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13 फरवरी 2026, Stock Market में भारी गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली का दौर देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 1,048 अंक की भारी गिरावट के साथ 82,627 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 336 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार की यह गिरावट मुख्य रूप से मेटल, आईटी और एनर्जी सेक्टर में तीव्र बिकवाली के कारण हुई। निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई, जिससे बाजार में दहशत का माहौल बना रहा।

बाजार का प्रदर्शन

आज के कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक या 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 1,000 अंक से ज्यादा की गिरावट दर्ज कर चुका था। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 336.10 अंक या 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 पर बंद हुआ। निफ्टी 25,500 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया, जो तीन महीने का निचला स्तर है।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा नुकसान मेटल, आईटी और एनर्जी सेक्टर को हुआ। निफ्टी मेटल इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी आईटी में 2.5 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई। एनर्जी सेक्टर भी भारी दबाव में रहा। दूसरी ओर, कुछ चुनिंदा सेक्टर जैसे एफएमसीजी और फार्मा में हल्की खरीदारी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में बिकवाली हावी रही।

प्रमुख कारण

बाजार में इस भारी गिरावट के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा ट्रिगर रहा आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंता। वैश्विक स्तर पर AI ऑटोमेशन से आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर खतरे की आशंका से ग्लोबल आईटी सेलऑफ हुआ, जिसका असर भारतीय आईटी दिग्गजों जैसे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो पर पड़ा। इन शेयरों में 3-5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।

दूसरा प्रमुख कारण रहा वैश्विक बाजारों में कमजोरी। अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र में भारी बिकवाली हुई, जहां तकनीकी शेयरों में गिरावट देखी गई। अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों का मनोबल तोड़ा। एशियाई बाजारों जैसे जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया में भी गिरावट रही, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा।

मेटल सेक्टर में कमोडिटी कीमतों में गिरावट और एनर्जी सेक्टर में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भी योगदान दिया। घरेलू स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग और ऊंचे वैल्यूएशन पर चिंता ने बिकवाली को बढ़ावा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि “फ्राइडे द 13th” का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी कुछ हद तक निवेशकों पर पड़ा।

निवेशकों पर प्रभाव

इस एक दिन की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार कैपिटलाइजेशन घटकर नए निचले स्तर पर पहुंच गया। छोटे और मध्यम निवेशक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, क्योंकि कई शेयरों में लोअर सर्किट लग गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2-3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। कुछ का मानना है कि AI को लेकर घबराहट अतिरंजित है और लंबे समय में आईटी सेक्टर को फायदा होगा। अन्य विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेशक घबराएं नहीं और क्वालिटी स्टॉक्स में खरीदारी का मौका तलाशें। आने वाले दिनों में अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और घरेलू क्यू3 रिजल्ट्स पर नजर रहेगी।

कुल मिलाकर, आज का कारोबार निवेशकों के लिए सबक था कि बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा रहता है। लंबे समय के निवेशक शांत रहें, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें। बाजार कल फिर खुलेगा और नई उम्मीदें लेकर आएगा।

Sources: इकनोमिक टाइम्स

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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