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17 जनवरी 2026, ‘Trump का ‘Board Of Peace’: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump ने गाजा संघर्ष के स्थायी समाधान के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की है। जनवरी 2026 में घोषित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा के पोस्ट-वार गवर्नेंस, रिकंस्ट्रक्शन और डेमिलिटराइजेशन की देखरेख करेगा। यह बोर्ड Trump के 20-पॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान का प्रमुख हिस्सा है, जिसे अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए सीजफायर के बाद फेज टू में लागू किया जा रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह बोर्ड अंतरराष्ट्रीय संसाधनों को जुटाएगा और गाजा को संघर्ष से विकास की ओर ले जाएगा।

बोर्ड ऑफ पीस का गठन और संरचना

Trump खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं। यह एक फाउंडिंग एक्जीक्यूटिव बोर्ड के साथ काम करेगा, जिसमें दुनिया भर के प्रमुख नेता और विशेषज्ञ शामिल हैं। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य गाजा की अस्थायी गवर्नेंस की निगरानी करना है, जो एक फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक कमिटी (नेशनल कमिटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा – NCAG) के माध्यम से संचालित होगी।

व्हाइट हाउस की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, बोर्ड अंतरराष्ट्रीय स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) के साथ मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण पर जोर देगा। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद रेजोल्यूशन 2803 (2025) से समर्थित है।

प्रमुख सदस्य और उनकी भूमिकाएं

बोर्ड के फाउंडिंग एक्जीक्यूटिव मेंबर्स में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • मार्को रूबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री, जो क्षेत्रीय संबंधों और कूटनीति पोर्टफोलियो संभालेंगे।
  • सर टोनी ब्लेयर: पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री, मिडिल ईस्ट में लंबा अनुभव रखते हैं और गवर्नेंस कैपेसिटी बिल्डिंग में योगदान देंगे।
  • जारेड कुश्नर: Trump के दामाद और पूर्व सलाहकार, जिन्होंने अब्राहम अकोर्ड्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  • स्टीव विटकॉफ: Trump के मिडिल ईस्ट स्पेशल एन्वॉय, रिकंस्ट्रक्शन और निवेश आकर्षण के लिए जिम्मेदार।
  • मार्क रोवन: अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ, बड़े पैमाने पर फंडिंग और कैपिटल मोबिलाइजेशन देखेंगे।
  • अजय बंगा: वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट, आर्थिक विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर में विशेषज्ञता।
  • रॉबर्ट गेब्रियल: Trump के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर।

इसके अलावा, निकोलय म्लाडेनोव को गाजा के लिए हाई रिप्रेजेंटेटिव नियुक्त किया गया है, जो बोर्ड और NCAG के बीच ऑन-ग्राउंड लिंक होंगे। मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स के कमांडर हैं।

गाजा एक्जीक्यूटिव बोर्ड में तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान, यूएई की रीम अल-हाशिमी और अन्य शामिल हैं, जो दैनिक गवर्नेंस में सहायता करेंगे। NCAG का नेतृत्व डॉ. अली शा’थ कर रहे हैं, जो एक सम्मानित टेक्नोक्रेट हैं।

बोर्ड के मुख्य उद्देश्य और जिम्मेदारियां

बोर्ड ऑफ पीस का फोकस गाजा को टेरर-फ्री जोन बनाने, पब्लिक सर्विसेज बहाल करने और लंबे समय तक आत्मनिर्भर गवर्नेंस स्थापित करने पर है। प्रमुख जिम्मेदारियां:

  • हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए फंडिंग जुटाना।
  • फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक कमिटी की देखरेख और क्षमता निर्माण।
  • मानवीय सहायता की सुरक्षित डिलीवरी और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना।

Trump ने इसे “सबसे प्रतिष्ठित बोर्ड” बताया है, जो गाजा को संघर्ष से समृद्धि की ओर ले जाएगा।

20-पॉइंट प्लान का संक्षिप्त अवलोकन

Trump का कॉम्प्रिहेंसिव प्लान अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ, जिसमें पहला फेज होस्टेज रिलीज और सीजफायर पर केंद्रित था। अब फेज टू में रिकंस्ट्रक्शन और डेमिलिटराइजेशन शामिल है। प्लान के प्रमुख तत्व:

  • गाजा की अस्थायी अंतरराष्ट्रीय निगरानी।
  • फिलिस्तीनी अथॉरिटी की सुधार के बाद नियंत्रण हस्तांतरण।
  • बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा प्रयास बताया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं और चुनौतियां

इस पहल को इजरायल और कुछ अरब देशों से समर्थन मिला है, लेकिन आलोचनाएं भी हैं। टोनी ब्लेयर की नियुक्ति विवादास्पद है, क्योंकि इराक युद्ध में उनकी भूमिका के कारण कई अरब देशों में विरोध है। कुछ विश्लेषक इसे “विजेता की शर्तें” मानते हैं, जिसमें फिलिस्तीनी स्टेटहुड का स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

हमास और इजरायल दोनों सीजफायर उल्लंघनों का आरोप लगा रहे हैं। सहायता की कमी और छिटपुट हिंसा जारी है। सफलता के लिए पूर्ण सहयोग जरूरी है।

निष्कर्ष

Trump का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा के लिए एक नया अध्याय खोल सकता है, जहां संघर्ष की जगह स्थिरता और विकास हो। प्रमुख वैश्विक नेताओं की भागीदारी से उम्मीद जगी है, लेकिन चुनौतियां बड़ी हैं। अगर सभी पक्ष सहयोग करें, तो यह मिडिल ईस्ट में लंबे समय से प्रतीक्षित शांति का आधार बन सकता है। आने वाले सप्ताहों में और सदस्यों की घोषणा से तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Sources: द गार्डियन

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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