9 फरवरी 2026, Sensex-NIFTY में जोरदार उछाल: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की सकारात्मक खबर से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को पूरी तरह हटाने की घोषणा के बाद निवेशकों का जोश हाई रहा। सेंसेक्स 485 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 84,066 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 174 अंक चढ़कर 25,867 के स्तर पर पहुंच गया। दोनों प्रमुख इंडेक्स ने कारोबार के दौरान नए इंट्रा-डे रिकॉर्ड बनाए। पूरे दिन का कुल टर्नओवर करीब 4.2 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के उत्साह को दर्शाता है।
अमेरिका-भारत ट्रेड डील का सीधा असर
इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका के साथ नया व्यापार समझौता रहा। अमेरिका ने स्टील, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और अन्य भारतीय उत्पादों पर लगे अतिरिक्त टैरिफ को वापस ले लिया, जिससे भारतीय निर्यातकों को सालाना अनुमानित 40 हजार करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। विश्लेषकों का कहना है कि इससे भारत का कुल निर्यात 15-18% तक बढ़ सकता है, खासकर अमेरिकी बाजार में। इस खबर से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी खरीदारी हुई, जिसने बाजार को और मजबूती दी। घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भी सक्रिय रहे।
सेक्टरवार प्रदर्शन: निर्यात आधारित सेक्टर चमके
ट्रेड डील के कारण सबसे ज्यादा फायदा निर्यात-निर्भर सेक्टरों को हुआ:
- मेटल सेक्टर: टैरिफ हटने से स्टील कंपनियों के शेयरों में उछाल। टाटा स्टील 7.2%, JSW स्टील 6.8% और सेल 5.5% तक चढ़े। सेक्टर इंडेक्स 4.8% ऊपर बंद हुआ।
- ऑटो सेक्टर: अमेरिकी बाजार में बढ़ती मांग की उम्मीद से टाटा मोटर्स 5.5%, मारुति सुजुकी 4% और बजाज ऑटो 4.2% मजबूत।
- फार्मा सेक्टर: जेनेरिक दवाओं के निर्यात को बूस्ट मिलने से सन फार्मा 6%, दिविस लैब 5.5% और डॉ रेड्डीज 4.8% उछले।
- अन्य सेक्टरों में रियल्टी और बैंकिंग में भी अच्छी तेजी रही, जबकि IT सेक्टर पर थोड़ा दबाव दिखा क्योंकि ग्लोबल रेट कट उम्मीदें कम हुईं।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी के टॉप गेनर्स में टाटा स्टील, सन फार्मा, टाटा मोटर्स, JSW स्टील और अदाणी एंटरप्राइजेज रहे। सेंसेक्स में भी यही कंपनियां लीड कर रही थीं। लूजर्स की संख्या सीमित रही—मुख्य रूप से इंफोसिस, TCS और HCL टेक जैसे IT शेयर 1-3% गिरे। कुल मिलाकर BSE पर 2,600 से ज्यादा शेयर हरे निशान में बंद हुए।
बाजार की चौड़ाई और निवेशक गतिविधि
मार्केट ब्रेड्थ पॉजिटिव रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.5-2% चढ़े। FII की नेट खरीदारी करीब 7,500 करोड़ रही, जबकि DII ने भी सपोर्ट किया। वॉल्यूम पिछले सत्रों से ज्यादा रहा, जो सस्टेन्ड रैली का संकेत है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की दिशा
ब्रोकरेज फर्मों और मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रेड डील से भारतीय अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि का फायदा होगा। कई ने मेटल, ऑटो और फार्मा सेक्टर में ‘स्ट्रॉन्ग बाय’ रेटिंग दी है। हालांकि, ग्लोबल संकेतों जैसे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स पर नजर रखने की सलाह दी गई। कल के सत्र में भी तेजी जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ प्रॉफिट बुकिंग संभव है।
यह सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए यादगार रहा, जहां व्यापार समझौते ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत किया। आने वाले दिनों में कॉर्पोरेट रिजल्ट्स, निर्यात डेटा और ग्लोबल ट्रेड अपडेट पर फोकस रहेगा।
Sources: NSE वेबसाइट