Huge uproar in Bihar Legislative CouncilHuge uproar in Bihar Legislative Council

10 फरवरी 2026, Bihar विधान परिषद में भारी हंगामा: – बिहार विधान परिषद में आज उस समय भारी हंगामा हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को संबोधित करते हुए ‘लड़की’ शब्द का इस्तेमाल किया। विपक्ष ने इसे महिला अपमान और असंसदीय भाषा करार देते हुए सदन में जोरदार प्रदर्शन किया। हंगामे के दौरान कई विपक्षी विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया, जबकि जदयू विधायक अशोक चौधरी और राजद विधायक सुनील सिंह के बीच तीखी जुबानी जंग हुई। सदन की कार्यवाही दिन भर बाधित रही और अंततः स्थगित कर दी गई।

घटना की शुरुआत: नीतीश का बयान

बजट सत्र के दौरान विधान परिषद में कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चर्चा चल रही थी। विपक्षी सदस्य सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे थे। इसी दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए कहा, “ये लड़की बार-बार बाधा डाल रही हैं, सदन को चलने दीजिए।” नीतीश का यह बयान जैसे ही सदन में गूंजा, विपक्षी खेमे में खलबली मच गई।

राजद और कांग्रेस के सदस्यों ने इसे महिला अपमान बताया और तुरंत हंगामा शुरू कर दिया। राबड़ी देवी खुद सदन में मौजूद थीं और उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकी हूं, मुझे लड़की कहकर अपमानित करना बंद करें।” विपक्षी सदस्य वेल में उतर आए, नारे लगाने लगे और प्लेकार्ड्स लहराने लगे।

विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन और सस्पेंशन

हंगामा बढ़ता देख सभापति आवाज़ सिंह ने कई बार सदन को शांत करने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष नहीं माना। राजद के सुनील सिंह, कांग्रेस के कुछ सदस्यों सहित कुल 8 विधायकों को असंसदीय आचरण के लिए शेष सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड किए गए सदस्यों में सुनील सिंह प्रमुख थे, जिन्होंने सभापति की कुर्सी के सामने खड़े होकर नारे लगाए थे।

विपक्ष ने सस्पेंशन को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बाहर मीडिया से कहा, “महिला पूर्व मुख्यमंत्री को लड़की कहना नीतीश जी की मानसिकता दर्शाता है। वे महिलाओं का सम्मान करना भूल गए हैं।” राबड़ी देवी ने भी कहा कि नीतीश कुमार की उम्र का लिहाज करते हुए वे चुप रहना चाहती थीं, लेकिन यह बयान अस्वीकार्य है।

सुनील सिंह-अशोक चौधरी में जुबानी जंग

हंगामे के दौरान सबसे तीखा प्रसंग जदयू विधायक अशोक चौधरी और राजद विधायक सुनील सिंह के बीच हुआ। अशोक चौधरी ने विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने का आरोप लगाया, तो सुनील सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, “आप लोग महिलाओं का अपमान करते हैं, फिर सदन चलाने की बात करते हैं।” दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसे सभापति ने रोकने की कोशिश की।

अशोक चौधरी ने बाद में मीडिया से कहा कि नीतीश कुमार ने कोई गलत शब्द नहीं कहा, विपक्ष मुद्दों से भाग रहा है। वहीं सुनील सिंह ने इसे व्यक्तिगत हमला बताया और कहा कि जदयू के लोग असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप

घटना के बाद बिहार की सियासत गरमा गई। राजद ने इसे महिला विरोधी मानसिकता करार दिया और पूरे राज्य में प्रदर्शन की घोषणा की। तेजस्वी यादव ने कहा, “नीतीश जी की सेहत और मानसिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन महिलाओं का अपमान अस्वीकार्य है।” कांग्रेस ने भी नीतीश सरकार पर हमला बोला और कहा कि यह बिहार की महिलाओं का अपमान है।

दूसरी ओर, जदयू और भाजपा ने विपक्ष को सदन बाधित करने वाला बताया। भाजपा विधायक दल के नेता ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं। नीतीश कुमार ने खुद कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके करीबी सूत्रों ने कहा कि यह बयान सामान्य था और विपक्ष ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

घटना का व्यापक असर

यह हंगामा बिहार में सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ती खाई को दर्शाता है। बजट सत्र में विकास और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों ने सब कुछ प्रभावित कर दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह घटना विपक्ष को नया हथियार दे गई है।

विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर पूरे बिहार में आंदोलन करने की तैयारी कर रहा है। महिला संगठनों ने भी नीतीश के बयान की निंदा की है। सदन की कार्यवाही कल फिर शुरू होगी, लेकिन गतिरोध बरकरार रहने की आशंका है।

कुल मिलाकर, एक छोटा सा शब्द ‘लड़की’ बिहार की राजनीति में बड़ा तूफान बन गया है। आने वाले दिन बताएंगे कि यह विवाद कितना आगे बढ़ता है और बिहार की सियासत पर इसका क्या असर पड़ता है।

Sources: आज तक

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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