9 फरवरी 2026, Delhi में बम धमकी का सिलसिला जारी: राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया जब शहर के 9 से अधिक नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल और कॉल मिले। धमकियों में उग्रवादी तर्ज पर “दिल्ली बनेगा खालिस्तान” और “अफजल गुरु की याद में” जैसे भड़काऊ संदेश लिखे थे। कुछ ईमेल पंजाबी भाषा में भी थे। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। कई स्कूलों में छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। शाम तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बराकर नहीं आई और धमकियां फर्जी प्रतीत हो रही हैं।
प्रभावित स्कूल और धमकी का समय
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार पहली सूचना सुबह 8:33 बजे आई। इसके बाद 8:30 से 9:17 बजे के बीच एक के बाद एक धमकियां मिलती रहीं। प्रभावित स्कूलों में प्रमुख हैं:
- लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल (दिल्ली कैंट)
- केम्ब्रिज स्कूल (श्रीनिवासपुरी और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी)
- वेंकटेश्वर स्कूल (रोहिणी)
- द इंडियन स्कूल (सादिक नगर)
- बाल भारती पब्लिक स्कूल (रोहिणी)
- सरदार पटेल विद्यालय (लोदी एस्टेट)
- डीपीएस रोहिणी
- वनस्थली स्कूल (न्यू राजेंद्र नगर)
कुछ रिपोर्ट्स में संख्या 10 से 12 तक बताई जा रही है। धमकियां ज्यादातर ईमेल से आईं, जो जीमेल आईडी से भेजी गईं और VPN का इस्तेमाल किया गया लगता है। कुछ स्कूलों को फोन कॉल भी मिले।
धमकी का कंटेंट: खालिस्तानी एंगल और संसद पर हमला
ईमेल में लिखा था – “दिल्ली बनेगा खालिस्तान, पंजाब खालिस्तान है, अफजल गुरु की याद में”। एक धमकी में 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे संसद भवन में धमाका करने की चेतावनी भी दी गई। खुद को “खालिस्तान नेशनल आर्मी” से जोड़ने की कोशिश की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साइबर आतंकवाद या शरारत का मामला हो सकता है, लेकिन भड़काऊ भाषा के कारण जांच को गंभीरता से लिया जा रहा है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही सभी स्कूलों में बम डिटेक्शन टीम, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें पहुंच गईं। कई स्कूलों में छात्रों को मैदान या बाहर सुरक्षित जगह पर इकट्ठा किया गया। अभिभावकों को मैसेज भेजकर सूचित किया गया कि घबराएं नहीं, जांच पूरी होने के बाद ही क्लास शुरू होंगी। सरदार पटेल विद्यालय जैसे स्कूलों ने स्पष्ट मैसेज जारी किया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं और बम स्क्वॉड जांच कर रहा है।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, “अब तक किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। जांच जारी है और ईमेल की आईपी ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।” साइबर सेल भी सक्रिय हो गया है क्योंकि ज्यादातर धमकियां VPN के जरिए भेजी गई लगती हैं।
अभिभावकों और छात्रों में दहशत, स्कूलों ने बढ़ाई सतर्कता
धमकी की खबर फैलते ही कई अभिभावक स्कूलों के बाहर पहुंच गए। सोशल मीडिया पर चिंता और गुस्से के पोस्ट आने लगे। एक अभिभावक ने कहा, “बार-बार ऐसी धमकियां आ रही हैं, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।” छात्रों में भी घबराहट थी, लेकिन ज्यादातर स्कूलों ने स्थिति को संभाल लिया।
स्कूल प्रशासन ने कहा कि वे पहले से तैयार थे क्योंकि पिछले कुछ महीनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। कई स्कूलों ने इवैक्यूएशन ड्रिल की प्रैक्टिस भी की हुई थी।
पिछले कुछ महीनों का सिलसिला: फर्जी धमकियों का दौर
यह कोई नई घटना नहीं है। जनवरी 2026 में ही 28-29 तारीख को 8 स्कूलों को इसी तरह की धमकियां मिली थीं। 7 फरवरी को तो 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराना पड़ा था, जिसे गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया। 2025 में भी कई बार दिल्ली-एनसीआर के स्कूल, अस्पताल और एयरपोर्ट को ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर मामलों में VPN या विदेशी सर्वर का इस्तेमाल होता है, जिससे ट्रेसिंग मुश्किल हो जाती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में ज्यादातर शरारत करने वाले या मानसिक रूप से असंतुलित लोग शामिल होते हैं, लेकिन खालिस्तानी एंगल के कारण खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।
आगे की चुनौती: साइबर सुरक्षा और जागरूकता
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को साइबर सुरक्षा मजबूत करनी होगी। ईमेल फिल्टरिंग, स्टाफ की ट्रेनिंग और त्वरित रिस्पॉन्स प्लान जरूरी हैं। साथ ही, ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान होना चाहिए ताकि शरारत करने वालों पर लगाम लगे।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस जल्द ही धमकी भेजने वाले की पहचान करने की उम्मीद कर रही है। दिल्लीवासियों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
Sources: आज तक