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17 जनवरी 2026, Purnia में उत्पाद विभाग पर जानलेवा हमला: Purnia जिले में शराब माफियाओं की बढ़ती दादागिरी एक बार फिर सामने आई है। 16 जनवरी 2026 को शाम करीब 7:30 बजे, केनगर थाना क्षेत्र के झील टोला में उत्पाद विभाग की टीम अवैध शराब की बिक्री और भंडारण की गुप्त सूचना पर छापेमारी करने पहुंची। टीम ने एक घर की घेराबंदी की और तलाशी शुरू की, तभी आरोपी कुंदन कुमार उरांव ने अचानक हमला बोल दिया। उसने कमर से चाकू निकालकर सिपाही शुभम कुमार पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे सिपाही के सीने और हाथ पर गहरे घाव लगे। घायल सिपाही को तुरंत पूर्णिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। उत्पाद विभाग की टीम ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन हमले से टीम के अन्य सदस्य भी स्तब्ध रह गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, झील टोला क्षेत्र शराब तस्करी का हॉटस्पॉट बन चुका है, जहां नेपाल सीमा से सटे होने के कारण अवैध शराब की सप्लाई आसानी से होती है। इस छापेमारी में कोई शराब बरामद नहीं हुई, लेकिन हमले ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस और उत्पाद विभाग की प्रतिक्रिया

उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त नीरज कुमार रंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि टीम को स्पष्ट सूचना मिली थी कि आरोपी के घर में शराब का स्टॉक है। छापेमारी के दौरान आरोपी ने विरोध किया और सिपाही शुभम कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया। शुभम कुमार मूल रूप से शेखपुरा जिले के सिरारी थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और 26 वर्ष के हैं। उन्हें सीने और हाथ पर कई घाव लगे, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अब उनकी हालत खतरे से बाहर है।

पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी दर्ज की और आरोपी कुंदन कुमार उरांव को हिरासत में ले लिया। वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल सिपाही का हालचाल लिया। उत्पाद विभाग ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे हमलों से उनका मनोबल नहीं टूटेगा और शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी के साथ अन्य तस्कर भी जुड़े हैं या नहीं। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।

स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया और दहशत का माहौल

झील टोला के स्थानीय निवासियों में इस घटना से गहरा आक्रोश और भय व्याप्त है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शराब तस्कर इलाके में बेखौफ घूमते हैं और पुलिस की छापेमारी पर हमला करना अब आम हो गया है। “हमारे इलाके में शाम ढलते ही शराब की बिक्री शुरू हो जाती है, लेकिन पुलिस कार्रवाई कमजोर है,” उन्होंने कहा। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है, लोग शाम को घर से निकलने से डर रहे हैं।

शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता संघों ने भी इस हमले की निंदा की है। एक शिक्षक संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि अगर पुलिस टीम पर ही हमला हो रहा है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या? उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि शराब तस्करी पर सख्ती बरती जाए और सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाई जाए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चा है, जहां लोग बिहार में शराबबंदी कानून की विफलता पर सवाल उठा रहे हैं।

घटना का विश्लेषण और व्यापक प्रभाव

यह घटना बिहार में शराबबंदी कानून की हकीकत को उजागर करती है। 2016 से लागू शराबबंदी के बावजूद, पूर्णिया जैसे सीमांचल जिलों में तस्करी फल-फूल रही है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण शराब की आसान सप्लाई होती है, और माफिया पुलिस पर हमला करके बच निकलते हैं। इस हमले में सिपाही की जान जोखिम में पड़ गई, जो दर्शाता है कि तस्कर कितने बेखौफ हो चुके हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पाद विभाग को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना चाहिए। ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी और लोकल इंटेलिजेंस नेटवर्क से तस्करी पर अंकुश लग सकता है। साथ ही, पुलिस को विशेष ट्रेनिंग और हथियार दिए जाने चाहिए ताकि छापेमारी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित हो। इस घटना से उत्पाद विभाग के कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है, लेकिन अगर सख्त कार्रवाई न हुई तो ऐसी वारदातें बढ़ेंगी। पूर्णिया जिले में पिछले एक साल में शराब से जुड़ी 50 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं, जो चिंताजनक है।

आगे की कार्रवाई और सुझाव

पुलिस ने आरोपी कुंदन कुमार उरांव के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (जानलेवा हमला), 353 (सरकारी कार्य में बाधा) और उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच टीम गठित की गई है, जो आरोपी के कनेक्शन जांच रही है। जिला प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

सुझाव के रूप में, सरकार को शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। लोकल मुखबिरों को प्रोत्साहन देकर सूचनाएं एकत्र की जा सकती हैं। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकपोस्ट बढ़ाने से तस्करी रुकेगी। यदि ऐसी घटनाएं जारी रहीं, तो यह बिहार की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाएगी। घायल सिपाही शुभम कुमार की शीघ्र स्वस्थता की कामना करते हुए, उम्मीद है कि न्याय होगा और दोषी को कड़ी सजा मिलेगी।

Sources: ज़ी न्यूज़

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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