Bihar Bhu MapiBihar Bhu Mapi

16 जनवरी 2026, Bihar में भूमि मापी मेगा अभियान: Bihar सरकार ने भूमि विवादों को जड़ से खत्म करने और भूमि रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। 26 जनवरी 2026 से शुरू होने वाला ‘भूमि मापी महाभियान’ राज्य के सभी 38 जिलों में चलेगा और 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत लगभग 3 लाख से अधिक नए घरों और भूमि पार्सलों की सूची तैयार की गई है, जो पिछले सर्वेक्षणों से प्राप्त डेटा पर आधारित है। उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसे ‘सप्त निश्चय-3’ नीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह “तेज सेवा और लंबी देरी के उन्मूलन” का वादा करता है। यह अभियान भूमि मालिकों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से न्याय प्रदान करेगा, जिससे दशकों पुराने विवाद समाप्त होंगे।

पृष्ठभूमि: Bihar में भूमि विवादों की समस्या

Bihar में भूमि विवाद एक गंभीर मुद्दा है। राज्य में लगभग 60-70% दीवानी और आपराधिक मामले भूमि से जुड़े होते हैं। 2023 में शुरू हुए विशेष भूमि सर्वेक्षण को कई बार विस्तार दिया गया है, और अब इसे जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहले यह जुलाई 2025 तक समाप्त होना था, लेकिन जटिलताओं के कारण समय बढ़ाया गया। 2025 में चले ‘राजस्व महा अभियान’ में घर-घर जाकर रिकॉर्ड सुधारने का काम किया गया, जिसमें नाम, खाता संख्या और क्षेत्रफल जैसी गलतियां ठीक की गईं। इस अभियान में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए गए, और लाखों आवेदनों का निपटारा हुआ।

भूमि सर्वेक्षण का उद्देश्य रिकॉर्ड को आधुनिक बनाना और विवादों को समाप्त करना है। गया जिले के अतरी अंचल में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट से पता चला कि एक अंचल में सभी मौजा (राजस्व गांव) का सर्वे एक साथ पूरा करने से दक्षता बढ़ती है। राज्य में 46 लाख से अधिक लोगों का सर्वे अभी बाकी है, जो मुख्य रूप से प्रवासी या दूर रहने वाले मालिकों के कारण है। 1 जनवरी 2026 से सभी भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, जिससे दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अभियान का विस्तृत विवरण

यह महाभियान पूरी तरह ऑनलाइन आधारित है। आवेदक ‘बिहार भूमि ई-मापी पोर्टल’ के माध्यम से आवेदन करेंगे, जहां उन्हें जमीन को अविवादित या विवादित बताना होगा। यदि विवादित है, तो अंचल अधिकारी तीन दिनों में विवाद की प्रकृति स्पष्ट करेंगे। उसके बाद सर्वेयर नियुक्त किया जाएगा। सीमा धारकों को रजिस्टर्ड पोस्ट और SMS से नोटिस भेजा जाएगा।

  • अविवादित जमीन: मापी 7 दिनों में पूरी होगी।
  • विवादित जमीन: मापी 11 दिनों में पूरी होगी।

मापी रिपोर्ट में आवेदक विवरण, जमीन की जानकारी, स्केच मैप, मालिक और सीमा धारक डेटा तथा सर्वेयर की टिप्पणियां शामिल होंगी, जो 14 दिनों में ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। शुल्क: ग्रामीण क्षेत्र में प्रति खेसरा 500 रुपये, शहरी में 1,000 रुपये; अर्जेंट मामलों में दोगुना। विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती की जाएगी, और जिला कलेक्टर अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग कर सकेंगे। सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात होगी।

यह अभियान 31 दिसंबर 2025 तक प्राप्त सभी पेंडिंग आवेदनों को भी निपटाएगा।

लाभ और प्रभाव

यह अभियान भूमि मालिकों को बड़ी राहत देगा। विवादों के समाधान से अदालती बोझ कम होगा, और पारदर्शिता बढ़ेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया से भ्रष्टाचार रुकेगा, और मध्यस्थों की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसानों को सरकारी योजनाओं तक आसान पहुंच मिलेगी, जैसे कि ऋण या सब्सिडी। राज्य में 3 लाख नए घरों की सूची से आवास योजनाओं को बल मिलेगा। आर्थिक रूप से, विवादों से होने वाला नुकसान कम होगा, जो राज्य की GDP को प्रभावित करता है।

चुनौतियां और समाधान

चुनौतियां प्रवासी मालिकों की अनुपस्थिति, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी और पुराने रिकॉर्ड की जटिलता। समाधान के रूप में, स्व-घोषणा की समयसीमा मार्च 2025 तक बढ़ाई गई है, और न्यूनतम दस्तावेज जैसे राजस्व रसीद या म्यूटेशन रिकॉर्ड पर्याप्त हैं। पायलट प्रोजेक्ट से सीख लेकर प्रक्रिया सुधारी गई है। जागरूकता कैंप और हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की जाएगी।

भविष्य की योजनाएं

अभियान की सफलता पर, इसे स्थायी बना कर पूरे सर्वेक्षण को दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म को और मजबूत किया जाएगा, जिसमें जीपीएस आधारित मापी और एआई टूल शामिल हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सभी भूमि रिकॉर्ड डिजिटल और विवाद-मुक्त हों।

निष्कर्ष

Bihar का भूमि मापी महाभियान एक क्रांतिकारी कदम है, जो नीतीश सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल विवादों को सुलझाएगा बल्कि डिजिटल Bihar की दिशा में मजबूत आधार रखेगा। नागरिकों को सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए, ताकि यह अभियान सफल हो। इससे राज्य में शांति और विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Sources: हिंदुस्तान

By Mohd Abdush Shahid

Mohd Abdush Shahid is Founder and content creator at www.views24.in, specializing in news analysis, feature reporting, and in-depth storytelling. With a keen eye for detail and a passion for uncovering impactful narratives, Mohd Abdush Shahid delivers trusted, engaging content that keeps readers informed and inspired.

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