19 जनवरी 2026, Anant Singh का वायरल वीडियो: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बाहुबली विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में हैं। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पटना के प्रतिष्ठित इंडियन गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) अस्पताल परिसर में खुलेआम सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बैकग्राउंड में बॉलीवुड फिल्म ‘खलनायक’ का मशहूर गाना “नायक नहीं खलनायक हूं मैं” बज रहा है, जिससे इसे रील की तरह एडिट किया गया लगता है। यह घटना बिहार के ‘सुशासन’ मॉडल पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘दुलारे’ को मिलने वाली विशेष सुविधाओं का प्रमाण बताकर तीखा हमला बोला है।
अनंत सिंह: बाहुबली से विधायक तक का सफर
अनंत सिंह बिहार की राजनीति में ‘बाहुबली’ के रूप में मशहूर हैं। मोकामा विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक चुने गए अनंत सिंह पर हत्या, अपहरण और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। वर्तमान में वे पटना की बेउर जेल में बंद हैं। उन पर राजद नेता दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप है, जिस मामले में वे सजा काट रहे हैं। जेल में होने के बावजूद, अनंत सिंह ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू टिकट पर भारी मतों से जीत हासिल की थी। उनकी पत्नी नीलम देवी भी पहले विधायक रह चुकी हैं और हाल ही में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी, जिसे ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया।
अनंत सिंह को स्वास्थ्य कारणों से नियमित मेडिकल चेकअप के लिए जेल से बाहर लाया जाता है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 17-18 जनवरी 2026 का है, जब उन्हें IGIMS में रूटीन जांच के लिए लाया गया था। वीडियो में अनंत सिंह समर्थकों और पुलिसकर्मियों से घिरे हुए हैं। वे अस्पताल के हॉल से बाहर निकलते हुए सिगरेट सुलगाते और फूंकते दिख रहे हैं। आसपास मौजूद लोग उन्हें घेरे हुए हैं, लेकिन कोई रोकटोक नहीं दिख रही। वीडियो की लंबाई करीब 20-30 सेकंड की है और इसे ‘खलनायक’ गाने के साथ एडिट कर सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिससे यह रातोंरात वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक बवाल
वीडियो सामने आते ही बिहार की राजनीति में हड़कंप मच गया। RJD ने इसे नीतीश कुमार सरकार के ‘सुशासन’ की पोल खोलने वाला बताया। पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने वीडियो शेयर करते हुए तंज कसा, “नीतीश जी का दुलारा खलनायक अस्पताल में सिगरेट पीते हुए रीलबाजी कर रहे हैं। सुशासन को धुएं में उड़ा दिया!” RJD ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह को VIP ट्रीटमेंट मिल रहा है, जबकि आम कैदी या नागरिकों पर नियम सख्ती से लागू होते हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि जेल मैनुअल और अस्पताल नियमों की इतनी खुली धज्जियां कैसे उड़ाई जा रही हैं?
RJD के अलावा अन्य विपक्षी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधा। कुछ नेताओं ने इसे ‘वीआईपी कल्चर’ का उदाहरण बताया, जहां सत्ता से जुड़े लोग कानून से ऊपर हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी हैरानी जताई कि अस्पताल जैसे संवेदनशील जगह पर, जहां मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है, धूम्रपान कैसे हो सकता है? कई यूजर्स ने पूछा कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन कहां था?
जदयू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पार्टी इसे व्यक्तिगत मामला बता सकती है। IGIMS प्रशासन ने भी चुप्पी साध रखी है, लेकिन इस घटना से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी उल्लंघन और उठते सवाल
यह घटना कई कानूनी प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। भारत में सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट (COTPA) 2003 के तहत सार्वजनिक स्थानों, खासकर अस्पतालों में धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। अस्पताल परिसर ‘नो स्मोकिंग जोन’ होता है, जहां धूम्रपान न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह मरीजों और स्टाफ के लिए भी असुरक्षित है।
जेल में बंद कैदी को बाहर लाने के नियम भी सख्त हैं। जेल मैनुअल के अनुसार, मेडिकल चेकअप के दौरान कैदी पर कड़ी निगरानी होनी चाहिए। यहां अनंत सिंह समर्थकों से घिरे घूमते और सिगरेट पीते दिख रहे हैं, जो सुरक्षा चूक को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना कानून के दोहरे मापदंड को उजागर करती है – आम नागरिकों के लिए सख्ती, लेकिन प्रभावशाली लोगों के लिए छूट।
व्यापक प्रभाव और भविष्य
यह वीडियो बिहार में चल रही राजनीतिक बहस को और गरमा रहा है। नीतीश कुमार लंबे समय से ‘सुशासन’ का दावा करते रहे हैं, लेकिन ऐसे मामले उनके मॉडल पर सवाल खड़े करते हैं। अनंत सिंह जैसे बाहुबली नेताओं का सत्ता से निकटता हमेशा विवादास्पद रही है। जेल में रहते हुए चुनाव जीतना और बाहर विशेष सुविधाएं मिलना – ये मुद्दे बिहार की आपराधिक राजनीति पर बहस छेड़ते हैं।
अब देखना यह है कि IGIMS या जेल प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई करता है या नहीं। यदि कोई जांच होती है, तो यह बिहार सरकार के लिए बड़ा इम्तिहान होगा। फिलहाल, वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। क्या यह सिर्फ एक वीडियो है या व्यवस्था की गहरी खामी का संकेत? जवाब समय बताएगा।
Sources: इंडिया टीवी