4 फरवरी 2026, Alwar में दिल दहला देने वाली घटना: राजस्थान के अलवर जिले में एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मात्र 3 साल की बच्ची अक्शु को एक किराना दुकानदार ने टॉफी की जगह पटाखे में इस्तेमाल होने वाला खतरनाक बारूद दे दिया। मासूम ने इसे चॉकलेट समझकर मुंह में डाल लिया और चबाते ही जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में बच्ची का निचला जबड़ा बुरी तरह फट गया, गाल और होंठों पर गहरे घाव हो गए। फिलवक्त बच्ची अस्पताल में भर्ती है और उसकी सर्जरी सफल रही। डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है।
घटना का पूरा विवरण
क्या हुआ था उस दिन?
यह घटना अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव चौकी बास की है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे की बात है। 3 साल की अक्शु अपनी 6 साल की बड़ी बहन अहाना के साथ गांव की किराना दुकान पर टॉफी लेने गई थी। दुकानदार सुदील उर्फ काला (पुत्र नत्थो) ने बच्ची को टॉफी मांगने पर एक पुड़िया थमा दी, जो दिखने में चॉकलेट या कैंडी जैसी थी। लेकिन यह पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक बारूद था।
बच्ची घर लौटते समय या दुकान के पास ही इसे मुंह में डालकर चबाने लगी। अचानक मुंह में तेज धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग दौड़कर आए। बच्ची खून से लथपथ जमीन पर गिर पड़ी थी। उसका चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। परिजनों ने तुरंत उसे पास के निजी अस्पताल में पहुंचाया।
बारूद कैसे पहुंचा बच्ची के हाथ?
जांच में पता चला है कि दुकानदार पटाखे संबंधी सामग्री रखता था। त्योहारों के मौसम में ऐसी चीजें दुकानों में आम होती हैं, लेकिन उन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखना जरूरी है। परिजनों का आरोप है कि दुकानदार की लापरवाही या गलती से यह हादसा हुआ। आरोपी का दावा है कि बच्ची को कुछ और दिया था, लेकिन चोटों की प्रकृति विस्फोट की ओर इशारा करती है।
बच्ची की मौजूदा स्थिति
अस्पताल में इलाज और सर्जरी
बच्ची को अलवर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज करने वाले डॉक्टर जयंत थरेजा ने बताया कि बच्ची के चेहरे पर चार जगहों से गंभीर चोटें थीं – निचला जबड़ा फट गया, गाल की स्किन क्षतिग्रस्त और होंठों पर गहरे घाव। मंगलवार को बच्ची की प्लास्टिक सर्जरी की गई, जिसमें कई टांके लगाए गए।
सर्जरी सफल रही और बच्ची अब आईसीयू से बाहर है। डॉक्टरों के मुताबिक, वह खतरे से बाहर है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में कई हफ्ते लग सकते हैं। चेहरे पर स्थायी निशान रहने की आशंका है। बच्ची अभी बोल नहीं पा रही और दर्द से परेशान है।
परिजनों का दर्द
बच्ची की चाची निकिता ने बताया कि पूरा परिवार सदमे में है। “हमारी मासूम सिर्फ टॉफी मांगने गई थी। दुकानदार ने अगर जरा सी सावधानी बरती होती तो यह दिन न देखना पड़ता।” परिजन लगातार अस्पताल में डटे हैं और बच्ची के जल्द ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
पुलिस जांच और कार्रवाई
आरोपी दुकानदार पर क्या एक्शन?
रामगढ़ पुलिस ने बच्ची की चाची निकिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी सुदील उर्फ काला को हिरासत में लिया गया है। थानाधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह और डीएसपी पिंटू कुमार की टीम मामले की गहन जांच कर रही है।
फॉरेंसिक टीम (FSL) को मौके पर बुलाया गया है। दुकान से सैंपल लिए गए हैं और गवाहों के बयान दर्ज हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि अगर लापरवाही या जानबूझकर गलती साबित हुई तो सख्त कार्रवाई होगी।
कानूनी पहलू
यह मामला लापरवाही से गंभीर चोट पहुंचाने का है। विशेषज्ञों का मानना है कि पटाखे के बारूद (पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर का मिश्रण) को बच्चों तक पहुंचाना गैर-कानूनी हो सकता है। प्रशासन से मांग उठ रही है कि ऐसी दुकानों पर छापेमारी हो।
समाज और सबक
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाती है। गांवों में किराना दुकानों पर पटाखे की सामग्री बिना सावधानी रखी जाती है। अभिभावकों ने कहा कि अब बच्चे अकेले दुकान पर नहीं भेजे जाएंगे। स्थानीय लोग आरोपी की सजा और ऐसी दुकानों पर सख्ती की मांग कर रहे हैं।
क्या करें आगे?
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि खतरनाक सामग्रियों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें। दुकानदारों को जागरूक करना जरूरी है। यह हादसा बताता है कि छोटी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।
अक्शु जैसी मासूमों की मुस्कान बचाने के लिए समाज को और सतर्क होना होगा। उम्मीद है कि बच्ची जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटेगी।
Sources: दैनिक भास्कर