15 जनवरी 2026, Iran में भारतीयों को चेतावनी और उड़ान रद्दीकरण: भारत सरकार ने Iran में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एक तत्काल यात्रा चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी गई है। भारतीय दूतावास, तेहरान ने कहा कि Iran की विकसित होती सुरक्षा स्थिति के कारण, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों सहित सभी भारतीय नागरिकों को उपलब्ध परिवहन साधनों से देश छोड़ना चाहिए। इसके साथ ही, ईरान के हवाई क्षेत्र के अस्थायी बंद होने से एयर इंडिया ने तीन अमेरिकी उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि इंडिगो की एक उड़ान बाकू लौट आई। यह स्थिति Iran में चल रहे विरोध प्रदर्शनों, आर्थिक संकट और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से जुड़ी है, जहां हजारों की मौत हो चुकी है। इस रिपोर्ट में हम इस घटना के कारणों, प्रभावों और भारत सरकार की प्रतिक्रिया का विश्लेषण करेंगे।
Iran की वर्तमान स्थिति
Iran में पिछले कुछ हफ्तों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, जो मुद्रास्फीति, मुद्रा के पतन और सरकारी दमन के खिलाफ हैं। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, दमन में हजारों लोग मारे गए हैं, और गिरफ्तारियां लाखों में हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दमन जारी रहा तो सैन्य कार्रवाई हो सकती है, हालांकि उन्होंने कहा कि हमला ‘निर्णायक’ होगा लेकिन युद्ध नहीं भड़काएगा। इस बीच, Iran ने अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जो लगभग पांच घंटे तक चला, लेकिन अब फिर से खुल गया है। यह बंदी संभावित अमेरिकी हमले की आशंका से जुड़ी बताई जा रही है।
भारतीय दूतावास की चेतावनी
चेतावनी के मुख्य बिंदु
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 5 जनवरी 2026 की अपनी पिछली सलाह को दोहराते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों को Iran की यात्रा से बचना चाहिए। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 14 जनवरी को एक नई एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि Iran में मौजूद सभी भारतीयों को तुरंत देश छोड़ना चाहिए। एडवाइजरी में प्रदर्शनों वाले क्षेत्रों से दूर रहने, दूतावास से संपर्क बनाए रखने और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है। अनुमान है कि ईरान में लगभग 10,000 भारतीय हैं, जिनमें कई छात्र और व्यापारी शामिल हैं।
कश्मीरी अभिभावकों की अपील
कश्मीर से कई छात्र Iran में अध्ययन कर रहे हैं। उनके माता-पिता ने केंद्र सरकार से अपील की है कि उनके बच्चों को सुरक्षित निकाला जाए। सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों ने स्थिति को हल्के में लेते हुए वीडियो पोस्ट किए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह जोखिमपूर्ण है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य देशों ने भी अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
उड़ान रद्दीकरण और प्रभाव
Iran हवाई क्षेत्र का बंद होना
Iran ने 14 जनवरी की रात को अपने हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जो अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़ा था। यह बंदी लगभग चार-पांच घंटे तक रही, लेकिन वैश्विक उड़ानों पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा। अब हवाई क्षेत्र फिर से खुल गया है, लेकिन एयरलाइंस अभी भी वैकल्पिक रूट्स का उपयोग कर रही हैं।
भारतीय एयरलाइंस पर प्रभाव
एयर इंडिया ने तीन उड़ानें रद्द कीं: दिल्ली-न्यूयॉर्क जेएफके (AI 101), दिल्ली-न्यूर्क (AI 105) और मुंबई-न्यूयॉर्क (AI 119)। एयरलाइन ने कहा कि वैकल्पिक रूट्स से उड़ानें लंबी हो रही हैं, जिससे देरी हो रही है। इंडिगो की एक उड़ान को बाकू वापस लौटना पड़ा, और अन्य उड़ानें प्रभावित हुईं। स्पाइसजेट ने भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रभाव की बात कही। ये रद्दीकरण यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों को प्रभावित कर रहे हैं, जहां ईरान का हवाई क्षेत्र महत्वपूर्ण है।
प्रभाव और सरकारी प्रतिक्रिया
भारतीय नागरिकों पर प्रभाव
Iran में भारतीयों की सुरक्षा चिंता का विषय है। कई परिवार, विशेष रूप से कश्मीर से, चिंतित हैं और निकासी की मांग कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी समकक्ष से बात की, लेकिन विवरण नहीं दिए गए। उड़ान रद्दीकरण से यात्रियों को असुविधा हो रही है, और एयरलाइंस रिबुकिंग और रिफंड की पेशकश कर रही हैं।
वैश्विक संदर्भ
यह स्थिति वैश्विक एयरलाइंस को प्रभावित कर रही है, जैसे लुफ्थांसा ने ईरान उड़ानें स्थगित कीं। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। Iran की स्थिति अनिश्चित है, और यदि तनाव बढ़ा तो और रद्दीकरण हो सकते हैं।
निष्कर्ष
Iran की अस्थिरता ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और यात्रा को जोखिम में डाल दिया है। सरकार की तत्काल एडवाइजरी और एयरलाइंस की कार्रवाई सराहनीय हैं, लेकिन स्थिति की निगरानी जरूरी है। भारतीयों को सलाह है कि वे दूतावास से संपर्क करें और सुरक्षित रहें। यदि तनाव कम हुआ तो सामान्यता लौट सकती है, लेकिन फिलहाल सतर्कता बरतें।
Sources: एनडीटीवी, हिंदुस्तान टाइम्स