15 फरवरी 2026, Bangladesh में नई सरकार की शपथ: बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद नई लोकतांत्रिक सरकार के गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई सरकार की शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला विशेष प्रतिनिधि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी दल में रहेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने और रीसेट करने की मजबूत उम्मीद जगाता है। शपथ ग्रहण समारोह ढाका के जतिया संसद भवन में आयोजित होने की संभावना है, जहां तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
बांग्लादेश की राजनीतिक पृष्ठभूमि
बांग्लादेश में 2024 में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के पतन के बाद अंतरिम व्यवस्था चली। इसके बाद 2026 में हुए आम चुनावों में BNP ने भारी बहुमत हासिल किया। लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, अब देश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। चुनाव परिणामों के बाद तारिक रहमान की वापसी और सरकार गठन ने बांग्लादेश की राजनीति में नया अध्याय शुरू किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि BNP की जीत लोकतंत्र की बहाली और आर्थिक स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण है।
भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल
भारत सरकार ने इस शपथ ग्रहण समारोह में उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व का फैसला किया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला का शामिल होना दोनों देशों की संसदीय परंपराओं को मजबूत करने का प्रतीक माना जा रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री की मौजूदगी कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की संभावनाओं को बढ़ाएगी। सूत्रों के अनुसार, यह दल ढाका में बांग्लादेशी नेताओं से द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा भी करेगा। पिछले कुछ वर्षों में भारत-बांग्लादेश संबंधों में उतार-चढ़ाव आए थे, खासकर अल्पसंख्यकों के मुद्दे और सीमा विवादों पर। नई सरकार के साथ भारत ‘रीसेट’ की नीति अपनाना चाहता है।
संबंधों में सुधार की उम्मीदें
भारत और बांग्लादेश के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, आर्थिक और भौगोलिक रिश्ते हैं। व्यापार, कनेक्टिविटी और सुरक्षा सहयोग प्रमुख क्षेत्र हैं। नई BNP सरकार के साथ भारत व्यापार समझौतों, रोहिंग्या शरणार्थी मुद्दे और क्षेत्रीय स्थिरता पर सहयोग बढ़ाने की उम्मीद कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तारिक रहमान की सरकार भारत के साथ संतुलित संबंध रखना चाहेगी, क्योंकि दोनों देशों के हित आपस में जुड़े हैं। ओम बिरला की यात्रा इस दिशा में सकारात्मक संदेश देगी।
समारोह की तैयारियां और अंतरराष्ट्रीय मेहमान
शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। ढाका में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बांग्लादेश की जनता नई सरकार से आर्थिक सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और लोकतंत्र की मजबूती की उम्मीद कर रही है। भारत का यह कदम दक्षिण एशिया में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा देगा।
यह घटना दोनों देशों के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है। उम्मीद है कि तारिक रहमान सरकार के कार्यकाल में भारत-बांग्लादेश संबंध नई ऊंचाइयों को छूएंगे।
Sources: द ट्रिब्यून