2 फरवरी 2026, Purnia में रील की दीवानगी ने ले ली युवक की जान: सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में बिहार के पूर्णिया जिले में एक युवक की जान चली गई। दोस्तों के साथ इंस्टाग्राम रील बनाने गए 22 वर्षीय युवक की स्थानीय नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है।
घटना का पूरा विवरण
घटना पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मृतक युवक की पहचान राहुल कुमार (22 वर्ष) पुत्र स्वर्गीय रामेश्वर मंडल के रूप में हुई है। राहुल अपने तीन दोस्तों के साथ रविवार शाम करीब 5 बजे स्थानीय परमान नदी के किनारे रील बनाने पहुंचा था। दोस्तों के अनुसार वे एक ट्रेंडिंग डांस रील बना रहे थे, जिसमें पानी में स्टंट और जंपिंग दिखानी थी।
राहुल पानी में करीब छाती तक उतरा और मोबाइल कैमरे के सामने पोज देने लगा। अचानक उसका पैर फिसला और वह गहरे पानी में चला गया। पानी का बहाव तेज था और कीचड़ ज्यादा होने से वह तैर नहीं सका। दोस्तों ने चिल्लाना शुरू किया और बचाने की कोशिश की, लेकिन वे खुद पानी में फंसने लगे। पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े आए, लेकिन तब तक राहुल पानी में काफी अंदर चला गया था।
लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से शव बरामद किया गया। राहुल के शव को देखते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई।
परिवार की हालत और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
राहुल का परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उसके पिता रामेश्वर मंडल की कुछ वर्ष पहले मौत हो चुकी थी, मां और छोटे भाई-बहन ही सहारा थे। मां बेहोश हो गईं और घर में कोहराम मचा हुआ है। पड़ोसियों ने बताया कि राहुल सोशल मीडिया का बहुत शौकीन था। इंस्टाग्राम पर उसके 5 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे और वह रोज रील अपलोड करता था। गांव के युवा उसे “रील स्टार” कहकर बुलाते थे।
ग्रामीणों ने बताया कि नदी का यह हिस्सा खतरनाक है। बरसात के बाद कीचड़ और गड्ढे हो जाते हैं, लेकिन युवा अक्सर यहां फोटो-वीडियो बनाने आते हैं। कुछ ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
धमदाहा थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दुर्घटना का है। दोस्तों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। कोई साजिश या फाउल प्ले के संकेत नहीं मिले। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल पूर्णिया में किया गया, जिसमें मौत का कारण डूबने से दम घुटना पाया गया। फेफड़ों में पानी और कीचड़ मिला। रिपोर्ट के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार सोमवार शाम को गांव में ही किया गया।
सोशल मीडिया रील्स का बढ़ता खतरा
यह घटना एक बार फिर सोशल मीडिया की अंधी दौड़ के खतरों को उजागर करती है। भारत में पिछले 4-5 वर्षों में सैकड़ों युवा सेल्फी या रील बनाते समय अपनी जान गंवा चुके हैं। नदियों, झरनों, ऊंची इमारतों, रेलवे ट्रैक और सड़कों पर स्टंट करने की होड़ में हर साल दर्जनों मौतें होती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा लाइक्स और व्यूज के लिए जोखिम भरी जगहों पर जाते हैं, सुरक्षा का ध्यान नहीं रखते। इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर ट्रेंडिंग चैलेंज अक्सर खतरनाक होते हैं। सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट पर सख्ती और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। स्कूल-कॉलेजों में भी इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए।
पूर्णिया जिले में पिछले एक साल में रील-संबंधी तीन-चार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें दो मौतें शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने चाहिए।
राहुल कुमार की मौत एक परिवार को उजाड़ गई और पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यह घटना युवाओं के लिए सबक है कि वायरल होने की चाहत में जान को जोखिम में न डालें। जीवन अमूल्य है, रील्स नहीं। परिजनों के प्रति संवेदना और उम्मीद है कि प्रशासन ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करेगा।
Sources: दैनिक भास्कर