26 जनवरी 2026, NEET छात्रा की रहस्यमय मौत की जांच CID के हाथ में: बिहार की राजधानी पटना में पिछले महीने हुई NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। शुरुआती जांच में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने के बाद बिहार सरकार ने पूरी फाइल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को सौंप दी है। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने पुलिस की प्राथमिक जांच में कई खामियां उजागर की हैं, जिसके बाद 15 संदिग्धों के DNA सैंपल लिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। यह मामला न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में कोचिंग छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर बहस छेड़ चुका है।
मामला क्या है?
घटना 18 दिसंबर 2025 की है। पटना के कंकड़बाग इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित कोचिंग हॉस्टल में रह रही 18 वर्षीय नेहा कुमारी (नाम बदला गया) का शव उनके कमरे में फांसी पर लटका मिला था। नेहा उत्तर प्रदेश के एक छोटे शहर से NEET की तैयारी के लिए पटना आई थीं और पिछले छह महीने से इस हॉस्टल में रह रही थीं। शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच शुरू की, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गले पर अजीब निशान, शरीर पर चोट के निशान और सेक्शुअल असॉल्ट के संकेत मिलने से मामला संदिग्ध हो गया।
परिजनों ने तुरंत हत्या और बलात्कार का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की और एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसका नेतृत्व एक DSP स्तर के अधिकारी कर रहे थे। SIT ने हॉस्टल मालिक, वार्डन, कुछ सह-छात्रों और कोचिंग स्टाफ से पूछताछ की, लेकिन जांच महीने भर में भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।
FSL रिपोर्ट ने खोली SIT की पोल
FSL की रिपोर्ट ने पूरे मामले को पलट दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि नेहा के शरीर पर मिले निशान फांसी से पहले की मारपीट के हैं। नाखूनों के नीचे विदेशी DNA मिला है, जो संकेत देता है कि संघर्ष हुआ था। गले की चोटें भी आत्महत्या की बजाय दबाने या गला घोंटने की अधिक संभावना दिखाती हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात – विषाक्तता की जांच में कोई दवा या नशीला पदार्थ नहीं मिला, जो शुरुआती आत्महत्या थ्योरी को कमजोर करती है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अपराध स्थल से एकत्रित सैंपल्स की हैंडलिंग में लापरवाही हुई। कुछ सबूतों को सही तरीके से सील नहीं किया गया, जिससे कंटैमिनेशन का खतरा पैदा हो गया। SIT द्वारा घटना के तुरंत बाद हॉस्टल को पूरी तरह सील न करने और CCTV फुटेज को देर से जब्त करने की भी आलोचना हुई। इन खामियों के कारण कई महत्वपूर्ण सबूत कमजोर पड़ गए या खो गए।
इन गंभीर अनियमितताओं के सामने आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं हस्तक्षेप किया और 24 जनवरी को पूरी जांच CID को ट्रांसफर कर दी। CID के IG स्तर के अधिकारी अब मामले की कमान संभाल रहे हैं।
15 संदिग्ध और DNA टेस्ट की योजना
CID ने अब तक 15 लोगों को संदिग्धों की सूची में रखा है। इनमें हॉस्टल का मालिक, दो वार्डन, तीन पुरुष सह-छात्र, हॉस्टल का सुरक्षा गार्ड, कोचिंग का एक लेक्चरर और कुछ बाहरी लोग शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, नेहा के कमरे के आसपास उस रात कई लोगों की आवाजाही दर्ज हुई थी। CCTV फुटेज में कुछ संदिग्ध छायाएं दिख रही हैं, हालांकि क्वालिटी खराब है।
CID ने कोर्ट से अनुमति लेकर इन सभी 15 संदिग्धों के DNA सैंपल लेने का फैसला किया है। यह सैंपल FSL में नेहा के नाखूनों और कपड़ों से मिले DNA से मैच किए जाएंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन की CDR और डिजिटल फोरेंसिक जांच भी तेज कर दी गई है। नेहा के मोबाइल में कुछ डिलीटेड मैसेज और कॉल्स रिकवर करने की कोशिश चल रही है, जो किसी धमकी या ब्लैकमेल की ओर इशारा कर सकते हैं।
कोचिंग छात्रों की सुरक्षा पर सवाल
यह मामला पटना और कोटा जैसे कोचिंग हब्स में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। अधिकांश हॉस्टल्स में लड़कियों के लिए अलग से सुरक्षा नहीं होती। मानसिक दबाव, कॉम्पिटिशन और अकेलापन पहले से ही NEET aspirants को तोड़ रहा है, ऊपर से ऐसी घटनाएं भय पैदा कर रही हैं। परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल प्रशासन ने शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की और पुलिस को गुमराह किया।
महिला आयोग और छात्र संगठनों ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। वे मांग कर रहे हैं कि सभी कोचिंग हॉस्टल्स में CCTV, महिला वार्डन और काउंसलिंग की अनिवार्य व्यवस्था हो। बिहार सरकार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
आगे की राह
CID ने 30 दिनों में अंतरिम रिपोर्ट देने का वादा किया है। अगर DNA मैच होता है तो जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं। परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। नेहा की मां का कहना है, “मेरी बेटी बहुत महत्वाकांक्षी थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी। कोई उसे चुप नहीं करा सकता।”
यह मामला सिर्फ एक मौत की जांच नहीं है – यह लाखों कोचिंग छात्रों की जिंदगी की सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई बन चुका है। उम्मीद है कि CID की जांच से सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
Sources: प्रभात खबर