पटना, 15 फरवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना के हाई-सिक्योरिटी VVIP जोन में उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास के ठीक बाहर पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस की गाड़ी में सवार एक महिला अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिस की बबाद में मौत हो गयी, जबकि थार बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पास के पार्क में जा घुसी। पुलिस ने थार चालक सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
घटना पटना के सचिवालय थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्यमंत्री आवास के मुख्य गेट से महज कुछ मीटर की दूरी पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय काली रंग की थार गाड़ी अत्यधिक रफ्तार में आ रही थी। सामने से पेट्रोलिंग पर निकली पुलिस की स्कॉर्पियो गाड़ी आते देख थार चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि वह अनियंत्रित हो गई। आमने-सामने की भिड़ंत में थार ने पुलिस वाहन को सीधे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद थार बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ी और पास के हरे-भरे पार्क में जा रुकी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि टक्कर के समय पुलिस गाड़ी में चार जवान सवार थे। इनमें से एक महिला पुलिस अधिकारी को गंभीर चोटें आईं। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बाकी पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए, हालांकि उन्हें भी मामूली चोटें आईं। थार में सवार युवक भी घायल हुए, लेकिन उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने दोनों वाहनों को क्रेन की मदद से हटवाया। थार की जांच में पता चला कि गाड़ी में कोई अवैध सामान नहीं था, लेकिन चालक की लापरवाही साफ नजर आ रही है। डीसीपी ट्रैफिक अजित कुमार ने बताया, “थार विपरीत दिशा से आ रही थी और अचानक टक्कर हो गई। हम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज कर रहे हैं। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।”
यह इलाका पटना का सबसे सुरक्षित माना जाता है। यहां मुख्यमंत्री आवास के अलावा कई मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के घर हैं। हमेशा भारी पुलिस बल तैनात रहता है और बैरिकेडिंग के साथ सख्त चेकिंग होती है। ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि VVIP जोन में भी ओवरस्पीडिंग की समस्या बढ़ रही है, खासकर युवाओं में महिंद्रा थार जैसी पावरफुल SUVs की लोकप्रियता के कारण।
पटना में पिछले कुछ वर्षों में तेज रफ्तार वाहनों से होने वाले हादसे बढ़े हैं। थार जैसी गाड़ियां अपनी ऑफ-रोड क्षमता और पावर के लिए जानी जाती हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर इनका गलत इस्तेमाल जानलेवा साबित हो रहा है। हाल के महीनों में दानापुर, गोला रोड और अन्य इलाकों में थार से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान गई। ट्रैफिक पुलिस ने स्पीड लिमिट और चालान को सख्त करने की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अमल की कमी नजर आती है।
इस घटना के बाद कुछ ने युवाओं से जिम्मेदारी से गाड़ी चलाने की अपील की। बिहार सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने पुलिस से पूरी रिपोर्ट मंगवाई है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कानून के साथ-साथ जागरूकता अभियान जरूरी है। पटना जैसे शहर में जहां ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है, स्पीड गवर्नर और ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम जैसी तकनीक को अनिवार्य करना चाहिए। साथ ही VVIP जोनों में स्पीड कैमरे और रडार की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला रही है। पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी को ही टक्कर मारने वाली यह वारदात न केवल लापरवाही का उदाहरण है बल्कि यह भी दर्शाती है कि तेज रफ्तार का कहर कब किसी की जान ले ले, कुछ कहा नहीं जा सकता। उम्मीद है कि जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
Sources: इंडियन एक्सप्रेस