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18 जनवरी 2026, Bihar में वन्यजीव तस्करी का सनसनीखेज खुलासा: बिहार के मधुबनी जिले में वन विभाग ने वन्यजीवों की खाल की अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। झंझारपुर क्षेत्र में गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी में विभाग ने पूर्व मंत्री के पुत्र सहित चार तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों से एक तेंदुए की खाल और चित्तल हिरण की खालें बरामद हुईं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.80 करोड़ रुपये आंकी गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब्त खालें झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र से शिकार करके लाई गईं बताई जा रही हैं। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत की गई है और मामले की गहराई से जांच जारी है।

घटना का विवरण: रंगे हाथों पकड़े गए तस्कर

घटना 17 जनवरी 2026 की है, जब वन विभाग को गुप्त सूचना मिली कि झंझारपुर में एक बड़ी डील होने वाली है। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक पूर्व मंत्री का बेटा भी शामिल है, जो इस गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया जा रहा है। अन्य आरोपी स्थानीय तस्कर हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे।

तलाशी में एक तेंदुए की पूरी खाल और दो चित्तल हिरण (स्पॉटेड डियर) की खालें बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये खालें ताजा शिकार की हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की योजना थी। डील की राशि 1.80 करोड़ रुपये बताई गई, जो इस गिरोह की पहुंच और नेटवर्क की गहराई को दर्शाती है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए, जिनसे पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

पलामू टाइगर रिजर्व से कनेक्शन: शिकार का अंतरराज्यीय खेल

यह मामला और भी गंभीर हो जाता है क्योंकि जब्त खालें झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही हैं। पलामू टाइगर रिजर्व भारत के सबसे पुराने टाइगर रिजर्व्स में से एक है, जिसकी स्थापना 1974 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत हुई थी। यहां बाघ, तेंदुआ, हिरण और अन्य दुर्लभ वन्यजीवों की अच्छी आबादी है। लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां शिकार और तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिकारी पलामू के जंगलों में फंदे लगाकर या जहर देकर इन जानवरों का शिकार करते हैं, फिर खालें बिहार या अन्य राज्यों में तस्करों तक पहुंचाई जाती हैं। ये खालें मुख्य रूप से चीन, थाईलैंड और अन्य एशियाई देशों में ऊंची कीमत पर बिकती हैं, जहां इन्हें पारंपरिक दवाओं या सजावट के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में बिहार और झारखंड के वन विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की जरूरत बताई जा रही है।

कानूनी कार्रवाई और वन्यजीव संरक्षण कानून

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। तेंदुआ और चित्तल हिरण दोनों शेड्यूल-1 के अंतर्गत आते हैं, जिनका शिकार या व्यापार पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ मिलकर की गई। पूर्व मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है, क्योंकि इससे सफेदपोश लोगों के काले धंधों का पर्दाफाश हुआ है।

वन्यजीव तस्करी की बढ़ती समस्या: बिहार और झारखंड में चुनौतियां

भारत में वन्यजीव तस्करी एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अपराध है। ट्रैफिक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हर साल सैकड़ों तेंदुए और हिरण शिकार का शिकार होते हैं। बिहार में नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों और झारखंड के जंगलों से यह धंधा फल-फूल रहा है। पलामू टाइगर रिजर्व में पहले भी कई शिकारी गिरोह पकड़े जा चुके हैं, जहां बंदूकें, फंदे और हड्डियां बरामद हुई थीं।

इस घटना से पर्यावरण प्रेमियों और संरक्षणवादियों में आक्रोश है। वे कहते हैं कि सफेदपोश लोगों का शामिल होना इस धंधे को और मजबूत बनाता है। सरकार को न केवल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, बल्कि जंगलों में गश्त बढ़ानी चाहिए और स्थानीय समुदायों को जागरूक करना चाहिए।

निष्कर्ष: संरक्षण के लिए एकजुटता की जरूरत

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि वन्यजीव तस्करी केवल गरीब शिकारियों का धंधा नहीं, बल्कि इसमें बड़े लोग भी शामिल हैं। पूर्व मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी से समाज में नैतिकता के सवाल उठे हैं। पलामू टाइगर रिजर्व जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। अगर ऐसे नेटवर्क नहीं रोके गए तो दुर्लभ प्रजातियां विलुप्त हो जाएंगी। वन विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन आगे और सख्ती की जरूरत है ताकि वन्यजीवों को बचाया जा सके।

Sources: हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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