9 फरवरी 2026, RJD में घमासान: बिहार की सियासत में यादव परिवार की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इन दिनों आंतरिक कलह की चपेट में है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर 5 नेताओं की ‘गद्दारों’ की लिस्ट जारी कर सनसनी फैला दी है। उन्होंने इन नेताओं को ‘जयचंद’ करार देते हुए पार्टी के भीतर साजिश रचने का आरोप लगाया। इस बीच, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का पूर्ण मौन और कल पटना में होने वाली अहम बैठक ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे, जहां इस विवाद पर फैसला लिया जा सकता है।
तेजप्रताप की लिस्ट: कौन हैं वे 5 ‘जयचंद’?
उन्होंने पार्टी के 5 वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। लिस्ट में शामिल नाम हैं:
- संजय यादव (Sanjay Yadav): तेजस्वी यादव के करीबी और राज्यसभा सांसद।
- शक्ति सिंह यादव (Shakti Singh Yadav): आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता।
- सुनील सिंह (Sunil Singh): आरजेडी एमएलसी और लालू परिवार के करीबी माने जाने वाले नेता।
- मुकेश रोशन (Mukesh Roshan): महुआ से आरजेडी विधायक।
- रमीज (Rameez): तेज प्रताप ने इस नाम का भी उल्लेख अपने “जयचंदों” की सूची में किया।
तेजप्रताप ने पोस्ट में लिखा, “ये लोग पार्टी के भीतर साजिश रच रहे हैं। ये जयचंद हैं जो लालू जी और तेजस्वी के नेतृत्व को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी को ऐसे गद्दारों से साफ करना जरूरी है।” उन्होंने आगे कहा कि ये नेता नीतीश कुमार की NDA सरकार से मिले हुए हैं और महागठबंधन को तोड़ने की फिराक में हैं। पोस्ट वायरल होते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया।
लालू प्रसाद का मौन क्यों?
सबकी निगाहें पार्टी के सर्वेसर्वा लालू प्रसाद यादव पर टिकी हैं, लेकिन वे इस पूरे मामले पर चुप हैं। सूत्र बताते हैं कि लालू जी रांची में इलाज करा रहे हैं और उन्होंने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पार्टी के करीबी कहते हैं कि लालू का मौन संकेत है कि वे परिवार के भीतर मतभेद नहीं चाहते, लेकिन तेजप्रताप की बेबाकी से वे नाराज भी हो सकते हैं। विपक्षी दल NDA ने इसे RJD की आंतरिक कमजोरी करार दिया है। CM नीतीश कुमार ने कहा, “महागठबंधन में सब ठीक नहीं चल रहा, ये उनकी घरेलू लड़ाई है।”
कल पटना में अहम बैठक: तेजस्वी की भूमिका अहम
सूत्रों के हवाले से खबर है कि कल सुबह पटना के RJD मुख्यालय में पार्टी की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसमें तेजस्वी यादव मुख्य रूप से शामिल होंगे। बैठक में तेजप्रताप की लिस्ट पर चर्चा होगी और संभवतः अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। कुछ नेता चाहते हैं कि तेजप्रताप को समझाया जाए, जबकि युवा खेमा उनका समर्थन कर रहा है। तेजस्वी ने अभी सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा, लेकिन पार्टी सूत्र कहते हैं कि वे परिवार और पार्टी की एकता बचाने की कोशिश करेंगे।
पार्टी में बवाल: कार्यकर्ताओं में विभाजन
तेजप्रताप की पोस्ट के बाद पार्टी कार्यकर्ता दो खेमों में बंट गए हैं। एक खेमा तेजप्रताप के साथ है, जो कहता है कि पार्टी में भ्रष्ट और अवसरवादी नेताओं की सफाई जरूरी है। दूसरा खेमा इसे परिवारवाद और अस्थिरता का प्रमाण बता रहा है। नामजद नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी—जगदानंद सिंह ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है, पार्टी फोरम पर बात होनी चाहिए।” शिवानंद तिवारी ने इसे व्यक्तिगत हमला बताया।
सियासी निहितार्थ: 2026 विधानसभा चुनाव से पहले झटका
बिहार में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं और RJD महागठबंधन की मुख्य पार्टी है। इस आंतरिक कलह से NDA को फायदा हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि यादव परिवार के मतभेद पुराने हैं—तेजप्रताप की बेबाकी अक्सर पार्टी को मुश्किल में डालती है। अगर कल की बैठक में हल नहीं निकला तो पार्टी में विभाजन की आशंका बढ़ जाएगी।
फिलहाल पूरा बिहार इस विवाद पर नजर टिकाए हुए है। कल की बैठक के नतीजे तय करेंगे कि RJD एकजुट रहती है या और कमजोर होती है।
Sources: टाइम्स ऑफ़ इंडिया