Picture aircraft carrier USS Abraham LincoInPicture aircraft carrier USS Abraham LincoIn

23 जनवरी 2026, अमेरिका का USS अब्राहम लिंकन ईरान के निकट तैनात: अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति को और मजबूत करते हुए अपने सबसे शक्तिशाली न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) को ईरान के निकट तैनात कर दिया है। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी क्षेत्र में पहुंच रहा है। इस कदम पर ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया कि कोई भी अमेरिकी आक्रमण “क्षेत्र को आग में झोंक देगा”। ट्रंप प्रशासन की यह कार्रवाई ईरान के साथ बढ़ते तनाव, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच आई है।

पृष्ठभूमि: ट्रंप प्रशासन की कड़ी नीति

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में ईरान के साथ संबंध फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। ट्रंप ने पहले कार्यकाल में 2018 में ईरान न्यूक्लियर डील (JCPOA) से अमेरिका को अलग कर लिया था और “मैक्सिमम प्रेशर” नीति अपनाई थी। अब 2026 में ईरान में चल रहे प्रदर्शनों, हूती विद्रोहियों के हमलों और परमाणु कार्यक्रम की प्रगति को देखते हुए अमेरिका ने सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं।

हाल के हफ्तों में ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं, जिसमें ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, लाल सागर में हूती हमलों के जवाब में अमेरिका अतिरिक्त बल भेज रहा है। USS अब्राहम लिंकन की तैनाती इसी रणनीति का हिस्सा है।

तैनाती के विवरण: शक्तिशाली सैन्य प्रदर्शन

USS अब्राहम लिंकन निमित्ज़-क्लास का सुपरकैरियर है, जो 100,000 टन से अधिक वजनी है और 90 से ज्यादा लड़ाकू विमान ले जा सकता है, जिसमें F-35 स्टेल्थ फाइटर शामिल हैं। यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, क्रूजर और सबमरीन के साथ आता है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ग्रुप मलक्का स्ट्रेट पार करके भारतीय महासागर से होता हुआ मध्य पूर्व पहुंच रहा है और जल्द ही फारस की खाड़ी क्षेत्र में होगा।

पेंटागन ने कहा कि यह तैनाती “क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और सहयोगियों की रक्षा” के लिए है। अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियां भी भेजी जा रही हैं। जेरूसलम पोस्ट और USNI न्यूज के अनुसार, यह ट्रंप द्वारा वर्णित “बड़ी फ्लोटिला” का हिस्सा है।

ईरान की प्रतिक्रिया: कड़ी चेतावनी और तैयारी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिकी तैनाती को “उकसावा” करार दिया। IRGC कमांडर ने कहा कि अमेरिकी जहाज “हमारी मिसाइलों की रेंज में” हैं और कोई हमला “अ irreparable क्षति” पहुंचाएगा। ईरान ने अपनी नौसेना और मिसाइल बलों को अलर्ट पर रखा है।

ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर रहा है और ट्रंप की धमकियां “खोखली” हैं। तेहरान ने रूस और चीन से समर्थन मांगा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: चिंता और विभाजन

इजरायल ने अमेरिकी कदम का स्वागत किया, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे “ईरान के खिलाफ मजबूत संदेश” बताया। सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश भी चुपचाप समर्थन दे रहे हैं।

यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। चीन ने अमेरिकी “एकतरफा कार्रवाई” की निंदा की, जबकि रूस ने चेतावनी दी कि यह युद्ध को भड़का सकता है। भारत ने अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन ऊर्जा सुरक्षा और होर्मुज स्ट्रेट को देखते हुए चिंतित है।

प्रभाव: क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियां

यह तैनाती मध्य पूर्व में तनाव को नई ऊंचाई दे सकती है। तेल की कीमतें पहले ही बढ़ रही हैं, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व का 20% तेल गुजरता है। कोई संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप “सैन्य विकल्प” को मेज पर रखकर ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करना चाहते हैं। लेकिन गलत अनुमान से बड़ा युद्ध हो सकता है। हूती, हिजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी ग्रुप सक्रिय हो सकते हैं।

भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम ईरान से तेल आयात करते हैं और क्षेत्र में लाखों प्रवासी हैं।

निष्कर्ष: युद्ध की छाया या कूटनीति का मौका?

USS अब्राहम लिंकन की तैनाती अमेरिका की “अमेरिका फर्स्ट” नीति का प्रदर्शन है, लेकिन यह क्षेत्र को युद्ध के कगार पर ले जा रही है। आने वाले दिन बताएंगे कि यह सिर्फ दिखावा है या वास्तविक टकराव। विश्व समुदाय को कूटनीति पर जोर देना चाहिए ताकि शांति बनी रहे।

Sources: अल अरबिया

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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