16 जनवरी 2026, Sensex 187 अंक ऊपर बंद, NIFTY 25,694 पर बंद: 16 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने आईटी सेक्टर की मजबूत प्रदर्शन के दम पर सकारात्मक नोट पर बंद हुआ। BSE Sensex 187.64 अंक या 0.23% ऊपर चढ़कर 83,570.35 पर बंद हुआ, जबकि NSE NIFTY 28.75 अंक या 0.11% की बढ़त के साथ 25,694.35 पर पहुंचा। यह बढ़त मुख्य रूप से इंफोसिस के मजबूत तिमाही नतीजों और FY26 के राजस्व वृद्धि गाइडेंस में बढ़ोतरी से प्रेरित थी, जिसने आईटी शेयरों में तेजी लाई। सप्ताह के अंत में बाजार ने मामूली उतार-चढ़ाव देखा, जहां NIFTY 0.04% ऊपर रहा, जबकि Sensex 0.01% नीचे बंद हुआ। विदेशी फंड आउटफ्लो और अमेरिकी व्यापार समझौते की चिंताओं के बावजूद, आईटी और बैंकिंग सेक्टर ने बाजार को सहारा दिया।
बाजार अवलोकन
Sensex का प्रदर्शन
Sensex ने दिन की शुरुआत सकारात्मक रूप से की और इंट्राडे में 752.26 अंक ऊपर चढ़कर 84,134.97 के उच्च स्तर पर पहुंचा। हालांकि, देर सत्र में लाभ में कटौती हुई और यह 187.64 अंक ऊपर बंद हुआ। टॉप गेनर्स में इंफोसिस (5-6% ऊपर), टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और टेक महिंद्रा शामिल थे। वहीं, फार्मा और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में गिरावट से बाजार पर दबाव पड़ा। ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप इंडेक्स 0.15% ऊपर रहा, जबकि स्मॉलकैप 0.45% नीचे बंद हुआ।
NIFTY का प्रदर्शन
NIFTY ने भी समान पैटर्न दिखाया, जहां यह 30.45 अंक ऊपर 25,696.05 पर खुला और इंट्राडे में 25,873.50 के उच्च स्तर पर पहुंचा। बंद होने पर यह 28.75 अंक ऊपर रहा। NIFTY आईटी इंडेक्स 3% ऊपर चढ़ा, जबकि फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1% से अधिक नीचे रहे। बाजार में दोजी-जैसा कैंडलस्टिक पैटर्न बना, जो अनिश्चितता दर्शाता है, जहां प्रतिरोध 25,780 और समर्थन 25,650 पर है।
क्षेत्रीय विश्लेषण
IT क्षेत्र की मजबूती
IT सेक्टर बाजार की रैली का मुख्य ड्राइवर रहा। इंफोसिस ने Q3 में 6,654 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, हालांकि सालाना आधार पर 2.2% कम, लेकिन कंपनी ने FY26 राजस्व वृद्धि गाइडेंस 3-4% बढ़ा दी। इससे इसके शेयरों में 5% से अधिक की तेजी आई, जो पूरे सेक्टर में फैली। टीसीएस, विप्रो (4% ऊपर), एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा ने भी लाभ कमाया। आईटी इंडेक्स सप्ताह में 2.8% ऊपर रहा, जो Q3 नतीजों से उत्साहित था। वैश्विक स्तर पर, एशियाई बाजारों में टेक इंडेक्स रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा, जो भारतीय आईटी को सपोर्ट कर रहा है।
अन्य क्षेत्रों का प्रदर्शन
पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर 0.5-3% ऊपर रहे, जहां एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के Q3 नतीजे कल आने वाले हैं। वहीं, मेटल, एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर में गिरावट देखी गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने लगातार बिकवाली की, जो बाजार पर दबाव डाल रही है।
प्रमुख शेयर और नतीजे
इंफोसिस और टीसीएस ने बाजार को सहारा दिया, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के Q3 नतीजे आज शाम आने वाले हैं, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। अन्य कंपनियों जैसे एलटीटीएस ने FY26 ग्रोथ गाइडेंस घटाई, जबकि एचडीएफसी लाइफ का लाभ 7% ऊपर रहा। टॉप गेनर्स में इंफोसिस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक शामिल थे, जबकि लूजर्स में फार्मा शेयर प्रमुख थे।
वैश्विक प्रभाव
एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुझान रहा, जहां टेक इंडेक्स रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा। हालांकि, अमेरिकी व्यापार समझौते की चिंताएं और ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीतियां बाजार को प्रभावित कर रही हैं। भारत-ईयू एफटीए पर 27 जनवरी को समझौता संभव है, जो वाइन पर टैरिफ कम कर सकता है। रुपया 90.87 पर बंद हुआ।
आउटलुक
आने वाले दिनों में Q3 नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे। सेबी का विदेशी फंडों के लिए ट्रेड नेटिंग प्रस्ताव निवेश को बढ़ावा दे सकता है। निवेशक बजट अपेक्षाओं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों पर नजर रखेंगे। बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन आईटी सेक्टर में रिकवरी की उम्मीद है।
निष्कर्ष
16 जनवरी का बाजार सत्र आईटी सेक्टर की मजबूती से सकारात्मक रहा, हालांकि लाभ सीमित रहा। इंफोसिस जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, लेकिन विदेशी आउटफ्लो और सेक्टरल दबाव ने उत्साह को कम किया। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि Q3 नतीजे और वैश्विक बाजार को प्रभावित करेंगे। यह सप्ताह बाजार की लचीलापन दर्शाता है।
Sources: BSE वेबसाइट, NSE वेबसाइट