24 जनवरी 2026, खगड़ा मेला में JDU नेता के अपहरण का प्रयास नाकाम: बिहार के किशनगंज जिले में प्रसिद्ध खगड़ा मेला उस समय हड़कंप मच गया जब बुधवार रात जदयू नेता और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मकसूद अंसारी उर्फ अनवर (40) के अपहरण का सनसनीखेज प्रयास किया गया। 25-30 हथियारबंद अज्ञात बदमाशों ने पिस्तौल तानकर उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह प्रयास नाकाम हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस अलर्ट है और जांच तेज कर दी गई है।
घटना का विवरण: रात के अंधेरे में हथियारबंद हमला
खगड़ा मेला किशनगंज का ऐतिहासिक और प्रसिद्ध मेला है, जो हर साल हजारों श्रद्धालुओं और दुकानदारों को आकर्षित करता है। मेले में रौनक अपने चरम पर थी जब बुधवार देर रात करीब 10-11 बजे के आसपास यह वारदात हुई। मकसूद अंसारी मेला परिसर में घूम रहे थे या किसी काम से वहां मौजूद थे। अचानक 25-30 की संख्या में हथियारबंद बदमाशों का एक गिरोह वहां पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने पिस्तौल और अन्य हथियार दिखाते हुए मकसूद अंसारी को घेर लिया और उन्हें जबरन एक वाहन में डालने की कोशिश की। हंगामा और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। बदमाशों ने हवाई फायरिंग की धमकी दी, लेकिन भीड़ बढ़ने और कुछ लोगों के शोर मचाने पर वे भाग खड़े हुए। पुलिस को सूचना मिलते ही टाउन थाना की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया।
मकसूद अंसारी ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया और पिस्तौल सटाकर कहा, “चुपचाप चलो वरना गोली मार देंगे।” हालांकि, समय रहते लोगों की मदद और पुलिस की मुस्तैदी से उनकी जान बच गई। अंसारी जदयू के सक्रिय नेता हैं और स्थानीय नगर परिषद में वार्ड पार्षद प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं। उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए यह प्रयास राजनीतिक साजिश भी हो सकता है।
पुलिस की कार्रवाई: एक संदिग्ध से पूछताछ, छापेमारी जारी
घटना की जानकारी मिलते ही किशनगंज पुलिस हरकत में आ गई। एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर सदर एसडीपीओ और टाउन थानाध्यक्ष की टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और मेले में लगे कैमरों से बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने घटना में शामिल एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और उससे कड़ी पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध से कुछ महत्वपूर्ण क्लू मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पूरे जिले में नाकाबंदी की गई है और सीमावर्ती इलाकों (नेपाल बॉर्डर के करीब होने के कारण) में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसपी ने कहा, “यह गंभीर मामला है। हम जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी गई है ताकि कोई अनहोनी न हो।” पुलिस को शक है कि यह अपहरण की कोशिश फिरौती या पुरानी रंजिश का नतीजा हो सकती है। मकसूद अंसारी की राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जांच में राजनीतिक एंगल भी जोड़ा जा रहा है।
खगड़ा मेले की पृष्ठभूमि और सुरक्षा चिंता
खगड़ा मेला किशनगंज का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। यह मेला सरस्वती पूजा और अन्य त्योहारों के आसपास लगता है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं। मेले में दुकानें, झूले, धार्मिक आयोजन और बड़ी भीड़ होती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं – मवेशी तस्करी, जुआ, नशा और छोटी-मोटी वारदातें आम हो गई हैं।
इस घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि मेले में पुलिस की तैनाती कम है और रात के समय निगरानी नाकाफी रहती है। जदयू कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मेले में अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। वहीं, विपक्षी दलों ने सरकार पर कानून-व्यवस्था फेल होने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रभाव
मकसूद अंसारी जदयू के स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेता हैं। घटना के बाद जदयू जिलाध्यक्ष और अन्य नेताओं ने उनकी सुरक्षा की मांग की है। एक नेता ने कहा, “यह राजनीतिक साजिश लगती है। विपक्षी गुटों की ओर से धमकी मिल रही थी।” हालांकि, अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
घटना ने पूरे किशनगंज में दहशत फैला दी है। मेले में आने वाले श्रद्धालु अब सतर्क हैं और कई लोग रात में मेले से दूर रह रहे हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने ऐलान किया है कि मेले के अंत तक विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
आगे की जांच और सबक
यह घटना बिहार में बढ़ते अपराध और राजनीतिक हिंसा की ओर इशारा करती है। किशनगंज जैसे बॉर्डर जिले में तस्करी और अपराधी गिरोह सक्रिय हैं, जो ऐसे मौकों का फायदा उठाते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे और अपहरण के मकसद का पता चल जाएगा।
यह वारदात एक बार फिर साबित करती है कि त्योहारों और मेलों में सुरक्षा को प्राथमिकता देनी जरूरी है। अगर समय पर कार्रवाई न हुई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल, मकसूद अंसारी सुरक्षित हैं और पुलिस उनकी सुरक्षा में लगी हुई है।
Sources: हिंदुस्तान