30 जनवरी 2026, 2026 में EV मार्केट में क्रांति: भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की बाढ़ आने वाली है। 2026 में कई किफायती इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च होंगी, जिनकी कीमत 20 लाख रुपये से कम रखी जाएगी। इससे EV सेगमेंट में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, कीमतें कम होंगी और मध्यम वर्ग के लिए इलेक्ट्रिक कारें सुलभ हो जाएंगी। टाटा, मारुति, टोयोटा, महिंद्रा, एमजी और विनफास्ट जैसी कंपनियां नए मॉडल पेश करने वाली हैं, जो EV एडॉप्शन को तेज करेंगी।
2026 में लॉन्च होने वाली प्रमुख किफायती EVs
मारुति सुजुकी e Vitara: मध्यम वर्ग की पहली पसंद
मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक SUV e Vitara जनवरी-फरवरी 2026 में लॉन्च होगी। इसकी अनुमानित कीमत 15-19 लाख रुपये होगी। 49 kWh और 61 kWh बैटरी पैक के साथ 344-543 km रेंज मिलेगी। मारुति की मजबूत सर्विस नेटवर्क से यह मास मार्केट हिट बनेगी।
टोयोटा अर्बन क्रूजर EV: प्रीमियम टच के साथ
टोयोटा की अर्बन क्रूजर EV मारुति e Vitara का बैज इंजीनियर्ड वर्जन होगी। कीमत 18-21 लाख के आसपास रहेगी। मजबूत बिल्ड क्वालिटी और टोयोटा की विश्वसनीयता इसे आकर्षक बनाएगी।
विनफास्ट की तीन नई EVs: सस्ती और विविधता
वियतनामी कंपनी विनफास्ट 2026 में तीन मॉडल लॉन्च करेगी। VF3 माइक्रो EV सबसे सस्ती होगी, VF5 सब-4 मीटर और लिमो ग्रीन MPV फैमिली के लिए। कीमतें 10-18 लाख के बीच रहेंगी, जो टाटा टियागो EV और एमजी कॉमेट को टक्कर देंगी।
अन्य कंपनियों के मॉडल
- महिंद्रा: BE 6 और XUV 3XO EV 18-20 लाख में।
- टाटा: पंच EV फेसलिफ्ट और सिएरा EV की शुरुआती वैरिएंट।
- एमजी: बिंगो EV या कॉमेट का लॉन्ग रेंज वर्जन 10-14 लाख में।
- सिट्रोएन: eC3 का अपडेटेड वर्जन।
बढ़ती कॉम्पिटिशन से कीमतों में गिरावट
इतने मॉडल आने से कॉम्पिटिशन बढ़ेगा। टाटा नेक्सन EV और कर्व EV जैसी मौजूदा कारों की कीमतें कम हो सकती हैं। बैटरी तकनीक सस्ती होने और लोकल प्रोडक्शन से 2026 तक EVs 20-30% सस्ती हो सकती हैं। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से रेंज एंग्जाइटी कम होगी।
सरकार की भूमिका और बजट उम्मीदें
सरकार EV को 30% मार्केट शेयर तक ले जाना चाहती है। आगामी बजट में सस्ती EVs पर सब्सिडी या टैक्स छूट की घोषणा हो सकती है। FAME स्कीम का विस्तार और चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने से मार्केट बूस्ट मिलेगा।
निष्कर्ष: EV क्रांति का नया दौर
2026 भारतीय EV मार्केट के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा। 20 लाख से कम की कारों की बाढ़ से मध्यम वर्ग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अपनाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी। आने वाला साल ग्रीन मोबिलिटी का सुनहरा दौर लेकर आएगा।
Sources: कार देखो