2 फरवरी 2026, बिहार में Farmer ID महाअभियान: बिहार सरकार ने किसानों को डिजिटल सशक्तिकरण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आज से 6 फरवरी तक पूरे राज्य में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तृतीय चरण मिशन मोड में चलाया जा रहा है। इस दौरान हर किसान के लिए एक अद्वितीय फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाई जाएगी, जो उनकी डिजिटल पहचान बनेगी। यह आईडी एग्रीस्टैक परियोजना का हिस्सा है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) सहित सभी कृषि योजनाओं के लाभ को सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद करेगी।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 2 से 6 फरवरी तक राज्यभर में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। पहले चरणों में लाखों किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, लेकिन अभी भी कई किसान बचे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतम किसानों को इस अभियान में शामिल किया जाए। नीतीश कुमार सरकार ने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह निशुल्क कर दिया है। पहले 15 रुपये का सेवा शुल्क लगता था, जिसे अब माफ कर दिया गया है।
फार्मर आईडी क्या है और क्यों जरूरी? फार्मर आईडी एक 13 अंकों की यूनिक डिजिटल पहचान है, जो आधार से लिंक होती है। यह आईडी DBT कृषि पोर्टल पर बनाई जाती है। इसके जरिए किसान कृषि विभाग, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ सीधे अपने बैंक खाते में ले सकेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PM-Kisan की 22वीं किस्त और आगे की सभी किस्तों के लिए यह आईडी अनिवार्य हो गई है। बिना फार्मर आईडी के लाखों किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। इसके अलावा बीज, उर्वरक सब्सिडी, कृषि यंत्र अनुदान, फसल बीमा और MSP पर बिक्री जैसी सुविधाएं भी इससे जुड़ेंगी।
एग्रीस्टैक परियोजना के तहत यह रजिस्ट्री पारदर्शिता बढ़ाएगी और फर्जी लाभार्थियों को रोकेगी। किसानों को अब अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक बार आईडी बन जाने के बाद सभी योजनाओं का लाभ ऑटोमैटिक मिलेगा।
कैसे बनवाएं फार्मर आईडी?
- पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। किसान आधार कार्ड, मोबाइल और ज़मीन की रसीद लेकर जा सकते हैं। कृषि समन्वयक, ब्लॉक कर्मी और राजस्व कर्मचारी मौके पर ही रजिस्ट्रेशन करेंगे।
- अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या वसुधा केंद्र में किसान आधार कार्ड, मोबाइल और ज़मीन की रसीद लेकर जा सकते हैं।
जिलों को लक्ष्य दिए गए हैं। 50% से अधिक रजिस्ट्री करने वाले जिलों को 1.5 लाख रुपये का इनाम मिलेगा। इससे अधिकारी और कर्मचारी अभियान को गति देने में जुटे हैं।
हेल्पलाइन सुविधा किसानों की सुविधा के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
- कृषि विभाग: 1800 180 1551
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग: 1800 345 6215
किसी भी समस्या के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। जिला स्तर पर भी कृषि पदाधिकारी और डीएम कार्यालय सहायता कर रहे हैं।
किसानों की प्रतिक्रिया और चुनौतियां कई जिलों जैसे सीवान, सारण, पटना और अरवल में शिविरों में किसानों की भीड़ देखी जा रही है। किसान इसे सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच का माध्यम बता रहे हैं। हालांकि कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और जागरूकता की कमी चुनौती बनी हुई है। सरकार ने पंचायत स्तर पर प्रचार और सहायता की व्यवस्था की है।
सरकार का दावा कृषि मंत्री और अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान बिहार के किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। “सशक्त एवं समृद्ध किसान बिहार की पहचान” के नारे को साकार करने का यह प्रयास है।
यह महाअभियान न केवल डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के सपने को भी मजबूती देगा। सभी किसानों से अपील है कि 6 फरवरी तक अपनी फार्मर आईडी जरूर बनवाएं, ताकि कोई भी योजना का लाभ छूटने न पाए।
Sources: अधिकारिक वेबसाइट