Women teachers in Bihar get posting in their home districtsWomen teachers in Bihar get posting in their home districts

14 फरवरी 2026 Bihar में महिला शिक्षकों को गृह जिला में पोस्टिंग की सौगात जल्द: बिहार में सरकारी महिला शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी होने की दहलीज पर पहुंच गई है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों के गृह जिला में स्थानांतरण की जोरदार वकालत की, जिस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। नीतीश कुमार सरकार इस मुद्दे पर जल्द फैसला ले सकती है, जिससे हजारों महिला शिक्षिकाओं को परिवार से दूर रहने की मजबूरी से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। शिक्षक संघों ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बताया है।

विधान परिषद में राबड़ी देवी ने उठाया मुद्दा

बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि दूर-दराज जिलों में पोस्टिंग होने से महिला शिक्षिकाओं को परिवार, बच्चों की देखभाल और सुरक्षा जैसी गंभीर परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। राबड़ी ने मांग की कि सभी महिला शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह जिला में किया जाए, ताकि वे संतुलित और सुरक्षित वातावरण में अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें।

इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को आश्वासन दिया कि महिला शिक्षकों के स्थानांतरण पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से देख रही है और जल्द ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा। यह बयान सदन में गूंजा और विपक्ष व सत्ता पक्ष दोनों ने इसे सकारात्मक बताया।

महिला शिक्षकों की लंबी संघर्ष और समस्याएं

बिहार में सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों महिला शिक्षिकाएं वर्षों से गृह जिला पोस्टिंग की मांग कर रही हैं। वर्तमान स्थानांतरण नीति में अंतर-जिला ट्रांसफर के दौरान महिला शिक्षिकाओं को प्राथमिकता तो मिलती है, लेकिन गृह जिला में पोस्टिंग की गारंटी नहीं है। दूर पोस्टिंग के कारण कई शिक्षिकाएं परिवार से अलग रहने को मजबूर हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा, बुजुर्गों की देखभाल और व्यक्तिगत सुरक्षा प्रभावित होती है।

शिक्षक संघों के अनुसार, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिला शिक्षिकाओं को लंबी दूरी की यात्रा और असुरक्षित माहौल का सामना करना पड़ता है। पहले भी कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं, जहां शिक्षिकाओं ने होम डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर की मांग की थी। हाल ही में 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश की मंजूरी भी महिला शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर थी, और अब गृह जिला पोस्टिंग इस कड़ी में अगला कदम मानी जा रही है।

नीतीश सरकार का रुख और पिछली पहलें

नीतीश कुमार सरकार हमेशा से महिला सशक्तिकरण पर जोर देती रही है। पहले भी शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल पॉलिसी, महिलाओं को 35% आरक्षण और ट्रांसफर में प्राथमिकता जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। शिक्षा विभाग सूत्रों के अनुसार, गृह जिला पोस्टिंग पर नई नीति तैयार की जा रही है, जिसमें महिला, विधवा, तलाकशुदा और दिव्यांग शिक्षकों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद विभाग में इस पर तेजी से काम शुरू हो गया है। संभावना है कि आने वाले दिनों में अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसमें ऑनलाइन आवेदन और मेरिट आधारित ट्रांसफर की प्रक्रिया शामिल होगी।

शिक्षक संघों ने स्वागत किया, उम्मीदें बढ़ीं

विभिन्न शिक्षक संघों ने सरकार के इस संभावित फैसले का स्वागत किया है। बिहार राज्य शिक्षक संघ और अन्य संगठनों ने कहा कि यह लंबी मांग पूरी होने से महिला शिक्षिकाओं का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। संघों ने उम्मीद जताई कि फैसला जल्द लागू हो और सभी पात्र शिक्षिकाओं को लाभ मिले।

कुछ संघों ने सुझाव दिया कि ट्रांसफर प्रक्रिया पारदर्शी हो और जिला स्तर पर स्थापना समिति इसमें भूमिका निभाए।

संभावित लाभ और चुनौतियां

अगर यह नीति लागू होती है तो हजारों महिला शिक्षिकाओं को परिवार के साथ रहने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी। बच्चों की देखभाल बेहतर होगी और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं जैसे कुछ जिलों में शिक्षकों की कमी और संतुलित वितरण की समस्या। सरकार इनका समाधान निकालने का दावा कर रही है।

यह कदम नीतीश सरकार की महिला-केंद्रित नीतियों को और मजबूत करेगा। शिक्षक समुदाय में उत्साह है और सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं। जैसे ही कोई नई अपडेट आएगी, हम आपको सूचित करेंगे।

Sources: abp न्यूज़

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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