25 जनवरी 2026, पटना NEET छात्रा रेप-मर्डर केस: बिहार की राजधानी पटना को हिला देने वाले NEET छात्रा मौत मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में मृतका के कपड़ों, विशेष रूप से अंडरगार्मेंट्स पर मानव स्पर्म के अंश मिलने की पुष्टि हुई है, जिसPATNसे मौत से पहले यौन हिंसा की आशंका मजबूत हो गई है। इस खुलासे के बाद पटना पुलिस ने जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मामला अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ में है, जो DNA मैचिंग और संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।
घटना का पूरा विवरण
यह मामला जहानाबाद जिले की 18 वर्षीय एक लड़की से जुड़ा है, जो NEET परीक्षा की तैयारी के लिए पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थी। जनवरी 2026 की शुरुआत में वह अपने कमरे में बेहोश पाई गई। गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में पुलिस ने मौत का कारण नींद की गोलियों की अधिक मात्रा और टाइफाइड बताया था। 13 जनवरी को पटना पुलिस ने बयान जारी कर यौन हिंसा के कोई संकेत नहीं होने की बात कही थी। हालांकि, परिवार ने शुरू से ही हत्या और यौन शोषण का आरोप लगाया था। परिजनों का कहना था कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है और पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
FSL रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
मामले की गहन जांच के क्रम में परिजनों ने 10 जनवरी को छात्रा के कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे, जिन्हें विधिवत जब्त कर FSL भेजा गया। अब आई शुरुआती फॉरेंसिक रिपोर्ट में इन कपड़ों पर मानव स्पर्म के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह स्पर्म छात्रा के अंडरगार्मेंट्स से प्राप्त हुआ है, जो यौन हिंसा की ओर इशारा करता है।
इसके अलावा, PMCH की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी मौत के समय यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया था। अब FSL की बायोलॉजिकल रिपोर्ट ने इन आशंकाओं को बल प्रदान कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि FSL अब इन सैंपलों से DNA प्रोफाइल तैयार कर रहा है, जिसे SIT द्वारा चिन्हित संदिग्धों के DNA से मिलान किया जाएगा। अंतिम रिपोर्ट और DNA मैचिंग के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
पुलिस पर गिरी गाज: दो अधिकारी सस्पेंड
FSL रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल उठे हैं। लापरवाही और समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित अधिकारियों में चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष एसआई रौशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के दारोगा हेमंत झा शामिल हैं।
पटना SSP के अनुसार, इन अधिकारियों पर सूचना संकलन में विफलता और प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप है, जिससे जांच प्रभावित हुई। यह कार्रवाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए की गई है। इससे पहले हॉस्टल मालिक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
जांच की वर्तमान स्थिति
मामले की जांच अब SIT के नेतृत्व में चल रही है, जिसका गठन बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर किया गया था। SIT छात्रा के कॉल डिटेल्स, CCTV फुटेज और अन्य सबूतों की छानबीन कर रही है। AIIMS पटना की एक पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की समीक्षा कर रही है, हालांकि SIT ने अभी सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच गहराई से की जा रही है और DNA मैचिंग के बाद दोषियों तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल यौन हिंसा के कोण से जांच को मजबूत किया गया है।
परिवार और जनता की प्रतिक्रिया
परिजनों ने शुरू से ही पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था। FSL रिपोर्ट आने के बाद उनकी आशंकाएं सही साबित हुई हैं। वे दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। मामले ने पूरे बिहार में सनसनी मचा दी है। रोजाना विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और विपक्षी दलों ने सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाया है।
यह घटना छात्राओं की सुरक्षा और कोचिंग हॉस्टलों की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है, और यह मामला उस बहस को और तेज कर रहा है।
पटना NEET छात्रा मौत मामला अब स्पष्ट रूप से यौन हिंसा और संभावित हत्या की दिशा में बढ़ चुका है। FSL रिपोर्ट ने पुलिस की शुरुआती थ्योरी को पूरी तरह पलट दिया है। SIT की जांच और DNA परिणामों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा और दोषी सलाखों के पीछे पहुंचेंगे। यह मामला एक बार फिर समाज को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दे रहा है।
Sources: दैनिक जागरण