29 जनवरी 2026, Sensex 221 अंक चढ़कर 82,566 पर बंद, NIFTY 25,418 के पार: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (29 जनवरी 2026) को लगातार तीसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स 221 अंक चढ़कर 82,566 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 72 अंक की बढ़त के साथ 25,418 के ऊपर पहुंच गया। आर्थिक सर्वे 2025-26 की सकारात्मक रिपोर्ट और अंतरिम बजट से पहले निवेशकों के उत्साह ने बाजार को सहारा दिया। मेटल, इंफ्रा और आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखी गई, जबकि कुछ सेक्टर्स में मुनाफावसूली भी हुई। वैश्विक बाजारों के मिश्रित संकेतों के बावजूद घरेलू कारकों ने बाजार को ऊपर रखा।
बाजार का पूरा प्रदर्शन
कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूत रही। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 82,800 के स्तर को छूने के बाद थोड़ी मुनाफावसूली के कारण नीचे आया, लेकिन अंत में 0.27% की बढ़त के साथ 82,566 पर बंद हुआ। निफ्टी ने भी 0.28% की तेजी दिखाई और 25,430 के उच्च स्तर को छूने के बाद 25,418 पर सेटल हुआ।
BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। मिडकैप इंडेक्स 0.85% और स्मॉलकैप 0.62% चढ़ा। कुल मिलाकर, BSE पर 2,156 शेयर हरे निशान में और 1,789 लाल निशान में बंद हुए। बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही, जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है।
आर्थिक सर्वे का असर
बाजार की इस तेजी का मुख्य कारण संसद में पेश आर्थिक सर्वे 2025-26 रहा। सर्वे में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ 6.8-7.2% अनुमानित की गई है, जो भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यव्यों में बनाए रखेगा। सर्वे में AI, रेगुलेटरी सुधारों, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया है। इससे निवेशकों का मनोबल बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्वे ने बजट से पहले पॉजिटिव सेंटिमेंट क्रिएट किया है। 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में टैक्स राहत, कैपेक्स बढ़ोतरी और EV सब्सिडी जैसी घोषणाओं की उम्मीद है, जिससे बाजार को और बल मिल सकता है।
सेक्टर और स्टॉक्स का हाल
मेटल सेक्टर आज सबसे आगे रहा। BSE मेटल इंडेक्स 2.69% चढ़ा। टाटा स्टील 4% से ज्यादा उछला, जबकि हिंदाल्को और JSW स्टील में भी 2-3% की तेजी रही। ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में स्थिरता और घरेलू डिमांड ने मेटल कंपनियों को सहारा दिया।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में L&T 3% से ज्यादा चढ़ा और सेंसेक्स का टॉप गेनर रहा। सरकार के कैपेक्स प्लान और सर्वे में इंफ्रा पर फोकस से यह सेक्टर मजबूत दिखा। आईटी सेक्टर में भी रिकवरी देखी गई। TCS, इंफोसिस और विप्रो में 1-2% की बढ़त रही, हालांकि ग्लोबल रेट कट की अनिश्चितता से दबाव बना रहा।
दूसरी ओर, FMCG और फार्मा सेक्टर में मुनाफावसूली हुई। हिंदुस्तान यूनिलीवर और सन फार्मा में हल्की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर मिश्रित रहा – HDFC बैंक और ICICI बैंक में मामूली बढ़त, जबकि Axis बैंक में दबाव।
टॉप गेनर्स: L&T, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट। टॉप लूजर्स: नेस्ले इंडिया, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल।
वैश्विक संकेत और रुपया
वैश्विक बाजारों में मिश्रित रुझान रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें स्थिर रखीं, लेकिन रेट कट की समयसीमा पर असमंजस से US मार्केट्स में गिरावट आई। एशियाई बाजारों में जापान और हांगकांग हरे निशान में रहे, जबकि चीन लाल निशान में। यूरोपीय बाजार शुरुआती कारोबार में कमजोर दिखे।
रुपये में कमजोरी चिंता का विषय बनी रही। डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे आयात महंगा हुआ और बाजार की तेजी पर कुछ लगाम लगी। फिर भी, FIIs की खरीदारी जारी रही, जो घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञ राय
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिम बजट बाजार की दिशा तय करेगा। अगर सरकार कैपेक्स, टैक्स राहत और सब्सिडी पर फोकस करती है, तो सेंसेक्स 84,000 और निफ्टी 25,800 के स्तर को छू सकता है। हालांकि, ग्लोबल अनिश्चितता और रुपए की कमजोरी से सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर खरीदारी के अच्छे अवसर प्रदान कर रहे हैं। मेटल, इंफ्रा और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर फोकस करने की सिफारिश की जा रही है। शॉर्ट टर्म में वोलेटिलिटी रह सकती है, इसलिए स्टॉप लॉस के साथ ट्रेडिंग करें।
कुल मिलाकर, आर्थिक सर्वे ने बाजार को नई ऊर्जा दी है। भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सरकार के सुधारों पर निवेशकों का भरोसा कायम है। बजट सत्र के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म आउटलुक पॉजिटिव है।
Sources: मनी कंट्रोल