5 फरवरी 2026, Kishanganj के टॉप-10 कुख्यात अपराधी नकी अनवर गिरफ्तार: बिहार के किशनगंज जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब जिले के टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल नकी अनवर उर्फ जकी को पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। वर्षों से फरार चल रहा यह शातिर अपराधी अब पुलिस की गिरफ्त में है। गिरफ्तारी 4 फरवरी 2026 को देर रात सदर थाना क्षेत्र से हुई, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
नकी अनवर कोचाधामन थाना क्षेत्र के रानी गांव, वार्ड नंबर-04 का निवासी है। उसके पिता का नाम स्वर्गीय शमशुल हक बताया जाता है। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और जिले के सबसे वांछित अपराधियों में शुमार था। उसके खिलाफ किशनगंज सदर, बहादुरगंज, गर्वनडांगा सहित कई थानों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नकी अनवर 2024 से लगातार फरार चल रहा था और कई बार छापेमारी के बावजूद वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो जाता था।
गिरफ्तारी की पूरी कहानी
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसमें बहादुरगंज थानाध्यक्ष संदीप कुमार, तकनीकी शाखा के प्रमोद कुमार और पूर्णिया STF की टीम शामिल थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नकी अनवर जिले में वापस आया है और सदर थाना क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत कार्रवाई की। देर रात छापेमारी की गई। पुलिस को देखते ही नकी अनवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान कोई प्रतिरोध नहीं हुआ और उसे सुरक्षित पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नकी अनवर से कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि उससे उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और अन्य अपराधों की जानकारी मिलेगी। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मुख्य अपराध: 2025 की बहादुरगंज लूट कांड
नकी अनवर की गिरफ्तारी का सबसे बड़ा आधार 20 जुलाई 2025 को बहादुरगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज लूट की घटना है। इस घटना में पीड़ित जयंतो बर्मन अपनी टाटा इंट्रा गाड़ी (पंजीकरण संख्या WB73G7015) में सब्जियां लेकर एनएच-327ई पर आजाद चौक के पास से गुजर रहे थे। तभी एक सफेद रंग की अर्टिगा गाड़ी (नंबर WB74BK4417) में सवार चार अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोका। इस गाड़ी पर जनसुराज का स्टीकर लगा हुआ था।
अपराधियों ने जयंतो बर्मन के साथ मारपीट की, उनका मोबाइल फोन, 600 रुपये नकद और पूरी सब्जी लदी गाड़ी लूटकर फरार हो गए। इस मामले में बहादुरगंज थाने में कांड संख्या 326/25 दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में नकी अनवर की संलिप्तता सामने आई और वह मुख्य आरोपी बन गया। इस मामले में पहले ही तीन अन्य अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। अब नकी अनवर की गिरफ्तारी के साथ पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य जुट चुके हैं और शीघ्र ही उसके खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
इसके अलावा नकी अनवर पर लूट, मारपीट, रंगदारी और अन्य संगीन धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। वह अंतरजिला स्तर पर भी सक्रिय था, जिसके कारण उसे टॉप-10 की सूची में शामिल किया गया था।
पुलिस की लगातार मुहिम
किशनगंज पुलिस और बिहार STF की यह कार्रवाई जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। टॉप-10 सूची में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और लगातार छापेमारी की जा रही है। नकी अनवर की गिरफ्तारी से जिले में अपराधियों में दहशत फैल गई है और आम जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है।
बिहार पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी इस गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है, जिसमें इसे अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है।
जिले पर प्रभाव और आगे की कार्रवाई
किशनगंज सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां अपराध की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। नकी अनवर जैसे कुख्यात अपराधियों की गिरफ्तारी से पुलिस का मनोबल बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के पकड़े जाने से क्षेत्र में शांति बहाल होगी। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और संभावित गिरोह की तलाश में जुटी है।
यह गिरफ्तारी बिहार पुलिस की अपराध नियंत्रण मुहिम का एक और उदाहरण है, जो दिखाता है कि कोई भी अपराधी कितने भी दिनों तक फरार रहे, अंत में कानून के शिकंजे में आएगा बिना।
Sources: दैनिक भास्कर