15 फरवरी 2026, Baisi में हेल्पिंग हैंड्स का रक्तदान शिविर अभूतपूर्व सफल: पूर्णिया जिले के बायसी क्षेत्र में सामाजिक संगठन हेल्पिंग हैंड्स बायसी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर ने क्षेत्रवासियों की सेवा भावना और मानवता का शानदार उदाहरण पेश किया। आज सुबह से शुरू हुआ यह शिविर इतना सफल रहा कि निर्धारित समय से पहले ही उपलब्ध ब्लड बैग्स (पैकेट) खत्म हो गए। कुल 120 यूनिट रक्त सफलतापूर्वक संग्रहित किया गया, जो इस क्षेत्र में आयोजित शिविरों के लिए एक नया कीर्तिमान है। हालांकि, उत्साह इतना जबरदस्त था कि पैकेट खत्म होने की वजह से लगभग 15-20 इच्छुक रक्तदानकर्ता निराश होकर लौट गए।
शिविर की शुरुआत और भारी उत्साह
शिविर का आयोजन उच्च विद्यालय बायसी परिसर में किया गया था। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस कार्यक्रम में स्थानीय युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और विभिन्न समुदायों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। हेल्पिंग हैंड्स बायसी के सदस्यों ने महीनों पहले से प्रचार किया था, सोशल मीडिया, पोस्टर और मुंह-जुबानी अभियान के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। नतीजा यह हुआ कि शिविर स्थल पर सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं।
आयोजकों ने बताया कि रक्त संग्रह के लिए फातमा हॉस्पिटल से ब्लड बैंक की टीम मौके पर मौजूद थी। मेडिकल स्टाफ ने हर दानकर्ता की स्वास्थ्य जांच की – हीमोग्लोबिन लेवल, ब्लड प्रेशर और अन्य जरूरी टेस्ट – ताकि सुरक्षित रक्तदान सुनिश्चित हो। हर दानकर्ता को सर्टिफिकेट,मोमेंटो, रिफ्रेशमेंट (फल, जूस और स्नैक्स) और सम्मान प्रदान किया गया।
रिकॉर्डतोड़ संग्रह और अप्रत्याशित चुनौती
शिविर में कुल 120 यूनिट रक्त दान हुआ, जो आयोजकों की उम्मीद से कहीं ज्यादा था। हेल्पिंग हैंड्स के संयोजक ने बताया, “हमने 100 यूनिट का लक्ष्य रखा था, लेकिन लोगों का उत्साह देखकर हम अभिभूत हैं। पहली बार दान करने वाले कई युवा शामिल हुए, जो बहुत प्रेरणादायी है।”
हालांकि, शाम तक उपलब्ध ब्लड बैग्स खत्म हो गए। इसके बाद भी लोग आते रहे, लेकिन मजबूरीवश 15-20 लोगों को लौटाना पड़ा। आयोजकों ने कहा कि अगले शिविर में ज्यादा तैयारी की जाएगी। यह घटना शिविर की सफलता का ही प्रमाण है – लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता और इच्छा कितनी बढ़ गई है।
भागीदारी और सामाजिक संदेश
शिविर में युवाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। कई कॉलेज छात्र-छात्राएं और स्थानीय युवा क्लब के सदस्य आगे आए। महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो लैंगिक समानता और सेवा भाव की मिसाल है। कुछ दानकर्ताओं ने कहा, “एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है। थैलेसीमिया, एक्सीडेंट और ऑपरेशन के मरीजों के लिए यह अमृत समान है।”
हेल्पिंग हैंड्स बायसी लंबे समय से सामाजिक कार्य कर रहा है – शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में। इस शिविर से संगठन की विश्वसनीयता और मजबूत हुई। स्थानीय प्रशासन और ब्लड बैंक ने भी सहयोग किया, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से चला।
रक्तदान का महत्व और भविष्य की योजनाएं
रक्तदान जीवन रक्षा का सबसे सरल और पुण्य कार्य है। बिहार जैसे राज्य में जहां ब्लड की कमी अक्सर मरीजों की जान ले लेती है, ऐसे शिविर बहुत जरूरी हैं। आज का यह शिविर न केवल 120 यूनिट रक्त प्रदान करेगा बल्कि समाज में जागरूकता भी फैलाएगा।
आयोजकों ने घोषणा की कि जल्द ही अगला शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें ज्यादा बैग्स की व्यवस्था होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नियमित रक्तदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
यह शिविर बायसी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। हेल्पिंग हैंड्स बायसी को बधाई और शुभकामनाएं – ऐसे प्रयास समाज को मजबूत बनाते हैं।