मैपिंग, फॉर्म प्रिंटिंग और अन्य तैयारियां तुरंत पूरी करें। पिछले चरणों की तरह, यहां भी घर-घर जाकर फॉर्म भरवाए जाएंगे, दस्तावेज (जैसे आधार, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र आदि) सत्यापित किए जाएंगे। नए मतदाता फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कुछ महीनों बाद होगा।
विवाद और महत्व यह फैसला विवादास्पद रहा है। विपक्षी दल इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई है। ECI का कहना है कि यह निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है, खासकर 2026-2027 में कई राज्यों (जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र आदि) में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दिल्ली और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों में लाखों मतदाताओं पर असर पड़ेगा।
मतदाताओं के लिए सलाह मतदाता ECI की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं, SIR 2026 सेक्शन में फॉर्म भर सकते हैं या ECINet ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी भी समस्या पर BLO या हेल्पडेस्क से संपर्क करें। ECI ने जोर दिया है कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए।
Sources: द हिन्दू