A massive fire broke out in a factory in Mundka, Delhi.A massive fire broke out in a factory in Mundka, Delhi.

14 फरवरी 2026, Delhi के मुंडका में फैक्ट्री में लगी भीषण आग: राजधानी दिल्ली के पश्चिमी इलाके मुंडका में शनिवार शाम एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, सूचना मिलते ही मौके पर 20 दमकल गाड़ियां भेजी गईं, और आग बुझाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। फिलहाल हताहतों या घायलों की कोई सूचना नहीं है, लेकिन आग की वजह और नुकसान का आकलन अभी बाकी है।

घटना की शुरुआत शाम के समय हुई, जब मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक फैक्ट्री से धुएं और आग की लपटें उठती दिखीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत दिल्ली फायर सर्विस को सूचित किया। दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि आग की सूचना मिलने के तुरंत बाद 20 दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। राहत और बचाव कार्य जारी है, और आग पर काबू पाने की कोशिशें की जा रही हैं। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्ट्स में किसी स्पष्ट वजह का जिक्र नहीं है।

मुंडका इलाका दिल्ली का एक प्रमुख इंडस्ट्रियल जोन है, जहां प्लास्टिक, केमिकल, रबर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों से जुड़ी दर्जनों फैक्ट्रियां और गोदाम हैं। इस क्षेत्र में पहले भी कई बार आग की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जो सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती हैं। सबसे भयावह घटना मई 2022 की थी, जब मुंडका में एक चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। उस हादसे में शॉर्ट सर्किट को मुख्य वजह माना गया था, और बिल्डिंग में सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई थी।

2022 की उस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया था। बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरा बनाने वाली कंपनी चल रही थी, और आग लगने पर लोग फंस गए थे क्योंकि इमारत में पर्याप्त निकासी व्यवस्था नहीं थी। उस घटना के बाद दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इंडस्ट्रियल एरिया में सुरक्षा मानकों को सख्त करने का दावा किया था, लेकिन बार-बार आग की घटनाएं सवाल खड़े कर रही हैं। पिछले वर्षों में भी मुंडका में केमिकल गोदाम, कार्डबोर्ड फैक्ट्री और अन्य इकाइयों में आग लग चुकी है, जिनमें से कुछ में बड़ा नुकसान हुआ था।

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के इंडस्ट्रियल एरिया में अवैध निर्माण, ज्वलनशील सामग्रियों का अनियंत्रित भंडारण, बिजली के तारों की खराब वायरिंग और फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी जैसी समस्याएं मुख्य कारण हैं। मुंडका जैसे इलाकों में छोटी-छोटी फैक्ट्रियां और गोदाम घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, जिससे आग फैलने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, संकरी गलियां होने से दमकल गाड़ियों को पहुंचने में देरी हो सकती है।

वर्तमान घटना में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो राहत की बात है। दिल्ली फायर सर्विस की टीम कूलिंग ऑपरेशन में जुटी हुई है, ताकि आग दोबारा न भड़के। स्थानीय पुलिस ने इलाके को सील कर दिया है और ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि धुआं फैलने से सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से इस घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद आमतौर पर जांच के आदेश दिए जाते हैं। विपक्षी दल अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हैं। मुंडका जैसे इलाकों में फैक्ट्रियों के नियमित ऑडिट और फायर सेफ्टी ड्रिल की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

यह घटना एक बार फिर दिल्ली के इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में बड़ी त्रासदियां हो सकती हैं। फिलहाल राहत कार्य जारी है, और अधिक जानकारी का इंतजार है। जैसे-जैसे अपडेट आएंगे, हम आपको सूचित करते रहेंगे।

Sources: TheNewsMill

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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