31 जनवरी 2026, Maharashtra की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनेंगी सुनेत्रा पवार: महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन है। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे राजभवन में महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। राज्यपाल रमेश बैस उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। यह शपथ ग्रहण मात्र तीन दिन बाद हो रहा है जब 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार की असामयिक मौत हो गई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) ने सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना है, जिससे वे उपमुख्यमंत्री पद की हकदार बन गईं। इस नियुक्ति से महाराष्ट्र को पहली महिला डिप्टी सीएम मिलेगी और पवार परिवार की राजनीतिक विरासत नए दौर में प्रवेश करेगी।
विमान हादसे की दर्दनाक घटना
28 जनवरी 2026 की सुबह मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 विमान का बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। विमान में सवार अजित पवार सहित पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई। मृतकों में दोनों पायलट कैप्टन सुमित कपूर व सह-पायलट और दो स्टाफ सदस्य शामिल थे। क्रैश के बाद विमान में भीषण आग लग गई। जांच में तकनीकी खराबी, पायलट एरर या अन्य कारणों की संभावना जताई जा रही है। ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तेजी से जांच कर रहा है। नए फुटेज से तीन संभावित थ्योरी सामने आई हैं, जिनमें विमान का एक तरफ झुकना शामिल है।
अजित पवार का अंतिम संस्कार 29 जनवरी को बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ। तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कई दिग्गजों ने श्रद्धांजली दी। सुनेत्रा पवार दुख की इस घड़ी में मजबूती से खड़ी रहीं, हालांकि भावुक पल भी आए। अजित पवार की अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट जीवन को खुशी से जीने की सलाह देने वाली थी।
सुनेत्रा पवार का सफर और नियुक्ति
सुनेत्रा पवार (62 वर्ष) लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। वे बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान की चेयरपर्सन हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में उन्होंने बारामती से शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा, हालांकि हार गईं। बाद में राज्यसभा सदस्य बनीं। राजनीति में सक्रिय भूमिका से दूर रहती थीं, लेकिन अजित पवार के निधन के बाद पारिवारिक और पार्टी की जिम्मेदारी ने उन्हें आगे ला खड़ा किया।
एनसीपी नेताओं— प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, सुनील तटकरे आदि— की बैठक में सुनेत्रा को सर्वसम्मति से विधायक दल नेता चुना गया। यह फैसला तेजी से लिया गया ताकि पार्टी में नेतृत्व संकट न हो और शरद पवार गुट के किसी दखल को रोका जा सके। सुनेत्रा के पास फिलहाल विधानमंडल में सीट नहीं है, लेकिन संविधान के अनुसार वे शपथ ले सकती हैं और छह महीने में विधानसभा या विधान परिषद सदस्य बनना होगा। अजित पवार के अधिकांश पोर्टफोलियो (वित्त और योजना को छोड़कर) उन्हें सौंपे जाएंगे।
शरद पवार की प्रतिक्रिया और विलय की संभावना
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उन्हें सुनेत्रा की शपथ की जानकारी नहीं थी और यह अजित गुट का फैसला है। उन्होंने अजित पवार के निधन को महाराष्ट्र की अपूरणीय क्षति बताया। हालांकि, सूत्रों के अनुसार अजित पवार के निधन से पहले दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया चल रही थी। अजित पवार चाहते थे कि जल्द घोषणा हो। शरद पवार ने कहा कि परिस्थितियां बदल गई हैं और आगे की राजनीति नए सिरे से सोची जाएगी। विलय की संभावना बरकरार है, जो महायुति को और मजबूत कर सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
महायुति गठबंधन ने इसे निरंतरता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से सरकार मजबूत होगी। विपक्षी महा विकास अघाड़ी ने परिवारवाद का आरोप लगाया। कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट ने कहा कि दुख की घड़ी में जल्दबाजी अनुचित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सुनेत्रा को बधाई दी और कहा कि वे अजित पवार की विरासत आगे बढ़ाएंगी। अन्य नेताओं ने भी शुभकामनाएं दीं।
ऐतिहासिक महत्व और आगे की राह
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनकर इतिहास रचेंगी। राज्य में अब तक कोई महिला इस पद पर नहीं पहुंची। यह महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन देगा। हालांकि, अजित पवार जैसे कद्दावर नेता की कमी भरना चुनौतीपूर्ण होगा। बारामती और पश्चिम महाराष्ट्र में उनका सहकार और राजनीतिक प्रभाव बेजोड़ था। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में एनसीपी को परीक्षा देनी होगी।
विमान हादसे की जांच से हवाई सुरक्षा में सुधार की मांग उठ रही है। सुनेत्रा पवार के सामने विकास कार्यों को गति देना, पार्टी एकजुट रखना और किसान-महिला मुद्दों पर फोकस करना होगा।
आज का शपथ ग्रहण समारोह न केवल नई शुरुआत है, बल्कि महाराष्ट्र राजनीति में बदलाव का संकेत भी। जनता उम्मीद कर रही है कि सुनेत्रा पवार ‘अजित दादा’ की कमी को पूरा करेंगी और राज्य को नई दिशा देंगी।
Sources: दैनिक जागरण