11 फरवरी 2026, पटना में कुख्यात अपराधी सूर्या डॉन का एनकाउंटर, STF की गोली से घायल: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार तड़के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन को एनकाउंटर के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। घटना गायघाट इलाके में महात्मा गांधी सेतु के नीचे सुबह करीब 4-5 बजे हुई। पुलिस को देखते ही सूर्या डॉन ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में STF ने उसके पैर में गोली मार दी। यह कार्रवाई बिहार पुलिस के अपराधियों के खिलाफ जारी सख्त अभियान का हिस्सा है।
घटना का विवरण: फायरिंग और जवाबी कार्रवाई
STF को गुप्त सूचना मिली थी कि 25 हजार रुपये का इनामी सूर्या डॉन गायघाट क्षेत्र में छिपा है और गंगा घाट पर नाविकों से रंगदारी वसूलने की फिराक में है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए STF और आलमगंज थाना पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी।
खुद को घिरा देख अपराधी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर पिस्टल से तीन राउंड फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में STF ने जवाबी गोली चलाई, जो उसके दाहिने पैर में लगी। गिरफ्तार होने के बाद मौके से एक देसी कट्टा, कई जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए गए। घायल सूर्या डॉन को तुरंत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है।
सूर्या डॉन का आपराधिक इतिहास
सूर्या डॉन कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसका असली नाम राजीव कुमार है और वह खाजेकला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसके खिलाफ पटना और आसपास के जिलों में 24-25 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, अवैध हथियार रखना, रंगदारी वसूली और शराब तस्करी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।
वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था। गंगा घाटों पर नाविकों से संगठित रंगदारी वसूली उसका मुख्य धंधा था। IPS अधिकारियों के अनुसार, गायघाट जैसे इलाकों में नाविकों और छोटे व्यापारियों को लगातार धमकियां मिल रही थीं।
पुलिस की रणनीति और ऑपरेशन लंगड़ा
बिहार पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ का हिस्सा है, जिसमें अपराधियों को पैर में गोली मारकर पकड़ा जाता है ताकि वे भाग न सकें। पिछले चार महीनों में राज्य में 10 से अधिक एनकाउंटर हो चुके हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है।
STF अधिकारी ने कहा, “अपराधी ने पहले गोली चलाई। हमने केवल आत्मरक्षा में जवाब दिया। यह अपराध मुक्त बिहार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद
एनकाउंटर के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी राजद ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर जाति और समुदाय के आधार पर हो रहे हैं। राजद विधायक ने विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए कहा कि कुछ समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है।
वहीं NDA नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती, कानून सबके लिए एक समान है। आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, खासकर गायघाट जैसे इलाकों के नाविकों और व्यापारियों में राहत का माहौल है।
मानवाधिकार और जांच की मांग
कुछ मानवाधिकार संगठनों ने फेक एनकाउंटर की आशंका जताई है और स्वतंत्र जांच की मांग की है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरी कार्रवाई कानून सम्मत थी और मजिस्ट्रेट जांच होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रंगदारी और अपराध की वजह से वे लंबे समय से परेशान थे। इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है।
अपराध नियंत्रण की दिशा में कदम
सूर्या डॉन की गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों का खुलासा हो सकता है और उसके गैंग के अन्य सदस्यों तक पुलिस पहुंच सकती है। बिहार में अपराध दर में कमी लाने के लिए पुलिस की ऐसी सक्रियता जारी रहनी चाहिए। यह घटना दर्शाती है कि अपराधियों के हौसले अब टूट रहे हैं और कानून का राज कायम हो रहा है।
Sources: न्यूज़ नेशन