12 फरवरी 2026, किशनगंज में APAR कार्ड निर्माण में तेजी: किशनगंज जिले में छात्रों के लिए महत्वपूर्ण ‘अपार’ (Automated Permanent Academic Account Registry-APAR) कार्ड निर्माण कार्य में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। जिला में अब तक 66 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जिला अधिकारी तुषार सिंगला ने गुरुवार को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर शेष कार्य 28 फरवरी तक पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। जिले में कुल 3,70,562 अपार कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से लगभग 2,44,570 कार्ड बनाए जा चुके हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, बीआरपी, सीआरपी और स्कूल प्रधानों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें। बैठक में पता चला कि कई प्रखंडों में कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी और प्रयास की जरूरत है। डीएम ने कहा, “अपार कार्ड छात्रों के शैक्षणिक जीवन का स्थायी पहचान पत्र है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 28 फरवरी तक हमें पूर्ण लक्ष्य हासिल करना है। कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अपार कार्ड क्या है और क्यों जरूरी?
अपार कार्ड भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना है। यह छात्रों को एक अद्वितीय 12 अंकों का आईडी नंबर प्रदान करता है, जो आधार की तरह उनका स्थायी शैक्षणिक पहचान पत्र होता है। इस कार्ड से छात्रों की पूरी शैक्षणिक यात्रा – कक्षा 1 से लेकर उच्च शिक्षा तक – एक ही प्लेटफॉर्म पर ट्रैक की जा सकती है। इसमें प्रवेश, स्थानांतरण, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, कौशल प्रशिक्षण आदि सभी जानकारी संग्रहीत रहेगी।
यह कार्ड छात्रों को कई सुविधाएं प्रदान करता है:
- छात्रवृत्ति और योजनाओं का सीधा लाभ
- स्थानांतरण में आसानी
- डिजिटल लॉकर के माध्यम से प्रमाण-पत्रों की सुरक्षा
- शैक्षणिक डेटा का सुरक्षित रखरखाव
- ड्रॉपआउट छात्रों की पहचान और उन्हें वापस लाने में मदद
बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में अपार कार्ड निर्माण को प्राथमिकता दी है। किशनगंज जैसे सीमांचल जिले में, जहां शिक्षा स्तर में सुधार की बड़ी चुनौती है, यह योजना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। जिले में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक और ग्रामीण आबादी है, जहां स्कूलों तक पहुंच और दस्तावेजीकरण में कठिनाइयां रही हैं।
जिले में प्रगति का विवरण
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, 3,70,562 अपार कार्ड का लक्ष्य 0 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों और छात्रों के लिए निर्धारित है। इसमें प्री-स्कूल, प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के छात्र शामिल हैं। अब तक 66 प्रतिशत कार्य पूरा होने का मतलब है कि लगभग 2.44 लाख से अधिक छात्रों का अपार आईडी जनरेट हो चुका है।
प्रखंडवार प्रदर्शन में ठाकुरगंज, पोठिया और बहादुरगंज प्रखंड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां 70-75 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है। वहीं कोचाधामन और टेढ़ागाछ जैसे क्षेत्रों में अभी 50-60 प्रतिशत के आसपास प्रगति है। डीएम ने पिछड़े प्रखंडों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने सभी स्कूलों में विशेष कैंप आयोजित करने और अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार सिंह, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, डीपीओ (सर्व शिक्षा अभियान) और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी बीआरपी और सीआरपी को फील्ड में उतरकर कार्य की मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही, जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके लिए तत्काल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए, क्योंकि अपार आईडी आधार से लिंक होता है।
चुनौतियां और समाधान
किशनगंज जिले में अपार कार्ड निर्माण की कुछ प्रमुख चुनौतियां रही हैं:
- ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी
- अभिभावकों में जागरूकता की कमी
- आधार कार्ड और जन्म प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेजों की अनुपलब्धता
- प्रवासी मजदूरों के बच्चों का नामांकन
इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभाग ने कई कदम उठाए हैं। स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी जोड़ा गया है। साथ ही, मोबाइल वैन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंच बनाई जा रही है। डीएम ने कहा कि किसी भी बच्चे को इस योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
राज्य स्तर पर स्थिति
बिहार में अपार कार्ड निर्माण का कार्य पूरे जोर पर है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को फरवरी अंत तक लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है। कई जिलों जैसे पटना, मुजफ्फरपुर और गया में 80 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है। किशनगंज में 66 प्रतिशत प्रगति सीमांचल के अन्य जिलों – पूर्णिया, अररिया और कटिहार – की तुलना में बेहतर है। यह जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की समन्वित मेहनत का परिणाम है।
भविष्य में लाभ
अपार कार्ड से किशनगंज के छात्रों को लंबे समय तक फायदा होगा। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा के अवसर आसानी से मिलेंगे। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। जिले में ड्रॉपआउट दर को कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में भी यह सहायक होगा।
जिला अधिकारी ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का अपार कार्ड बनवाने में सहयोग करें। स्कूलों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां मुफ्त में यह कार्य किया जा रहा है।
किशनगंज में अपार कार्ड निर्माण अभियान शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है। 28 फरवरी का लक्ष्य पूरा होने पर जिला राज्य में अग्रणी जिलों में शुमार हो सकता है। प्रशासन की सख्ती और विभाग की मेहनत से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
Sources: दैनिक भास्कर