Purnia UniversityPurnia University

23 जनवरी 2026, Purnia University में बड़ा फैसला: पूर्णिया विश्वविद्यालय ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय की 23वीं सिंडिकेट बैठक में 12 कॉलेजों की संबद्धता (एफिलिएशन) आवेदनों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया। साथ ही सेल्फ फाइनेंस स्कीम के तहत वोकेशनल कोर्स शुरू करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का अनुमोदन विद्वत परिषद् (एकेडमिक काउंसिल) की हालिया बैठक में पहले ही हो चुका था। अब 30 जनवरी को होने वाली सीनेट बैठक में इन पर अंतिम मुहर लग सकती है। यह बदलाव सीमांचल क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को बढ़ाएगा।

सिंडिकेट बैठक के प्रमुख निर्णय

पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित 23वीं सिंडिकेट बैठक में शैक्षणिक विकास पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य फैसले इस प्रकार हैं:

  • 12 कॉलेजों की संबद्धता: जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए 12 कॉलेजों के एफिलिएशन आवेदनों पर विस्तार से चर्चा हुई और सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इन कॉलेजों में स्नातक और कुछ में स्नातकोत्तर स्तर के कोर्स संचालित होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा मिल सकेगी।
  • वोकेशनल कोर्स की शुरुआत: सेल्फ फाइनेंस स्कीम के अंतर्गत वोकेशनल कोर्स (जैसे बीबीए, बीसीए, सीएनडी आदि) को 2026-29 सत्र से शुरू करने की योजना को हरी झंडी दी गई। ये कोर्स रोजगार-उन्मुख होंगे और छात्रों को स्किल डेवलपमेंट का अवसर प्रदान करेंगे।
  • आउटसोर्सिंग व्यवस्था: विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में कर्मचारी नियुक्ति के लिए आउटसोर्सिंग को मंजूरी मिली। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

बैठक में नवीन पाठ्यक्रमों, शोध नीतियों और पीएचडी रेगुलेशंस पर भी अनुमोदन किया गया।

पृष्ठभूमि: विद्वत परिषद् की भूमिका

इन फैसलों की नींव 24वीं विद्वत परिषद् (एकेडमिक काउंसिल) की बैठक में रखी गई थी। उस बैठक में नए पाठ्यक्रमों, कॉलेज संबद्धता और शोध से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी। सिंडिकेट ने इनका अनुमोदन कर आगे बढ़ाया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप हैं, जिसमें वोकेशनल शिक्षा और क्षेत्रीय विकास पर जोर दिया गया है।

पूर्णिया विश्वविद्यालय 2018 में स्थापित हुआ था और वर्तमान में 15 अंगीभूत (constituent) और 32 संबद्ध कॉलेजों से जुड़ा है। नए एफिलिएशन से यह संख्या बढ़ेगी, जिससे सीमांचल के पिछड़े क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार होगा।

30 जनवरी की सीनेट बैठक: क्यों महत्वपूर्ण?

सिंडिकेट बैठक में ही घोषणा की गई कि विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक 30 जनवरी को सीनेट हॉल में आयोजित होगी। यह बैठक राज्यपाल (कुलाधिपति) की अध्यक्षता में हो सकती है। सीनेट विश्वविद्यालय की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था है, जिसमें इन सभी फैसलों पर अंतिम अनुमोदन होगा। साथ ही वार्षिक बजट, नई नियुक्तियां और विकास योजनाओं पर चर्चा संभावित है।

पिछली सीनेट बैठकों में बजट पास और बड़े नीतिगत बदलाव हुए हैं। इस बार भी छात्र हित, शिक्षक बहाली और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रह सकता है।

प्रभाव: सीमांचल की शिक्षा पर सकारात्मक असर

ये फैसले पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के छात्रों के लिए वरदान साबित होंगे। वोकेशनल कोर्स से रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, जबकि नए संबद्ध कॉलेजों से प्रवेश क्षमता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ड्रॉपआउट रेट कम होगा और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा।

हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हैं – जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और शिक्षकों की बहाली। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि आउटसोर्सिंग और नए कोर्स से इनका समाधान होगा।

स्थानीय छात्र संगठनों ने फैसलों का स्वागत किया है, लेकिन सीनेट बैठक में फीस वृद्धि न होने और समय पर परीक्षा की मांग उठाई है।

उच्च शिक्षा की नई शुरुआत

पूर्णिया विश्वविद्यालय के ये फैसले सीमांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले हैं। 12 कॉलेजों की संबद्धता, वोकेशनल कोर्स और आउटसोर्सिंग की मंजूरी से हजारों छात्र लाभान्वित होंगे। 30 जनवरी की सीनेट बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लगेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि ये कदम क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएंगे।

Sources: दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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