22 जनवरी 2026, Purnia डीएम अंशुल कुमार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलेगा बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड: बिहार के पूर्णिया जिले के जिलाधिकारी अंशुल कुमार को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। भारत निर्वाचन आयोग ने उन्हें 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के सफल और उत्कृष्ट संचालन के लिए ‘बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड’ के लिए चुना है। 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनके हाथों यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान करेंगी। यह अवार्ड पूर्णिया जिले के लिए गौरव की बात है, क्योंकि राज्य में वोटिंग प्रतिशत और महिला मतदाताओं की भागीदारी में जिले ने टॉप पोजीशन हासिल की।
अवार्ड की घोषणा और इसका महत्व
राष्ट्रीय स्तर पर पूर्णिया की पहचान
भारत निर्वाचन आयोग हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज अवार्ड्स देता है। इसमें चुनाव प्रबंधन, मतदाता जागरूकता, निष्पक्षता और नवाचार के आधार पर जिलों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाता है। इस बार पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार को ‘बेस्ट इलेक्शन डिस्ट्रिक्ट अवार्ड’ मिलेगा। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे जिले की मेहनत का परिणाम है। चुनाव आयोग ने पूर्णिया को चुनाव संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चुना, जिसमें शांतिपूर्ण मतदान, उच्च मतदान प्रतिशत और व्यापक मतदाता शिक्षा अभियान शामिल हैं।
25 जनवरी का विशेष आयोजन
राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्रपति भवन या विज्ञान भवन में भव्य समारोह होता है, जहां राष्ट्रपति खुद अवार्ड वितरित करती हैं। इस बार अंशुल कुमार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मान मिलेगा। यह अवार्ड बिहार के लिए भी गर्व की बात है, क्योंकि राज्य के कई जिलों में चुनौतियां होने के बावजूद पूर्णिया ने राष्ट्रीय स्तर पर झंडा गाड़ा।
डीएम अंशुल कुमार का योगदान
चुनाव प्रबंधन में नवाचारी कदम
आईएएस अधिकारी अंशुल कुमार पूर्णिया के डीएम के रूप में अपनी कार्यशैली के लिए पहले से चर्चित हैं। 2025 विधानसभा चुनाव में उन्होंने कई नवाचारी कदम उठाए। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर SVEEP (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) कार्यक्रमों का आयोजन किया। विशेष रूप से महिला मतदाताओं और युवाओं को लक्ष्य बनाकर कैंपेन चलाए गए।
सुरक्षा और निष्पक्षता पर फोकस
पूर्णिया जैसे संवेदनशील जिले में चुनाव शांतिपूर्ण कराना बड़ी चुनौती थी। डीएम अंशुल कुमार ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। बूथों पर वेबकास्टिंग, सीसीटीवी और माइक्रो ऑब्जर्वर्स की तैनाती सुनिश्चित की। किसी भी तरह की अफवाह या हिंसा को रोकने के लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और फेक न्यूज पर त्वरित कार्रवाई की गई। नतीजा यह रहा कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संपन्न हुआ।
पूर्णिया जिले में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
वोटिंग प्रतिशत और महिला भागीदारी में अव्वल
2025 बिहार विधानसभा चुनाव में पूर्णिया जिले ने राज्य में सबसे ज्यादा वोटिंग प्रतिशत हासिल किया। महिला मतदाताओं की भागीदारी भी रिकॉर्ड स्तर पर रही। कई बूथों पर 80% से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। यह उपलब्धि डीएम के नेतृत्व में चलाए गए व्यापक जागरूकता अभियानों का नतीजा है। ग्रामीण महिलाओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने के लिए विशेष बस व्यवस्था और पिंक बूथ बनाए गए।
जिले के लिए गौरव की बात
यह पहली बार है जब पूर्णिया जिले को राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन के लिए इतना बड़ा सम्मान मिला है। स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने डीएम अंशुल कुमार को बधाई दी है। जिले के विधायकों और पूर्व अधिकारियों ने भी इसे पूर्णिया के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
आगे की राह और प्रेरणा
यह अवार्ड पूर्णिया जिले के लिए नई प्रेरणा है। डीएम अंशुल कुमार की यह सफलता अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगी। चुनाव आयोग का यह सम्मान लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पूर्णिया अब अन्य क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास में भी इसी जोश के साथ आगे बढ़ेगा। राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने से जिले का मान पूरे देश में बढ़ेगा।
यह उपलब्धि बताती है कि सही नेतृत्व और मेहनत से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। पूर्णिया के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं और 25 जनवरी का इंतजार कर रहे हैं, जब उनका डीएम राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होगा।
Sources: दैनिक भास्कर