16 फरवरी 2026, Bihar की कुटीर ज्योति योजना: बिहार सरकार ने राज्य के गरीब परिवारों के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। कुटीर ज्योति योजना के तहत बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) उपभोक्ताओं के घरों की छत पर 1.1 किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल पूरी तरह मुफ्त लगाए जाएंगे। यह योजना केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से प्रेरित है और इसका मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को बिजली बिल के बोझ से मुक्त करना तथा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इस योजना को ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने फरवरी 2026 में आवेदन प्रक्रिया शुरू की, जिसमें 28 फरवरी तक सहमति देने की अंतिम तिथि रखी गई है। पहले चरण में 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को लाभ देने का लक्ष्य है, जबकि कुल मिलाकर राज्य में ऐसे लाखों परिवारों को कवर करने की योजना है।
योजना की मुख्य विशेषताएं और पात्रता
कुटीर ज्योति योजना मूल रूप से गरीब परिवारों को सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन प्रदान करने की पुरानी योजना है, लेकिन अब इसे सोलर एनर्जी से जोड़ा गया है। इस नई पहल के तहत:
- मुफ्त इंस्टॉलेशन: 1.1 किलोवाट का सोलर सिस्टम (दो सोलर प्लेट) लगाया जाएगा। पैनल, इन्वर्टर और इंस्टॉलेशन का पूरा खर्च बिजली विभाग या सरकार वहन करेगी। उपभोक्ता को एक रुपया भी नहीं देना पड़ेगा।
- पात्रता मानदंड: केवल कुटीर ज्योति श्रेणी के उपभोक्ता (बीपीएल परिवार) पात्र हैं। घर में पक्की छत होनी चाहिए और कम से कम 64 वर्ग फीट छायामुक्त जगह उपलब्ध हो, जहां दिन भर धूप आती रहे।
- रखरखाव की जिम्मेदारी: सोलर पैनल लगने के बाद उसकी साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी उपभोक्ता की होगी, लेकिन कोई अतिरिक्त खर्च नहीं।
यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस करती है, जहां बिजली की अनियमितता और उच्च बिल गरीब परिवारों के लिए बड़ा बोझ हैं। 1.1 किलोवाट का सिस्टम दिन में पंखे, बल्ब, मोबाइल चार्जिंग और छोटे उपकरण चलाने के लिए पर्याप्त बिजली उत्पन्न करेगा।
आवेदन प्रक्रिया: आसान और डिजिटल
बिहार सरकार ने आवेदन को सरल बनाया है। कोई बिजली ऑफिस जाने की जरूरत नहीं:
- मोबाइल में SUVIDHA ऐप डाउनलोड करें (गूगल प्ले स्टोर से)।
- ऐप में “रूफटॉप सोलर पैनल स्थापन हेतु सहमति (कुटीर ज्योति)” विकल्प चुनें।
- अपना कंज्यूमर नंबर (CA नंबर) डालें, रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP आएगा।
- योजना की जानकारी दिखेगी, “सहमति” पर क्लिक करें।
- छत का फोटो या क्षेत्र की जानकारी अपलोड करें और सबमिट करें।
स्मार्टफोन न होने पर वसुंधरा केंद्र या किसी की मदद ली जा सकती है। सहमति देने के 15-30 दिनों में इंस्टॉलेशन शुरू हो सकता है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना की घोषणा करते हुए कहा कि गरीब परिवारों को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
योजना के लाभ: आर्थिक और पर्यावरणीय
- आर्थिक राहत — गरीब परिवारों का बिजली बिल लगभग जीरो हो जाएगा। दिन की बिजली सोलर से मिलेगी, रात में ग्रिड का उपयोग कम होगा।
- पर्यावरण संरक्षण — सौर ऊर्जा से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा।
- आत्मनिर्भरता — ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या कम होगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और दैनिक काम प्रभावित नहीं होंगे।
- रोजगार सृजन — सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।
राज्य में पहले से कई सोलर प्रोजेक्ट चल रहे हैं, लेकिन यह योजना सीधे गरीबों के घर तक सौर ऊाई ले जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिहार नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनेगा।
चुनौतियां और आगे की राह
कुछ क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और छत की स्थिति चुनौती हो सकती है, लेकिन विभाग तेजी से सर्वे और इंस्टॉलेशन कर रहा है। 28 फरवरी की डेडलाइन नजदीक है, इसलिए पात्र परिवार जल्द आवेदन करें।
कुल मिलाकर, कुटीर ज्योति सोलर योजना बिहार के गरीबों के लिए रोशनी की नई किरण है। यह न केवल बिजली बिल से मुक्ति देगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से आने वाली पीढ़ियों को बेहतर पर्यावरण भी प्रदान करेगी। सरकार की इस पहल से लाखों घर जगमगाने वाले हैं।
Sources: दैनिक जागरण