19 फरवरी 2026, Sensex-Nifty में भारी गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में तीन दिन की लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। सेंसेक्स 1,236 अंक (1.48%) की भारी गिरावट के साथ 82,498.14 पर और निफ्टी 365 अंक (1.41%) टूटकर 25,454.35 पर बंद हुआ। इंट्राडे में सेंसेक्स 1,400 अंकों से ज्यादा और निफ्टी 500 अंकों से अधिक नीचे चला गया था। निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹6.79 लाख करोड़ से ₹7.5 लाख करोड़ तक का नुकसान अनुमानित है। बाजार पर मुख्य दबाव ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और क्रूड ऑयल की तेजी से पड़ा। ब्रेंट क्रूड $70 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जिससे क्रूड-सेंसिटिव सेक्टरों में भारी बिकवाली देखी गई। यह रिपोर्ट बाजार के पूरे दिन के प्रदर्शन, प्रमुख कारणों, सेक्टर-वाइज प्रभाव, टॉप गेनर्स-लूजर्स और आगे की संभावनाओं की विस्तृत पड़ताल करती है।
बाजार का दिनभर का प्रदर्शन सुबह खुले बाजार में ही ग्लोबल संकेतों के आधार पर बिकवाली शुरू हो गई। अमेरिकी बाजारों में रात भर की गिरावट और मिडिल ईस्ट में तनाव की खबरों ने सेंटिमेंट को कमजोर किया। सेंसेक्स शुरुआती 30 मिनट में ही 800 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया। दोपहर 1 बजे के आसपास गिरावट चरम पर पहुंची, जहां सेंसेक्स 1,450 अंकों तक लुढ़का। अंतिम घंटे में कुछ रिकवरी हुई, लेकिन बंद होने तक भारी नुकसान दर्ज हुआ।
निफ्टी भी 25,800 के स्तर से टूटकर 25,400 के नीचे आ गया। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.2-1.8% की गिरावट रही। निफ्टी VIX (इंडिया वोलेटिलिटी इंडेक्स) 10% से ज्यादा उछलकर 16.8 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ते डर का संकेत है।
मुख्य कारण: अमेरिका-ईरान तनाव और क्रूड ऑयल बाजार की आज की गिरावट का सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव रहा। जेनेवा में न्यूक्लियर टॉक्स फेल होने के बाद अमेरिकी मिलिट्री ने ईरान पर संभावित हमले की तैयारी पूरी कर ली है। रिपोर्ट्स के अनुसार हमला शनिवार तक हो सकता है।
इसके साथ ही:
- ब्रेंट क्रूड ऑयल $70.50 प्रति बैरल के पार पहुंच गया।
- अमेरिका ने USS Gerald R. Ford एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट भेजा।
- ईरान ने रूस के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मिलिट्री ड्रिल्स शुरू कीं।
क्रूड की इस तेजी से भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर सीधा असर पड़ा। हाई ऑयल प्राइस से इन्फ्लेशन का डर बढ़ा, जिससे FMCG, ऑटो, एविएशन और टायर सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
सेक्टर-वाइज प्रभाव
- सबसे ज्यादा गिरावट: निफ्टी ऑटो (-2.8%), निफ्टी FMCG (-2.4%), निफ्टी बैंक (-2.1%), निफ्टी रियल्टी (-1.9%), निफ्टी PSU बैंक (-1.7%)
- मध्यम प्रभाव: IT (-1.2%), मेटल (-1.5%), फार्मा (-0.9%)
- कम प्रभावित: एनर्जी (+0.8%), ऑयल एंड गैस (+1.1%) – क्रूड की तेजी से कुछ फायदा
टॉप गेनर्स और लूजर्स टॉप गेनर्स
- ONGC – 3.65% ऊपर (₹274.25)
- HDFC Life – 0.65% ऊपर
- Infosys – 0.4% ऊपर
- Hindalco – 0.3% ऊपर
- NTPC – 0.2% ऊपर
टॉप लूजर्स
- IndiGo (InterGlobe Aviation) – 4.2% नीचे (टॉप लूजर)
- Mahindra & Mahindra – 3.8% नीचे
- Trent – 3.6% नीचे
- UltraTech Cement – 3.4% नीचे
- Adani Enterprises – 3.1% नीचे
- BEL – 2.9% नीचे
निवेशकों का नुकसान BSE पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप में करीब ₹7 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। पिछले तीन सत्रों में हुई तेजी का बड़ा हिस्सा आज मिट गया। FIIs ने आज नेट ₹2,800 करोड़ की बिकवाली की, जबकि DIIs ने ₹1,900 करोड़ की खरीदारी से सपोर्ट दिया।
विश्लेषकों का आउटलुक
- मोतीलाल ओसवाल: निफ्टी के लिए 25,400-25,600 मजबूत सपोर्ट, 26,000 रेजिस्टेंस। अगर सपोर्ट टूटा तो 25,000 तक गिरावट संभव।
- ICICI डायरेक्ट: क्रूड $75 के ऊपर जाने पर और दबाव बढ़ सकता है।
- जियोजित फाइनेंशियल: ग्लोबल अनिश्चितता के बीच शॉर्ट-टर्म में सतर्क रहें, लेकिन लॉन्ग-टर्म में भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत।
19 फरवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काला दिन रहा। अमेरिका-ईरान तनाव और क्रूड ऑयल की तेजी ने निवेशकों के मुनाफे को मिटा दिया। तीन दिन की तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग भी हुई, लेकिन मुख्य ट्रिगर जियोपॉलिटिकल रिस्क रहा। अगले कुछ दिन निर्णायक होंगे – अगर मिडिल ईस्ट में तनाव कम हुआ तो रिकवरी संभव, अन्यथा और गिरावट आ सकती है। निवेशकों को क्रूड प्राइस, ग्लोबल संकेतों और सपोर्ट लेवल पर नजर रखनी चाहिए। बाजार में अस्थिरता बढ़ी है, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था लॉन्ग-टर्म में सपोर्ट दे सकती है।
Sources: BSE वेबसाइट, NSE वेबसाइट