17 फरवरी 2026, ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले 2 अपराधी गिरफ्तार: बिहार के भागलपुर जिले में ATM कार्ड स्वैपिंग (बदलकर ठगी) के बढ़ते मामलों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भागलपुर पुलिस ने पूर्णिया से दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो मदद के बहाने लोगों के ATM कार्ड बदलकर उनके खातों से लाखों रुपये निकालते थे। यह गिरोह मुख्य रूप से ATM बूथ पर बुजुर्गों और कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। सिटी एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गैंग के सरगना थे और इनकी गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तारी का विवरण
भागलपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पूर्णिया जिले में छिपे दो अपराधी भागलपुर में कई ATM फ्रॉड के पीछे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने पूर्णिया में छापेमारी की और विनय कुमार तथा निवास कुमार नामक दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। दोनों आरोपी पूर्णिया के निवासी हैं और भागलपुर में कई महीनों से सक्रिय थे।
पुलिस ने दोनों के पास से दो ATM कार्ड, मोबाइल फोन, कुछ नकद राशि और अन्य ठगी से जुड़े सामान बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि आरोपी ATM बूथ पर मदद मांगने वाले लोगों को झांसा देते थे। जैसे ही पीड़ित कार्ड डालता, आरोपी उसे सहारा देने के बहाने कार्ड छीनकर अपना समान कार्ड (स्वैप) कर देते थे। बाद में वे पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेते थे। एक हालिया मामले में उन्होंने एक व्यक्ति के खाते से 77 हजार रुपये उड़ाए थे।
ठगी का तरीका और मॉड्यूस ऑपरेंडी
यह गिरोह मुख्य रूप से ATM बूथ पर सक्रिय रहता था। अपराधी बुजुर्गों या महिलाओं को टारगेट करते थे, जो ATM इस्तेमाल करने में असमर्थ होते हैं। वे मदद के नाम पर पीछे खड़े हो जाते और कार्ड डालने में सहायता करते दिखाते। जैसे ही पिन डाला जाता, वे चालाकी से कार्ड बदल देते। स्वैप किए गए कार्ड से वे तुरंत पैसे निकाल लेते या ऑनलाइन ट्रांसफर कर देते।
पुलिस के अनुसार, आरोपी विनय कुमार गैंग का मुख्य सरगना था, जबकि निवास कुमार उसका सहयोगी। दोनों ने भागलपुर के विभिन्न इलाकों जैसे तिलकामांझी, इस्लामपुर और अन्य बाजारों में कई ठगी की हैं। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने हाल ही में एक वाशिंग मशीन खरीदी थी, जो ठगी की कमाई से खरीदी गई बताई जा रही है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
भागलपुर सिटी एसपी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “यह गिरफ्तारी ATM फ्रॉड के खिलाफ हमारी मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरोपी पूछताछ में कई अन्य मामलों का खुलासा कर रहे हैं। हम उनके नेटवर्क की जांच कर रहे हैं, जिसमें अन्य जिलों से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।” पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर लिया है। बरामद सामग्री की फोरेंसिक जांच भी शुरू हो गई है।
यह कार्रवाई बिहार में बढ़ते ATM स्वैपिंग फ्रॉड के खिलाफ पुलिस की सतर्कता दिखाती है। हाल के महीनों में पूर्णिया, भागलपुर, पटना जैसे जिलों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां अपराधी मदद के बहाने ठगी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को ATM इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना चाहिए – कार्ड कभी किसी अजनबी को न दें, पिन छिपाकर डालें और संदिग्ध व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
जनता के लिए सलाह और जागरूकता
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ATM बूथ पर किसी अजनबी की मदद न लें, खासकर अगर वे कार्ड छूने की कोशिश करें। अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। भागलपुर पुलिस ने कहा कि ऐसी ठगी रोकने के लिए ATM बूथ पर अधिक सीसीटीवी और गश्त बढ़ाई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर डिजिटल युग में साइबर और फिजिकल ठगी के खतरे को उजागर करती है। भागलपुर जैसे शहरों में जहां बैंकिंग सुविधाएं बढ़ रही हैं, वहां अपराधियों का नया तरीका अपनाना चिंता का विषय है। पुलिस की इस सफलता से उम्मीद है कि ऐसे गिरोहों पर लगाम लगेगी और आम लोग सुरक्षित रहेंगे।
Sources: दैनिक भास्कर